BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव:: 37 में से 14 राज्यों में प्रदेश अध्यक्ष चुने गए, 5 राज्यों में चुनाव बाकी; जानें पार्टी को कब मिलेगा नया मुखिया
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बीजेपी को जल्द मिलेगा नया राष्ट्रीय अध्यक्ष
जेपी नड्डा का बतौर बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष कार्यकाल पूरा हो चुका है। ऐसे में बीजेपी ने नए राष्ट्रीय अध्यक्ष की नियुक्ति की प्रक्रिया तेज कर दी है। सूत्रों का कहना है कि बीजेपी आलाकमान और RSS जल्द ही नए नाम पर आम सहमति बना सकती है। इंडियन एक्सप्रेस ने बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता के हवाले से बताया कि कुछ ही हफ्तों में प्रदेश अध्यक्ष चुनाव हो जाएंगे।
बीजेपी के संविधान के मुताबिक, आधे राज्यों में प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव के बाद ही राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना जाता है। बीजेपी में आपसी सहमति से ही प्रदेश अध्यक्षों का चुनाव होता है, क्योंकि आमतौर पर एक ही उम्मीदवार नामांकन दाखिल करता है और निर्विरोध प्रदेश अध्यक्ष चुना जाता है।
अभी तक बीजेपी ने 37 में से 14 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में नए प्रदेश अध्यक्षों का चुनाव कर दिया है। 19 राज्यों में प्रदेश अध्यक्ष बनने के साथ ही नए राष्ट्रीय अध्यक्ष का ऐलान भी हो जाएगा। अभी बीजेपी को यूपी, उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना जैसे राज्यों में प्रदेश अध्यक्ष का ऐलान करना है।
बीजेपी सूत्रों के मुताबिक, करीब 18 राज्यों में जल्द प्रदेश अध्यक्ष का ऐलान हो सकता है, क्योंकि इन राज्यों में आधे से ज्यादा जिला अध्यक्षों का चुनाव हो चुका है। सूत्रों के मुताबिक, कुछ ही हफ्तों में 19 राज्यों में नए प्रदेश अध्यक्ष होंगे।
बीजेपी नेता ने बताया, जल्द ही बीजेपी में नए राष्ट्रीय अध्यक्ष को चुने जाने की प्रक्रिया पूरी होगी। नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के ऐलान के बाद से पार्टी के कामकाज में और तेजी आएगी। जिन राज्यों में अभी प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव नहीं हुए हैं, वहां पार्टी का काम प्रभावित हुआ है।
बीजेपी में हर स्तर पर एक जैसी चुनाव प्रक्रिया
बीजेपी के संविधान के मुताबिक, सभी अध्यक्षों के लिए एक जैसी चुनाव प्रक्रिया है। आधे से ज्यादा बूथ पर चुनाव होने के बाद मंडल अध्यक्ष चुना जाता है। आधे मंडल अध्यक्ष के चुनाव हो जाने पर जिला अध्यक्ष चुने जाते हैं। आधे जिला अध्यक्ष चुने जाने के बाद प्रदेश अध्यक्ष का ऐलान होता है। इसी तरह आधे राज्यों में प्रदेश अध्यक्ष चुने जाने के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए चुनाव होता है।
बताया जा रहा है कि हाल ही में बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं ने नड्डा की जगह नए अध्यक्ष के नाम पर चर्चा के लिए बैठक भी की थी।
बीजेपी सूत्रों के मुताबिक, जहां संगठनात्मक चुनाव नहीं हुए हैं, पार्टी नेतृत्व ने ऐसे राज्यों को एक हफ्ते के अंदर इन्हें पूरा कराने का निर्देश दिया है। बताया जा रहा है कि अरुणाचल प्रदेश और चंडीगढ़ में भी संगठनात्मक चुनाव पूरे होने की प्रक्रिया में हैं।
बीजेपी के एक नेता ने बताया, आने वाले हफ्तों में यह प्रक्रिया तेज हो जाएगी और पीएम मोदी के जुलाई के दूसरे हफ्ते में विदेश दौरे के बाद नए अध्यक्ष के नाम का ऐलान हो सकता है। इससे पहले शुक्रवार को ही बीजेपी ने इलेक्शन अधिकारियों को नियुक्त किया है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू को महाराष्ट्र, केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा को उत्तराखंड और रविशंकर प्रसाद को पश्चिम बंगाल की जिम्मेदारी दी गई है।
बीजेपी अध्यक्ष की रेस में ज्यादातर नाम केंद्रीय मंत्रियों के हैं। ऐसे में अध्यक्ष चुनाव के बाद मोदी कैबिनेट में भी बदलाव की संभावना है। कहा तो ये भी जा रहा है कि कई राज्यों के मंत्रिमंडल में भी बदलाव हो सकता है।
जहां बीजेपी के एक धड़े का कहना है कि RSS के साथ आम सहमति न बन पाने की वजह से नए अध्यक्ष के ऐलान मे देरी हो रही है। वहीं, कुछ नेताओं का ये कहना है कि नए अध्यक्ष के चुनाव के लिए उम्र, समुदाय और क्षेत्र जैसे फैक्टर की वजह से भी देरी हो रही है। कुछ नेताओं का ये भी मानना है कि 22 अप्रैल को पहलगाम हमले के बाद बीजेपी नेतृत्व का पूरा फोकस ऑपरेशन सिंदूर पर रहा है।
जेपी नड्डा जनवरी 2020 में अध्यक्ष बने थे। उनका कार्यकाल जनवरी 2023 तक था। लेकिन 2024 लोकसभा चुनाव की वजह से उनका कार्यकाल बढ़ा दिया गया था। इसके बाद महाराष्ट्र, हरियाणा, जम्मू कश्मीर समेत अन्य राज्यों के चुनाव की वजह से उनकी जगह नया अध्यक्ष नहीं चुना गया।

