'ये यहूदियों के सम्मान में हिटलर को बुलाने जैसा': केरल सरकार ने भगवान अयप्पा के कार्यक्रम में स्टालिन को बुलाया, भड़क गई BJP
Published:
4 min read

तमिलनाडु CM एमके स्टालिन के बेटे उदयनिधि ने सनातन की तुलना डेंगू-मलेरिया से की थी, इसके बाद काफी विवाद हुआ था।
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने भगवान अयप्पा के कार्यक्रम में तमिलाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन को बुलाने के फैसले को लेकर केरल सरकार पर निशाना साधा है। बीजेपी ने केरल सरकार पर पाखंड और हिंदुओं की आस्था का अपमान करने का आरोप लगाया है। तमिलनाडु CM के बेटे उदयनिधि ने सनातन धर्म के खिलाफ पिछले साल विवादित बयान दिया था। इस पर उन्हें सुप्रीम कोर्ट से भी फटकार लगी थी। बीजेपी ने आरोप लगाया कि जब अदयनिधि और डीएमके के अन्य नेताओं ने हिंदुत्व पर विवादित बयान दिया था, तब सीएम स्टालिन ने चुप्पी साध ली थी।
केरल बीजेपी अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने कहा, अगर केरल सीएम पी विजयन और स्टालिन हिंदुओं और अयप्पा के भक्तों से माफी नहीं मांगते तो पार्टी इसका विरोध करेगी। चंद्रशेखर ने आरोप लगाया कि विजयन ने पहले भी सबरीमाला के भक्तों पर केस दर्ज करने और पुलिस एक्शन लेने का आदेश दिया था।
'यह यहूदियों के सम्मान में हिटलर को बुलाने जैसा'
पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा- कांग्रेस, CPI(M) और DMK जैसी INDIA गठबंधन की पार्टियों का सबरीमाला कार्यक्रम में जाना उतना ही काल्पनिक है जितना कि यहूदियों के सम्मान में हिटलर को बुलाने जैसा, राहुल गांधी का सच बोलना, ओसामा बिन लादेन का शांतिदूत बनना, हमास-जमात इस्लामी का अन्य धर्मों के लोगों का सम्मान करना और कांग्रेस-INDIA गठबंधन का वंशवाद और भ्रष्टाचार को छोड़ना। यह कड़वी बात है, पर सच है। राहुल गांधी के नेतृत्व वाले INDIA गठबंधन की कोई भी बात मुझे अब हैरान या स्तब्ध नहीं करती।
बीजेपी की वरिष्ठ नेता तमिलिसाई सुंदरराजन ने इसे सबसे बड़ा पाखंड बताया। उन्होंने कहा, स्टालिन ने तमिलनाडु में हिंदू संगठनों के न्योतों को ठुकरा दिया था, लेकिन वे केरल में होने वाले कार्यक्रम में शामिल होने के लिए राजी हो गए हैं। BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता सीआर केसवन ने भी इसे पाखंड बताया। उन्होंने कहा, स्टालिन अपने बेटे उदयनिधि और अन्य डीएमके नेताओं की आलोचना नहीं कर पाए थे। उदयनिधि ने सनातन धर्म की तुलना डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों से की थी।
केरल सरकार ने किया फैसले का बचाव
केरल देवस्वओम विभाग के मंत्री वीएन वासवन ने स्टालिन को निमंत्रण भेजे जाने का बचाव किया है। उन्होंने कहा, राज्य सरकार और त्रावणकोर देवस्वओम बोर्ड इस कार्यक्रम को संयुक्त तौर पर आयोजित कर रही है। यह वैश्विक अय्यप्पा समागम दुनिया भर के अय्यप्पा भक्तों का पहला ऐसा कार्यक्रम है। इसका उद्देश्य सबरीमाला को एक वैश्विक तीर्थस्थल का दर्जा दिलाना है। कार्यक्रम में तमिलनाडु के अलावा कर्नाटक और तेलंगाना के मंत्री, केरल के केंद्रीय मंत्री, विपक्षी नेता और भक्त शामिल होंगे।
'सपने में जी रही बीजेपी'
केरल के शिक्षा मंत्री वी. शिवनकुट्टी ने बीजेपी नेताओं के बयान पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राजीव चंद्रशेखर सपने में जी रहे हैं। शिवनकुट्टी ने कहा, अयप्पा समागम के लिए तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन और उप-मुख्यमंत्री उदयनिधि को आमंत्रित किया गया, उन्होंने इसमें शामिल होने की सहमति दी।
शिक्षा मंत्री वी. शिवनकुट्टी ने कहा, 'राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि उन्हें रोक दिया जाएगा। मुझे लगता है कि राजीव ने आज इस बारे में एक सपना देखा है। मुझे नहीं लगता कि वह इसे हकीकत में बताएंगे। उन्हें केरल के बारे में कुछ भी नहीं पता। क्या आप इसी तरह कहते हैं कि आप किसी राज्य के मुख्यमंत्री और उप-मुख्यमंत्री को रोकेंगे? यह केंद्र के समर्थन के अहंकार में कहा जाता है। केरल में ऐसा कुछ नहीं होगा।
क्या कहा था उदयनिधि ने
तमिलनाडु सरकार में मंत्री उदयनिधि स्टालिन ने पिछले साल फरवरी में विवादित बयान दिया था। उन्होंने कहा था- कुछ चीजों का सिर्फ विरोध नहीं होना चाहिए, बल्कि उन्हें जड़ से खत्म कर देना चाहिए। हम डेंगू, मच्छर, मलेरिया या फिर कोरोना वायरस का विरोध नहीं कर सकते, हमें इसे खत्म करना होगा. इसी तरह हमें सनातन को खत्म करना है।
सुप्रीम कोर्ट ने लगाई थी फटकार
उदयनिधि के इस बयान पर काफी विरोध हुआ था। उसके खिलाफ कई राज्यों में मामले भी दर्ज कराए गए थे। इसके बाद उदयनिधि ने सभी मुकदमों को एक साथ जोड़ने के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने उदयनिधि को फटकार लगाते हुए कहा था- आपने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का दुरुपयोग किया और अब आप सुप्रीम कोर्ट से राहत मांग रहे हैं। आप आम आदमी नहीं हैं, राजनेता हैं। आपको पता होना चाहिए था कि इस तरह की टिप्पणी का क्या नतीजा होगा।

