'भारत की नागरिक बनने से पहले ही वोटर बन गई थीं सोनिया गांधी': SIR-वोट चोरी विवाद के बीच BJP का बड़ा दावा; कहा- ये चुनावी भ्रष्टाचार
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पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि सोनिया माइनो का जन्म 1946 में इटली में हुआ था। वोटर लिस्ट में नाम 1980 से 1982 के बीच जुड़ा था। (फाइल फोटो)
वोट चोरी और बिहार SIR पर जारी सियासी विवाद के बीच बीजेपी ने कांग्रेस पर बड़ा आरोप लगाया। बीजेपी ने दावा किया है कि सोनिया गांधी भारत की नागरिकता मिलने से पहले ही वोटर बन गईं थीं। बीजेपी आईटी सेल के हेड अमित मालवीय ने इसे चुनावी भ्रष्टाचार बताया है।
बिना भारतीय नागरिकता के वोटर लिस्ट में नाम जोड़ा
पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने दावा किया है कि सोनिया माइनो का जन्म 1946 में इटली में हुआ था। उनका वोटर लिस्ट में नाम 1980 से 1982 के बीच जुड़ा, जब वह भारत की नागरिक नहीं थी। उन्हें 1983 में भारत की नागरिकता मिली। बीजेपी का कहना है कि 45 साल पहले सोनिया गांधी का नाम कुछ समय के लिए अवैध रूप से वोटर लिस्ट में जोड़ा था।
परिवार और पार्टी की यही परंपरा- अनुराग ठाकुर
राहुल गांधी के चुनाव आयोग पर आरोपों पर अनुराग ठाकुर ने कहा कि इस परिवार और पार्टी की शुरू से ही परंपरा रही है कि अगर आप चुनाव हार जाते हैं, तो आप चुनाव आयोग और मतदाताओं पर सवाल उठाते हैं। इंदिरा गांधी ने कहा था, मतदाता मूर्खों का समूह हैं। जब राजीव गांधी चुनाव हार गए, तो उन्होंने बैलेट पेपर को दोषी ठहराया। राहुल गांधी के पिता कहते थे, वोटिंग मशीनों से चुनाव कराओ, और राहुल गांधी कहते हैं, बैलेट पेपर से चुनाव कराओ।
यह चुनावी भ्रष्टाचार नहीं है तो क्या है?- BJP
इससे पहले BJP नेता अमित मालवीय ने X पर एक इलेक्ट्रॉल रोल की कॉपी शेयर करते हुए लिखा कि 1980 की मतदाता सूची के अनुसार सोनिया गांधी का उसमें नाम था, जबकि उन्होंने भारत की नागरिकता ही नहीं ली थी। यह चुनावी भ्रष्टाचार नहीं है तो क्या है? उन्होंने दावा किया कि सोनिया गांधी और राजीव गांधी की शादी 1968 में हुई थी। तत्कालीन पीएम इंदिरा गांधी के आधिकारिक आवास पर पूरा परिवार रहता था। इस दौरान उनका नाम वोटर लिस्ट में जोड़ा गया।
अमित मालवीय ने दावा किया कि सोनिया गांधी का नाम नई दिल्ली संसदीय क्षेत्र में 1980 के लोकसभा चुनाव से पहले जोड़ा गया था। नाम जोड़ना नियमों का पूरी तरह से उल्लंघन था। वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने के लिए भारत का नागरिक होना जरुरी होता है। 1982 में भारी विरोध के बाद उनका नाम लिस्ट से हटा दिया गया था। 1983 में सोनिया गांधी का नाम फिर जोड़ा गया, भारतीय नागरिकता लेने के बाद भी फ्रॉड किया गया।
सोनिया गांधी ने कब ली भारतीय नागरिकता
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, सोनिया गांधी ने 27 अप्रैल 1983 को इटली का पासपोर्ट सरेंडर किया था। इसके 3 दिन बाद 30 अप्रैल 1983 में ही उन्हें भारतीय नागरिकता मिल गई थी।

