लैंड फॉर जॉब स्कैम: लालू यादव ने खटखटाया सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा, ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक की मांग
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लालू यादव की याचिका पर 18 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी।
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ‘नौकरी के बदले जमीन’ या लैंड फॉर जॉब स्कैम की ट्रायल कोर्ट में सुनवाई रुकवाने के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं। उन्होंने अपनी याचिका में दिल्ली हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें अदालत ने लैंड फॉर जॉब स्कैम में ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगाने से इनकार कर दिया गया था।
दिल्ली हाईकोर्ट ने 29 मई को सुनवाई के दौरान कहा था कि कार्यवाही पर रोक लगाने के लिए कोई ठोस वजह नहीं हैं। हालांकि, कोर्ट ने FIR रद्द करने की लालू यादव की याचिका पर सीबीआई को नोटिस जारी किया था। दिल्ली हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई 12 अगस्त को होनी है।
क्या है लैंड फॉर जॉब स्कैम
ये मामला 2004 से 2009 के बीच का है। तब लालू रेलमंत्री थे। इस दौरान उन पर नौकरी दिलवाने के बदले जमीन लेने के आरोप लगे थे। इस मामले में लालू के अलावा उनकी पत्नी राबड़ी देवी, दो बेटियां और अज्ञात अधिकारी भी आरोपी हैं।
राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित है केस
लालू ने याचिका में कहा कि इस कथित घोटाले में 14 साल बाद यानी 2022, 2023 और 2024 में FIR दर्ज की गईं। उन्होंने कहा कि CBI की शुरुआती जांच भी बंद हो चुकी है और एजेंसी ने क्लोजर रिपोर्ट भी पेश कर दी। उन्होंने इस जांच को राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा, इस मामले में पूछताछ और जांच दोनों ही शुरू करना गैरकानूनी है। क्योंकि दोनों ही PC एक्ट की धारा 17(A) के तहत बिना मंजूरी के शुरू की गई हैं। बिना मंजूरी के कोई भी जांच शुरू करना अपने आप में गैरकानूनी कदम है।
सुप्रिम कोर्ट के जस्टिस एम एम सुंदरेश और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की बेंच 18 जुलाई को इस मामले की सुनवाई कर सकती है।

