बिहार विधानसभा चुनाव: केजरीवाल ने 'INDIA' गठबंधन को फिर दिया झटका, बोले- बिहार में अकेले चुनाव लड़ेगी AAP
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केजरीवाल का बिहार चुनाव को लेकर बड़ा ऐलान
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बिहार विधानसभा चुनाव से पहले INDIA गठबंधन को बड़ा झटका दिया है। उन्होंने ऐलान किया है कि आम आदमी पार्टी बिहार विधानसभा चुनाव अकेले लड़ेगी। केजरीवाल ने गुजरात से ऐसे वक्त पर ये ऐलान किया, जब AAP ने पंजाब और गुजरात में उपचुनाव में जीत हासिल की है। केजरीवाल का ये दांव पार्टी के राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार के लिए अहम माना जा रहा है।
AAP के राष्ट्रीय संयोजक केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा, 'AAP बिहार चुनाव में अकेले लड़ेगी। 'INDIA' गठबंधन केवल लोकसभा चुनाव के लिए था, अब कांग्रेस से कोई गठबंधन नहीं है। अगर गठबंधन होता तो फिर कांग्रेस ने विसावदर (गुजरात) उपचुनाव में हमारे खिलाफ उम्मीदवार क्यों उतारे? उन्होंने हमें हराने के लिए चुनाव लड़ा। बीजेपी ने कांग्रेस को हमारे खिलाफ भेजा ताकि वोट कटवाए जा सकें।'
क्या है AAP की रणनीति
दिल्ली विधानसभा चुनाव में केजरीवाल की पार्टी को बुरी तरह से हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद से केजरीवाल ने मीडिया से दूरी बना ली थी और पूरा फोकस पंजाब पर था। लेकिन हाल ही में पंजाब की लुधियाना और गुजरात की विसावदर सीट पर हुए उपचुनाव में मिली जीत ने AAP के लिए संजीवनी का काम किया है। ऐसे में अब केजरीवाल का फोकस पार्टी के राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार का है। यही वजह है कि उन्होंने बिहार में अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान किया है।
दिल्ली की सत्ता से ‘AAP’ बाहर
लोकसभा चुनाव में AAP ने INDIA गठबंधन में रहकर चुनाव लड़ा था। हालांकि, इसके तुरंत बाद हरियाणा में कांग्रेस और AAP ने अलग अलग चुनाव लड़ा और ऐसा ही दिल्ली में हुआ। जहां AAP, कांग्रेस और बीजेपी के बीच त्रिकोणीय मुकाबला हुआ। दोनों ही राज्यों में बीजेपी ने जीत हासिल की। दिल्ली विधानसभा चुनाव में हार केजरीवाल के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है। क्योंकि पार्टी के गठन के बाद से केजरीवाल लगातार तीन बार दिल्ली के सीएम बने। दिल्ली विकास मॉडल का प्रचार करके ही उन्होंने पंजाब में सत्ता हासिल की। इसके अलावा गुजरात, गोवा, यूपी समेत कई राज्यों में विधानसभा चुनाव भी लड़ा। दिल्ली में न सिर्फ AAP को हार मिली, बल्कि केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, सौरभ भारद्वाज, सतेंद्र जैन जैसे बड़े नेता भी अपनी सीट नहीं बचा पाए। बीजेपी ने 27 साल बाद राष्ट्रीय राजधानी में सत्ता हासिल की।

