बिहार से हरियाणा भेजे जा रहे 12 बच्चों का रेस्क्यू: चावल मिल में काम कराने के लिए हो रही थी चाइल्ड ट्रैफिकिंग! गोंडा में RPF-CIB ने छुड़ाया
Published:
2 min read

तस्वीर सांकेतिक है और AI से जनरेट की गई है।
नेशनल डेस्क। उत्तर प्रदेश के गोंडा में रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (RPF) और क्राइम इंटेलिजेंस ब्यूरो (CIB) ने 12 बच्चों को संदिग्ध तस्करों के चंगुल से छुड़ाया है। बच्चों को बिहार से ट्रेन के जरिए हरियाणा ले जाया जा रहा था। दावा है कि इन बच्चों को एक चावल मिल में काम कराने के लिए ले जाया जा रहा था। इंफोर्मेशन मिलने के बाद RPF और CIB ने जॉइंट एक्शन कर बच्चों को ट्रेन से उतारा और चाइल्डलाइन के हवाले कर दिया।
RPF इंस्पेक्टर अनिरुद्ध राय ने भी बताया कि जानकारी मिली थी कि ट्रेन में 12 बच्चों को चावल मिल में काम कराने के लिए ले जाया जा रहा है। इसीलिए बच्चों के रेस्क्यू के लिए एक्शन लिया गया
RPF के मुताबिक, शुरुआती जांच में सामने आया है कि बच्चों को काम दिलाने के नाम पर झांसा दिया गया था। इनमें से कुछ बच्चों को पहले ही पैसे भी दिए गए थे। इसके बाद उन्हें हरियाणा ले जाया जा रहा था।
दो तस्कर गिरफ्तार
मामले में दो तस्करों के खिलाफ गवर्मेंट रेलवे पुलिस (GRP) थाने में केस दर्ज किया गया है। RPF का कहना है कि मामले की पूरी तस्वीर जांच आगे बढ़ने के बाद साफ होगी।
रेस्क्यू किए गए सभी बच्चे फिलहाल चाइल्डलाइन के सुपुर्द हैं। अब इन्हें परिवारों को सौंपा जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, कुछ बच्चों को उनके परिवारों के पास वापस भेज भी दिया गया है।
गुवाहाटी में ट्रेन से 2.33 करोड़ की ड्रग्स बरामद
इसी बीच, एक अलग कार्रवाई में RPF और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने गुवाहाटी रेलवे स्टेशन पर एक पैसेंजर ट्रेन से करीब 1.168 किलो ड्रग्स बरामद की। इसकी कीमत करीब 2.33 करोड़ रुपए बताई गई है।
अधिकारियों के मुताबिक, RPF की Crime Prevention and Detection Squad और NCB गुवाहाटी की टीम ने DN Kamrup Express में जांच के दौरान यह कार्रवाई की।
टीम ने ट्रेन के A-2 कोच में सीट नंबर 17 और 18 पर बैठे दो पैसेंजर्स के सामान की तलाशी ली। उनके पास से ड्रग्स के चार पैकेट मिले। इनमें हेरोइन (ब्राउन शुगर) छिपाकर रखी गई थी। मामले की जांच जारी है।
यह भी पढ़ें...

