कर्नाटक में कैदी को छुड़ाने के लिए पत्नी से रेप: जेल DIG गिरफ्तार; सुप्रीम कोर्ट का फर्जी आदेश लगाया
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2018 में कैदी एस शंकर को सुप्रीम कोर्ट के कथित फर्जी आदेश के आधार पर जेल से रिहा कर दिया गया था, तब सोमशेखर सेंट्रल जेल के चीफ सुपरिटेंडेंट थे।
नेशनल डेस्क. बेंगलुरु की परप्पना अग्रहारा सेंट्रल जेल के पूर्व चीफ सुपरिटेंडेंट और मौजूदा DIG एम सोमशेखर पर उम्रकैद की सजा काट रहे कैदी को जेल से छुड़ाने के नाम पर उसकी पत्नी से रेप करने का आरोप लगा है। पुलिस ने सोमशेखर को गिरफ्तार कर 5 दिन की कस्टडी में लिया है।
मामला 2018 का है, जब एक उम्रकैद के कैदी एस शंकर को सुप्रीम कोर्ट के कथित फर्जी आदेश के आधार पर जेल से रिहा कर दिया गया था। जांच के दौरान कैदी की पत्नी ने सोमशेखर पर गंभीर आरोप लगाए। पुलिस अब फर्जी आदेश तैयार होने से लेकर कैदी की रिहाई तक की पूरी कड़ी की जांच कर रही है।
परप्पाना अग्रहारा के पुलिस इंस्पेक्टर नवीन कुमार ने कहा- सोमवार को सोमशेखर को ACMM कोर्ट में पेश किया गया। पुलिस ने 5 दिन की कस्टडी में लिया है।
फर्जी आदेश के बाद हुई रिहाई
13 नवंबर 2018 को सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के बाद कैदी एस शंकर को रिहा कर दिया गया। जब इस आदेश की जांच की गई, तो यह आदेश फर्जी पाया गया और इसमें एक जेल कर्मचारी श्रीकांत एस भी शामिल था।
फर्जी आदेश की जांच में कैदी की पत्नी से पूछताछ की गई। पूछताछ में पत्नी ने आरोप लगाते हुए कहा- उस समय परप्पना अग्रहारा सेंट्रल जेल के चीफ सुपरिटेंडेंट सोमशेखर ने पति को छुड़ाने के नाम पर उसके साथ रेप किया।
आदेश में सोमशेखर की भूमिका की होगी जांच
पुलिस अब जांच कर रही है कि फर्जी आदेश कैसे तैयार किया गया, यह आदेश जेल में कैसे पहुंचा, शंकर की रिहाई से पहले उस पर क्या कार्रवाई हुई और उसकी पुष्टि कैसे की गई। पुलिस उस समय के चीफ सुपरिटेंडेंट के तौर पर सोमशेखर की भूमिका की भी जांच कर रहे हैं।
शंकर उम्रकैद की सजा काट रहा था। उस पर मर्डर और अपहरण का केस दर्ज है। उसे 2001 में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने इस केस में कैदी शंकर और परप्पना अग्रहारा सेंट्रल जेल के पूर्व सेकंड डिवीजन असिस्टेंट एस श्रीकांत को गिरफ्तार किया है।

