हुनरबाज बनो, गालीबाज नहीं: स्टूडेंट प्रोटेस्ट में अश्लील लैंग्वेज के मामलों पर बाबा रामदेव का रिएक्शन, कहा- मर्यादा में रहकर अपनी बात रखना सीखो
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योग गुरु बाबा रामदेव का कहना है कि प्रोटेस्ट करना सभी का अधिकार लेकिन भाषा का ध्यान रखना चाहिए।
नेशनल डेस्क। जंतर-मंतर पर स्टूडेंट प्रोटेस्ट के दौरान सामने आई कुछ गाली-गलौच वाली लैंग्वेज को लेकर योग गुरु बाबा रामदेव ने रिएक्शन दिया है। उन्होंने कहा है कि विरोध प्रदर्शन करना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है, लेकिन यह मर्यादा में रहकर किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्टूडेंट्स को हुनरबाज बनने की जरूरत है, गालीबाज नहीं।
बाबा रामदेव का यह बयान ऐसे वक्त में आया है, जब एक दिन पहले ही नोएडा की एक 15 साल की स्टूडेंट पर PM मोदी के बारे में अश्लील टिप्पणी करने को लेकर FIR दर्ज हुई है और PM मोदी का भी एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वह अपने खिलाफ हुई गाली-गलौच का जिक्र करते नजर आए हैं।

बाबा रामदेव ने ANI से बातचीत में कहा- मैं मानता हूं कि हमारे पॉलिटिकल, एजुकेशन और मेडिकल सिस्टम में कई खामियां हैं। ऐसे में विरोध दर्ज कराना हमारा संवैधानिक अधिकार है, लेकिन विरोध लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से किया जाना चाहिए। मर्यादा का खास तौर पर ध्यान रखना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सड़कों पर हंगामा, तोड़फोड़ और गाली-गलौज से देश आगे नहीं बढ़ सकता। विरोध के साथ-साथ यह भी सोचना होगा कि राष्ट्र निर्माण कैसे होगा। हम सभी का लक्ष्य विकसित भारत बनाना है और विकसित भारत हंगामे से नहीं बन सकता।
'आजादी के नारे लगाने से नहीं बनेगा भविष्य'
बाबा रामदेव ने कहा कि आज का युवा समूह बनाकर सड़कों पर उतर रहा है, नारे लगा रहा है, लेकिन इससे समाधान नहीं निकलेगा। उन्होंने कहा- युवाओं को खुद को इतना सक्षम बनाना चाहिए कि वे देश के विकास में योगदान दे सकें और सरकार से जवाबदेही भी मांग सकें।

'शिक्षा मंत्री बदलने से नहीं बदलेगा एजुकेशन सिस्टम'
केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर पूछे गए सवाल के जवाब में बाबा रामदेव ने कहा कि केवल एक व्यक्ति बदलने से एजुकेशन सिस्टम में कोई बड़ा बदलाव नहीं आएगा। उन्होंने कहा- अगर शिक्षा मंत्री इस्तीफा दे दें तो क्या इससे युवाओं को नौकरी मिल जाएगी? क्या महंगाई कम हो जाएगी? बदलाव छात्रों की मेहनत और बेहतर नीतियों से आएगा। सरकार की जवाबदेही जरूरी है, लेकिन केवल एक व्यक्ति बदलने से सिस्टम नहीं बदलता।
'बच्चे गालीबाज नहीं, हुनरबाज बनें'
रामदेव ने कहा कि बच्चों को अपनी एनर्जी स्किल डेवलपमेंट में लगानी चाहिए। उन्होंने कहा- बच्चे गालीबाज नहीं, हुनरबाज बनें। गाली देना हमारी संस्कृति नहीं है।
PM मोदी के हालिया वीडियो मैसेज का सपोर्ट करते हुए बाबा रामदेव ने कहा कि प्रधानमंत्री ने बच्चों को माफ कर दिया है, लेकिन यह भी साफ कहा है कि अभद्र भाषा भारतीय संस्कृति का हिस्सा नहीं है।
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