अयोध्या में कांग्रेस के कार्यक्रम में 'मछली भोज': BJP बोली- हिंदुओं की आस्था को ठेस पहुंचाई; अजय राय ने कहा- सबूत दिखाइए
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अयोध्या के तरुण इलाके में UP कांग्रेस अध्यक्ष के स्वागत में मछली भोज का आयोजन किया गया।
नेशनल डेस्क. अयोध्या में रविवार को UP कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय के स्वागत में रखे गए 'मछली भोज' को लेकर सियासी घमासान मच गया। ये कार्यक्रम रविवार को अयोध्या के तरुण इलाके में निषाद समाज ने रखा था।
इस कार्यक्रम से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है। इसमें कार्यक्रम स्थल पर बड़े बड़े बर्तनों में मछली बनती दिख रही है। वीडियो सामने आने के बाद BJP नेताओं ने कांग्रेस पर निशाना साधा और सावन के पवित्र महीने में हिंदुओं की आस्था को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया।
राय ने एक दिन पहले हनुमानगढ़ी और राम मंदिर में दर्शन किए थे
इस मामले में विवाद इसलिए और बढ़ गया क्योंकि अजय राय ने एक दिन पहले अयोध्या में हनुमानगढ़ी और राम मंदिर में दर्शन किए थे। इसके बाद वे अयोध्या से 38 किलोमीटर दूर तरुण पहुंचे थे।
सनातन का अपमान, कांग्रेस की पहचान- पंकज चौधरी
उधर, वीडियो सामने आने के बाद BJP प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा- सनातन का अपमान ही अब कांग्रेस की पहचान बन चुका है। पवित्र श्रावण मास में हमारे आराध्य प्रभु श्री राम की पावन नगरी अयोध्या धाम में कांग्रेस अध्यक्ष (उत्तर प्रदेश) के स्वागत समारोह में कांग्रेस नेताओं द्वारा 'मछली भोज' का आयोजन करना अत्यंत निंदनीय और अक्षम्य है।
उन्होंने आगे कहा- कांग्रेस पार्टी का इतिहास गवाह है कि इन्होंने हमेशा हिंदू समाज की धार्मिक मान्यताओं, सांस्कृतिक मूल्यों और करोड़ों सनातनियों की आस्था पर कुठाराघात किया है। पवित्र पावन माह में धर्मनगरी की मर्यादा को तार-तार करके कांग्रेस ने सिद्ध कर दिया है कि उसे न तो रामनगरी की पवित्रता की परवाह है और न ही कांवड़ियों व संत समाज की भावनाओं की।
'देश से माफी मांगे कांग्रेस'
पंकज चौधरी ने कहा- अयोध्या के पूज्य संतों और जन-जन में इस कुकृत्य को लेकर भारी आक्रोश है। वोट बैंक और घटिया राजनीति के लिए बार-बार सनातन धर्म का अपमान करना कांग्रेस की नीयत बन चुकी है। इस अमर्यादित कृत्य के लिए कांग्रेस पार्टी को संत समाज और देशवासियों से सार्वजनिक रूप से क्षमा मांगनी चाहिए।
कांग्रेस ने क्या जवाब दिया
कांग्रेस जिला अध्यक्ष चेत नारायण सिंह ने इस मामले से खुद को दूर करने की कोशिश की। उन्होंने कहा- मुझे मछली भोज के बारे में कुछ नहीं पता। हम प्रदेश अध्यक्ष के साथ गए थे और उनके साथ ही वापस लौटे। अगर ऐसा हुआ है, तो राम निहाल निषाद को ऐसा नहीं करना चाहिए था।
हाल ही में बीजेपी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए राम निहाल निषाद ने कहा- संविधान में कहीं भी यह नहीं लिखा है कि सावन के दौरान मछली नहीं खाई जा सकती। हम संविधान का पालन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में शाकाहारी भोजन और मछली दोनों तैयार किए गए थे। राम निहाल निषाद गोसाईगंज विधानसभा से टिकट मांग रहे हैं।
विवाद पर क्या बोले अजय राय
अजय राय ने कहा कि ये कार्यक्रम निषाद समाज का था। निषाद समाज के लिए मछली उनके भोजन और संस्कृति का हिस्सा है। निषाद समाज मछली का व्यापार करता है। उनके लिए मछली सबसे अच्छा भोजन है। उन्होंने सनातन के अपमान के आरोपों पर कहा कि क्या सबूत हैं कि मैंने सनातन परंपरा का अपमान किया।

