अयोध्या के मेडिकल कॉलेज में बम बनाने का दस्तावेज मिला: बम बनाने का पूरा तरीका लिखा था, एक स्टूडेंट हिरासत में
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अयोध्या मेडिकल कॉलेज में ये दस्तावेज एक्सरे रूम में मिला।
नेशनल डेस्क. अयोध्या के राजर्षि दशरथ स्टेट मेडिकल कॉलेज में बम बनाने का दस्तावेज मिला है। ये दस्तावेज मेडिकल कॉलेज के एक्स रे रूम में मिला। इस पर लिखा था- बम बनाने की विधि। इस दस्तावेज में बम बनाने का पूरा तरीका भी लिखा था। पुलिस ने मामले में मेडिकल कॉलेज के फर्स्ट ईयर स्टूडेंट को हिरासत में लिया है।
एक्स रे रूम में बम बनाने से जुड़ा दस्तावेज मिलने के बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी। सुरक्षा एजेंसियां भी अलर्ट पर आ गई हैं। दरअसल, पिछले साल दिल्ली के लाल किला के पास हुए ब्लास्ट के मामले में भी फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी के तीन डॉक्टरों को गिरफ्तार किया गया था।
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एक स्टूडेंट हिरासत में
पुलिस को शुरुआती जांच में पता चला कि सरफराज नाम के स्टूडेंट ने इसे तैयार किया है। एक्स रे रूम में शुक्रवार रात को उसी की ड्यूटी थी। वह यूपी के बलरामपुर का रहने वाला है। पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है।
इसके अलावा सरफराज के साथ जिन दो और छात्रों की ड्यूटी थी, उनसे भी पूछताछ की जा रही है। हाथ से लिखे इस दस्तावेज में बम बनाने का पूरा तरीका लिखा हुआ है। साथ ही इसमें बम बनाने के लिए जरूरी सामानों को भी लिखा गया है- जैसे गेज वायर, अमोनियम कार्बोनेट, लाल फास्फोरस, लाल सल्फाइड, नाइट्रिक एसिड।
वहीं, इस मामले में मेडिकल कॉलेज के CMS डॉ अरविंद सिंह ने बताया कि मामला सामने आने के बाद तुरंत इसकी जानकारी पुलिस को दी गई। जांच जारी है, इसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उधर, पुलिस सभी एंगल से मामले की जांच कर रही है। उधर, कॉलेज प्रशासन ने भी सिक्योरिटी अरेंजमेंट के रिव्यू का आदेश दिया है।
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डॉक्टर मॉड्यूल का हुआ था खुलासा
इससे पहले जम्मू कश्मीर पुलिस ने पिछले साल आतंकियों के डॉक्टर मॉड्यूल का खुलासा किया था। यह फरीदाबाद के अल फलाह यूनिवर्सिटी से चल रहा था। 10 नवंबर 2025 को सुसाइड बॉम्बर ने लाल किला के पास रेड लाइट पर खुद को कार के साथ उड़ा लिया था। इस बम धमाके में 11 लोगों की मौत हुई थी और कई लोग घायल हुए थे। सुसाइड बॉम्बर डॉ. उमर उन नबी अल-फलाह यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर था। इस मामले में आमिर राशिद मीर, जसिर बिलाल वानी, डॉ. मुजमिल शकील, डॉ. अदील अहमद राथर, डॉ. शाहीन सईद, मुफ्ती इरफान अहमद वागे, सोयब, बिलाल नसीर मल्ला और यासिर अहमद डार को आरोपी बनाया गया है। इनमें से कई डॉक्टर हैं।

