अंतरिक्ष से लौटने के बाद पहली बार भारत आ रहे शुभांशु: PM मोदी से मिल सकते हैं; सोशल मीडिया लिखा- इंडिया लौटने का बेसब्री से इंतजार
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इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) के ऐतिहासिक विजिट के बाद शुभांशु पहली बार भारत लौट रहे हैं। (फोटो-PTI)
एस्ट्रोनॉट शुभांशु शुक्ला रविवार को भारत लौट रहे हैं। इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) के ऐतिहासिक विजिट के बाद शुभांशु पहली बार भारत लौट रहे हैं। भारत लौटने के बाद शुभांशु PM मोदी से मिल सकते हैं। इसके बाद वे अपने घर लखनऊ जाएंगे। इसके बाद 22-23 अगस्त को नेशनल स्पेस डे के सेलिब्रेशन में हिस्सा ले सकते हैं। शुक्ला पिछले एक साल से ISS के लिए एक्सिओम-4 (Axiom-4) मिशन के लिए अमेरिका में थे।
इंडिया लौटने का बेसब्री से इंतजार
शुभांशु शुक्ला ने अपने इंस्टाग्राम पर एक फोटो पोस्ट किया है, जिसमें वे प्लेन में बैठे हैं और मुस्कुराते नजर आ रहे हैं। इस पोस्ट के कैप्शन में लिखा है कि अमेरिका छोड़ते वक्त मिक्स्ड इमोशंस है। सभी के साथ अपना अनुभव बांटने के लिए इंडिया लौटने का बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं।
शुक्ला ने कैप्शन लिखा- भारत वापस आने के लिए प्लेन में बैठते ही मेरे दिल में कई तरह की भावनाएं उमड़ रही हैं। मुझे उन लोगों को पीछे छोड़कर जाने का दुख है जो पिछले एक साल से मेरे दोस्त और परिवार की तरह थे। मैं मिशन के बाद पहली बार अपने सभी दोस्तों, परिवार और देश के लोगों से मिलने को लेकर एक्साइटेड हूं।
PM मोदी ने लालकिले से शुभांशु का जिक्र किया
स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत खुद का अंतरिक्ष स्टेशन विकसित कर रहा है। साथ ही उन्होने बताया ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला एक अंतरिक्ष मिशन से लौट आए हैं। कुछ ही दिनो में वे भारत लौटेंगे।
एस्ट्रोनॉट्स ने 18 दिन में किए 60 प्रयोग
स्पेस स्टेशन पर 18 दिन रहने के दौरान शुभांशु और उनके साथी एस्ट्रोनॉट्स ने कुल 60 वैज्ञानिक प्रयोग किए। 31 देशों की गतिविधियों को रिप्रेजेंट किया। इसके साथ ही यह ऐसा मिशन बन गया जिसमें सबसे ज्यादा देशों की भागीदारी रही। कई एक्सपेरिमेंट इंडियन बायोटेक्नोलॉजी किट के इस्तेमाल को लेकर भी किए गए। साथ ही लाइफ साइंस, स्पेस फार्मिंग और मेडिकल रिसर्च से जुड़े प्रयोग भी किए गए। इस मिशन को पूरा करने के साथ ही कैप्टन शुभांशु शुक्ला प्राइवेट स्पेसफ्लाइट से इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन विजिट करने वाले पहले भारतीय हैं। इसरो 2040 में गगनयान मिशन में शुभांशु शुक्ला के अनुभव का इस्तेमाल करेगा।
कौन है कैप्टन शुभांशु शुक्ला
39 वर्षीय शुभांशु शुक्ला एक ट्रेंड फाइटर पायलट हैं। वह इंडियन एयरफोर्स में लंबे समय से सेवा दे रहे हैं। ISRO ने उन्हें इस मिशन के लिए प्राइमरी कैंडिडेट चुना था। मिशन से पहले वह एक महीने से ‘क्वारनटीन प्रोटोकॉल’ में थे। स्पेस मिशन से पहले उनका स्वास्थ्य अच्छा रहे, इसलिए उन्हें क्वारनटीन प्रोटोकॉल में रखा गया था। कैप्टन शुक्ला को गगनयान (Gaganyaan) मिशन के लिए भी ट्रेन किया गया है।

