बांग्लादेशी संगठन से लिंक के आरोप में असम का टीचर गिरफ्तार: पुलिस बोली- इंटरनेशनल बॉर्डर पर जमात-ए-इस्लामी से जुड़े पर्चे बांटता था
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असम पुलिस ने गुरुवार को शाह आलम सरकार नाम के एक शिक्षक को भारत में बैन बांग्लादेश के जमात-ए-इस्लामी संगठन से लिंक रखने आरोप में गिरफ्तार किया है। पुलिस ने शिक्षक को धुबरी जिले से गिरफ्तार किया है। जिले में बांग्लादेश से जुड़े प्रतिबंधित संगठनों की बढ़ती सक्रियता को देखते हुए अलर्ट है। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने तख्तापलट के बाद इस संगठन पर लगा बैन हटा दिया गया था।
शाह आलम भारत-बांग्लादेश बॉर्डर के लखीमारी मध्य इंग्लिश स्कूल में शिक्षक है। पुलिस ने एक ऑपरेशन के बाद उसे पकड़ा है। पुलिस का कहना है कि शिक्षक शाह आलम ने जमात-ए-इस्लामी संगठन के नाम से इंटरनेशनल बॉर्डर पर पर्चे बांट रहा था।
पर्चों के जरिए शिक्षक तक पहुंची पुलिस
अधिकारियों के मुताबिक, 2 दिन पहले अली हुसैन नाम के व्यक्ति पुलिस को शाह आलम के बारे में बताया था। अली हुसैन शाह आलम के संपर्क में था। उसने पुलिस पूछताछ में इसका खुलासा किया था। पुलिस पर्चों के जरिए आरोपी सरकार तक पहुंची, और उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस इस केस में शाह आलम के स्कूल की भूमिका की भी जांच कर रही है।
क्या है जमात-ए-इस्लामी
बांग्लादेश का जमात-ए-इस्लामी एक इस्लामिक राजनीतिक पार्टी है। इसकी स्थापना 1941 में इस्लामी विचारक मौलाना अबुल आला मौदूदी ने की थी। इसने 1971 के युद्ध में पाकिस्तान का पक्ष लिया था। इस पर कई बार बैन भी लगा।
बांग्लादेश में तख्तापलट के बाद वहां की अंतरिम सरकार ने जमात-ए-इस्लामी पर लगे बैन को हटा लिया था। इस संगठन पर शेख हसीना सरकार ने 2013 में पाबंदी लगाई थी। पिछले साल बांग्लादेश के सुप्रीम कोर्ट ने जमात के चुनाव लड़ने पर भी प्रतिबंध लगा दिया था। इस पर देश में हिंसा और कट्टरपंथ को बढ़ावा देने के आरोप लगे हैं।

