क्या है अंकिता भंडारी मर्डर केस: 4 साल बाद इंडिया गेट पर धरने पर बैठे परिजन, दुष्यंत गौतम को राज्यपाल बनाने का क्यों कर रहे विरोध
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22–23 सितंबर 2022 को अंकिता का शव उत्तराखंड की चीला नहर (गंगा कैनाल) से बरामद हुआ था।
नेशनल डेस्क. उत्तराखंड का अंकिता भंडारी मर्डर केस (2022) एक बार फिर चर्चा में है। अंकिता भंडारी के परिजनों ने बेटी को इंसाफ मांगते हुए बुधवार को इंडिया गेट के पास धरना दिया। ये धरना बुधवार को पूरी रात चला। उन्हें गुरुवार तड़के हिरासत में ले लिया गया था। हालांकि, थोड़ी देर बाद उन्हें रिहा कर दिया गया।
अंकिता भंडारी के माता-पिता के साथ कांग्रेस नेता पवन खेड़ा भी मौजूद थे। परिजनों की मांग है कि इस केस में बीजेपी नेता दुष्यंत गौतम का भी नाम है, ऐसे में CBI जांच होने तक उन्हें कोई पद न दिया जाए। दरअसल, दुष्यंत गौतम को हाल ही में सिक्किम का राज्यपाल बनाया गया है। गौतम इन आरोपों से इनकार करते रहे हैं, उन्होंने आरोप लगाने वाली विपक्षी पार्टियों और कुछ इंडिविजुअल्स पर मानहानि का केस भी किया है।
हम भूख हड़ताल करेंगे- परिजन
अंकिता भंडारी की मां ने इंडिया गेट पर पत्रकारों से कहा- हम यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि जब तक उनकी (दुष्यंत गौतम की) नियुक्ति रद्द नहीं हो जाती, हम अपने रुख पर अडिग रहेंगे। अगर हमें यहां बैठने की अनुमति नहीं दी गई, तो हम अपने घरों में भूख हड़ताल पर बैठेंगे।
वहीं, अंकिता के पिता ने कहा- केंद्र सरकार को 24 घंटे में गौतम की नियुक्ति रद्द करनी चाहिए। अगर ऐसा न किया गया तो पूरे देश के लोग सड़कों पर उतरेंगे और इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।

क्या है पूरा मामला
19 साल की अंकिता भंडारी डोभ-श्रीकोट पौड़ी गढ़वाल की रहने वाली थी। वह BJP नेता के बेटे पुलकित आर्य के रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट थी। यह वनंत्रा रिजॉर्ट, ऋषिकेश के पास यमकेश्वर में था।
क्या हुआ? (घटनाक्रम)
-18 सितंबर 2022 को अंकिता अचानक लापता हुई।
-22–23 सितंबर 2022 को अंकिता का शव चीला नहर (गंगा कैनाल) से बरामद हुआ।
जांच में क्या खुलासा हुआ
जांच रिपोर्ट के अनुसार, अंकिता पर दबाव बनाया जा रहा था कि वह VIP मेहमानों को 'स्पेशल सर्विस' दे, उसने इसका विरोध किया। आरोप है कि इसी विवाद के बाद उसे नहर में धक्का देकर मार दिया गया।
दोषी कौन?
-पुलकित आर्य (रिसॉर्ट मालिक)
-अंकित गुप्ता (मैनेजर)
-सौरभ भास्कर (कर्मचारी)
तीनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई
उत्तराखंड की एक निचली अदालत ने मई 2025 में मुख्य आरोपी पुलकित आर्य और उसके दो सहयोगी सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को धारा 302 (हत्या) सहित कई आरोपों में दोषी करार दिया। तीनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही प्रत्येक को 50,000 का जुर्माना लगाया गया और कोर्ट ने परिवार को 4 लाख की मुआवजा राशि देने का निर्देश भी दिया।
कोर्ट के फैसले के 7 महीने बाद CBI जांच का आदेश
दरअसल, कोर्ट के फैसले के कुछ समय बाद पूर्व BJP विधायक सुरेश राठौर की पत्नी होने का दावा करने वाली TV एक्ट्रेस उर्मिला सानवर ने एक ऑडियो क्लिप जारी किया था। क्लिप में उर्मिला का कथित तौर पर एक VIP के बारे में बात कर रही हैं। जो अंकिता से सेक्सुअल फेवर्स मांग रहे थे। आरोप यह है कि वह VIP बीजेपी के नेशनल जनरल सेक्रेटरी और पूर्व राज्यसभा MP दुष्यंत गौतम थे। इस क्लिप को विपक्षी पार्टियों शेयर कर इन्वेस्टिगेशन की मांग की थी। अभिनेत्री उर्मिला सनावर ने कई गंभीर दावे भी किए हैं। उर्मिला का कहना है कि उनके पास इस मामले से जुड़े कई अहम सबूत मौजूद हैं।

CBI जांच का आदेश
इन दावों के बीच अंकिता भंडारी के समर्थन में उत्तराखंड में विरोध प्रदर्शन हुए। इसके बाद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंकिता के परिजनों से मुलाकात की और CBI जांच के आदेश दिए। इसके बाद CBI इस मामले में जांच कर रही है। CBI ने सोशल मीडिया पर वायरल ऑडियो के संबंध में अलग-अलग FIR भी दर्ज की हैं।
दुष्यंत गौतम ने मानहानि का केस किया
दुष्यंत गौतम ने दिल्ली हाईकोर्ट में विपक्षी पार्टियों और कुछ इंडिविजुअल्स पर मानहानि का केस किया। हाईकोर्ट ने सोशल मीडिया से कंटेंट हटाने के आदेश दिए। BJP नेता को अंकिता भंडारी हत्याकांड से जोड़ने वाली कथित कंटेंट को लेकर कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और अन्य को कड़ा निर्देश दिया।

