अनंत अंबानी को ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी ने प्रोफेसर क्यों बनाया: क्या डोनेशन के बदले मिला सम्मान? यूनिवर्सिटी ने क्या जवाब दिया
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अनंत अंबानी को यह सम्मान न्यूकासल यूनिवर्सिटी के ऐतिहासिक King’s Hall में एक समारोह के दौरान दिया गया। कार्यक्रम में उनकी पत्नी राधिका अंबानी भी मौजूद थीं। (फोटो सोर्स: Newcastle University)
नेशनल डेस्क। रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी के बेटे अनंत अंबानी को ब्रिटेन की न्यूकासल यूनिवर्सिटी ने ‘Professorship of Practice’ से सम्मानित किया है। इस सम्मान के बाद सोशल मीडिया और ब्रिटिश मीडिया में सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह सम्मान किसी आर्थिक मदद या डोनेशन के बदले दिया गया है।
यूनिवर्सिटी की ओर से इस पर सफाई आ गई है। यूनिवर्सिटी के प्रवक्ता ने 'दी टेलीग्राफ' से बातचीत में कहा है कि अनंत अंबानी या उनसे जुड़ी किसी कंपनी से यूनिवर्सिटी को कोई डोनेशन नहीं मिला है। उन्होंने बताया कि यह सम्मान अनंत अंबानी के वन्यजीव संरक्षण, जैव विविधता, पशु कल्याण और पर्यावरण से जुड़े काम को देखते हुए दिया गया है।

यूनिवर्सिटी ने कहा- यह कोई डिग्री या अकेडमिक पद नहीं
न्यूकासल यूनिवर्सिटी के मुताबिक, ‘Professorship of Practice’ का मतलब यह नहीं है कि अनंत अंबानी ने कोई नई अकेडमिक डिग्री हासिल की है। यह महज एक तरह का सम्मान है, जो किसी व्यक्ति के अपने क्षेत्र में किए गए काम और अनुभव को देखते हुए दिया जाता है।
यूनिवर्सिटी ने बताया कि अनंत अंबानी को यह सम्मान वंतारा में उनके काम और रिलायंस ग्रुप को ग्रीन एनर्जी के डायरेक्शन में ले जाने की कोशिशों के लिए दिया गया है। यूनिवर्सिटी ने अनंत अंबानी को सस्टेनेबिलिटी और क्लीन एनर्जी ट्रांजिशन की फील्ड में काम करने वाला व्यक्ति बताया है।
यूनिवर्सिटी के मुताबिक, वंतारा में घायल, बीमार, शोषण का शिकार और विलुप्त होने की कगार पर खड़ी प्रजातियों को बचाने, उनका इलाज करने और उनकी देखभाल करने पर काम किया जाता है।

गार्जियन की रिपोर्ट के बाद उठा था विवाद
ब्रिटेन के गार्जियन अखबार ने न्यूकासल यूनिवर्सिटी की ओर से अनंत अंबानी को दिए गए सम्मान पर एक रिपोर्ट पब्लिश की थी। इसमें दावा किया गया कि यूनिवर्सिटी को इस फैसले के लिए कंसर्वेशन और पर्यावरण से जुड़े संगठनों की आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। रिपोर्ट में कुछ अकेडमिक्स और पर्यावरणविद के हवाले से लिखा गया कि बड़ी कंपनियों और अरबपतियों के पैसे का यूनिवर्सिटीज पर असर पड़ने का खतरा रहता है।
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