पहलगाम हमले में शामिल तीनों आतंकी मारे गए: अमित शाह का लोकसभा में ऐलान; कहा- लग रहा विपक्ष यह खबर सुनकर खुश नहीं है
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अमित शाह ने आज 12 बजे से ऑपरेशन सिंदूर पर बोलना शुरू किया। क्रेडिट- संसद टीवी।
ऑपरेशन सिंदूर पर लोकसभा में चर्चा का आज दूसरा दिन है। गृहमंत्री अमित शाह ने ऐलान किया कि पहलगाम हमले में शामिल आतंकी मारे जा चुके हैं। शाह ने कहा कि कल के ऑपरेशन महादेव के तहत तीनों आतंकवादी सुलेमान, अफगान और जिबरान ढेर हो गए। जो लोग उन्हें खाना पहुंचाते थे, उन्हें पहले ही हिरासत में ले लिया गया था। उन लोगों ने ही इनके शवों की पहचान की।
अमित शाह इस दौरान विपक्ष पर काफी आक्रामक दिखे। उन्होंने कहा, 'मुझे उम्मीद थी कि जब वे (विपक्ष) पहलगाम आतंकवादियों के मारे जाने की खबर सुनेंगे तो खुश होंगे, लेकिन ऐसा लगता है कि वे इससे खुश नहीं हैं।'
आगे जाने से पहले पहलगाम हमले में शामिल दो आतंकियों की तस्वीर देखिए..
विपक्ष के चेहरे पर स्याही पड़ गई
अमित शाह ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, ‘ऑपरेशन सिंदूर और ऑपरेशन महादेव के तहत आतंकियों और उनके आकाओं को मिट्टी में मिलाया जा चुका है। मुझे लगा था कि यह खबर सुनकर आप सभी खुश होंगे। लेकिन, आपके चेहरे पर तो स्याही पड़ गई। ये कैसी पॉलिटिक्स कर रहे आप?
कांग्रेस वाले पूछ रहे थे आतंकी कहां से आए
अमित शाह ने आगे कहा, 'कल वे (कांग्रेस) हमसे पूछ रहे थे कि आतंकवादी कहां से आए और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। बेशक, यह हमारी जिम्मेदारी है क्योंकि हम सत्ता में हैं। मुझे बहुत दुख हुआ कि कल इस देश के पूर्व गृह मंत्री चिदंबरम जी ने सवाल उठाया कि क्या सबूत है कि ये आतंकी पाकिस्तान से आए थे। वे क्या कहना चाहते हैं। किसे बचाना चाहते हैं। पाकिस्तान को बचाकर आपको क्या मिलेगा?
हम चुपचाप नहीं बैठेंगे, ये मनमोहन सिंह सरकार नहीं
शाह ने कहा, 'ऑपरेशन सिंदूर के बाद हमारे DGMO ने पाक DGMO को बताया कि भारत ने आत्मरक्षा के तहत उनकी जमीन पर आतंकी ढांचों पर हमला किया है। यह मनमोहन सिंह की सरकार नहीं है कि आतंकी हमें मारकर चले जाएं और हम चुपचाप बैठे रहें।'
चीन के लिए गांधी परिवार का प्रेम तीन पीढ़ियों से चला रहा
गृहमंत्री ने गांधी परिवार पर निशाना साधते हुए कहा, 'चीन संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का सदस्य है, जबकि भारत नहीं है। इसके लिए जवाहरलाल नेहरू जिम्मेदार हैं। जब हमारे जवान डोकलाम में चीनी सैनिकों का सामना कर रहे थे, तब राहुल गांधी चीनी राजदूत के साथ बैठक कर रहे थे। चीन के लिए यह प्रेम जवाहरलाल नेहरू, सोनिया और राहुल गांधी से तीन पीढ़ियों तक चला आ रहा है।'
कल सुरक्षाबलों ने जॉइंट ऑपरेशन में आतंकियों को ढेर किया
सोमवार को जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर जिले के दारा इलाके में सुरक्षा बलों ने आतंकियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। लिडवास क्षेत्र में आतंकियों की मौजूदगी की खबर के बाद सेना ने 'ऑपरेशन महादेव' के तहत सर्च अभियान चलाया। जैसे ही सुरक्षा बलों ने इलाके को घेरा, आतंकियों के साथ मुठभेड़ शुरू हो गई। कुछ ही देर में पहलगाम हमले में शामिल तीनों आतंकी ढेर हो गए।
लोगों से धर्म पूछकर गोलियां मारीं
22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में बैसरन घाटी में पाकिस्तान से आए आतंकियों ने हमला कर दिया। आतंकियों ने टूरिस्ट्स से धर्म पूछकर गोलियां मारी थीं। इस हमले में 26 लोगों की जान चली गई। हमले की जिम्मेदारी लश्कर ए तैयबा के ही एक ग्रुप TRF ने ली थी।
इसके जवाब में 7 मई को भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पाक अधिकृत कश्मीर (POK) और पाकिस्तान में स्थित 9 आतंकी ठिकानों पर हमला कर दिया। इस हमले में जैश ए मोहम्मद का सरगना मसूद अजहर के परिवार के कई सदस्य और साथी मारे गए। 100 से ज्यादा आतंकी ढेर हुए।
जवाब में पाकिस्तान ने भी भारत पर हमला किया, लेकिन उन्हें नाकाम कर दिया गया। इसके बाद भारत ने 9 मई को पाकिस्तान के कई सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें दागीं। इससे पाकिस्तान के सैन्य संसाधनों को बहुत नुकसान हुआ। 10 मई को दोनों देशों के बीच सीजफायर हो गया।

