आपका फैसला पूरी तरह सही: भतीजे आकाश आनंद का मायावती को ओपन लेटर; खुद को साबित करने के लिए BSP में मांगा मौका
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आकाश आनंद ने मायावती को राजनैतिक गुरु और बुआ मां बताया। (फाइल फोटो)
नेशनल डेस्क. BSP चीफ मायावती ने पिछले दिनों भतीजे आकाश आनंद को नेशनल कॉर्डिनेटर पोस्ट से हटा दिया था और पार्टी से भी बाहर का रास्ता दिखा दिया था। अब आकाश आनंद ने बुआ मायावती को ओपन लेटर लिखा है। इसमें उन्होंने अपने ससुर अशोक सिद्धार्थ को पार्टी से बाहर निकालने के मायावती के फैसले को सही बताया है। आकाश आनंद ने कहा- मेरी चुप्पी को गलत समझा गया।
दरअसल, मायावती ने सितंबर में आकाश आनंद को पार्टी से बाहर निकालने का ऐलान किया था। मायावती ने आकाश पर डबल माइंड होने का आरोप लगाया है। मायावती ने कहा था- आकाश आनन्द को BSP के हित और इससे जुड़े अपने कैरियर की भी परवाह कम और रिश्ते-नातों आदि का मोह ज्यादा है तो ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आकाश आनंद डबल माइंड होकर BSP का भला कैसे कर सकते हैं?
आकाश आनंद बोले- आप मेरी राजनैतिक गुरु
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शेयर किए गए पत्र में आकाश ने लिखा- आदरणीय बहन जी, आप मेरी राजनैतिक गुरु हैं, मेरी प्रेरणा हैं, और मेरी बुआ मां भी हैं। राजनीति में मैंने जो कुछ सीखा, वो आप से ही सीखा, जो कुछ किया, आपके मार्गदर्शन में किया। इसलिए आज अपनी बात सीधे आपके सामने और पूरे बहुजन समाज के सामने रखना चाहता हूं।
उन्होंने लिखा- पिछले कुछ दिनों से मीडिया और सोशल मीडिया में मेरे बारे में कई तरह की खबरें और अफवाहें चल रही हैं। मैं साफ कर देना चाहता हूं, मैं किसी दूसरे राजनीतिक दल में नहीं जा रहा। न आज, न कभी। BSP मेरे लिए सिर्फ एक पार्टी नहीं, मेरा परिवार है। अशोक सिद्धार्थ को पार्टी से निकालने और उनके संन्यास का आपका फैसला पूरी तरह सही है, और मैं उस फैसले के साथ खड़ा हूं। रिश्ते अपनी जगह हैं, पर मिशन उनसे बड़ा है। व्यक्तिगत और पारिवारिक हितों से ऊपर पार्टी और आंदोलन का हित रखना मेरी जिम्मेदारी है।

पार्टी में फिर मांगा मौका
आकाश ने कहा- उस समय मैंने खुद को सोशल मीडिया से दूर कर लिया था, इसलिए आपके उस पोस्ट को रिपोस्ट नहीं कर पाया। मेरी उस चुप्पी को गलत समझा गया, और अफवाहों को जगह मिली। अगर इससे आपको ठेस पहुंची है, तो मैं उसके लिए आपसे क्षमा चाहता हूं।
उन्होंने कहा- मैं सिर्फ आपके नेतृत्व में फिर से पार्टी और मिशन की सेवा का अवसर चाहता हूं। विश्वास शब्दों से नहीं, काम से बनता है, और मैं उसे अपने आचरण और अपनी मेहनत से साबित करूंगा। बाबा साहेब का मिशन, रास्ता और आपका नेतृत्व। यही मेरी राजनीति है।

