अहमदाबाद प्लेन क्रैश-1017: पायलट फेडरेशन ने दो विदेशी मीडिया हाउस से माफी मांगने को कहा; इसने क्रैश के लिए पायलट्स को जिम्मेदार ठहराया था
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12 जून को अहमदाबाद में एयर इंडिया का प्लेन क्रैश हो गया था। हादसे में 270 लोग मारे गए थे।
पायलट फेडरेशन ने अमेरिकी अखबार द वॉल स्ट्रीट जर्नल और इंटरनेशनल न्यूज एजेंसी रॉयटर्स को नोटिस भेजा है। दरअसल, इन दोनों ने अपनी रिपोर्ट में अहमदाबाद प्लेन क्रैश के लिए पायलट्स को जिम्मेदार ठहराया था। फेडरेशन का कहना है कि बिना किसी ठोस सबूत के हादसे का दोष दोनों पायलट पर मढ़ दिया गया। इसलिए दोनों मीडिया संस्थानों को माफी मांगनी चाहिए।
फेडरेशन का कहना है कि हादसे की जांच चल रही है। जांच पूरी होने से पहले ऐसी गैर-जिम्मेदाराना हरकत सही नहीं है।
रिपोर्ट क्या थी, पहले यह जानिए
वॉल स्ट्रीट जनरल (WSJ) में छपी खबर के मुताबिक, जांच टीम में शामिल अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि टेकऑफ के तुरंत बाद प्लेन का फ्यूल स्विच बंद हो गया था। कैप्टन यानी सीनियर पायलट सुमीत सभरवाल ने इंजनों में फ्यूल की सप्लाई रोकी थी। टेकऑफ के तुरंत बाद जूनियर पायलट ने कैप्टन सुमित सभरवाल से पूछा कि आपने फ्यूल को ‘रन’ से ‘कटऑफ’ मोड में क्यों किया।
जूनियर पायलट क्लाइव कुंदर ये कहते हुए घबरा रहे थे। उनकी आवाज में बेचैनी थी। हालांकि, कैप्टन के लहजे में कोई घहराहट नहीं थी। वे शांतचित्त थे। WSJ ने बताया कि यह खुलासा दोनों पायलट्स के बीच बातचीत की कॉकपिट रिकॉर्डिंग से हुआ।
पत्रकारिता की नैतिकता बनाकर रखनी चाहिए
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, इस रिपोर्ट पर द फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट (FIP) ने वॉल स्ट्रीट जर्नल और रॉयटर्स को कानूनी नोटिस भेजते हुए कहा- ऐसी हरकतें गैर जिम्मेदाराना हैं, खासकर तब जब जांच अभी पूरी नहीं हुई है। मीडिया को पत्रकारिता की नैतिकता बनाकर रखनी चाहिए। साथ ही, जनता को गुमराह करने वाली भ्रामक जानकारी देने से बचना चाहिए।
पूरे पायलट समुदाय का मनोबल गिरा
नोटिस में कहा गया- इन रिपोर्ट्स की वजह से गुजर चुके पायलट्स के प्रतिष्ठा पर गहरा सवाल उठा है। वे अपना बचाव करने के लिए इस दुनिया में भी नहीं हैं। ऐसा करके रॉयटर्स ने पायलट के परिवारों को भी दुख पहुंचाया है। साथ ही, उन्होंने उस पायलट समुदाय का मनोबल गिराया है, जो हमेशा प्रेशर और जिम्मेदारी से काम करता है।
‘विदेशी मीडिया ने तोड़मरोड़ कर जानकारी दी’
रिपोर्ट बाहर आने के बाद भारत सरकार से जुड़े सोर्सेज ने भी निराशा जाहिर की थी। सरकारी सोर्सेज ने CNN-News18 को बताया कि एयर इंडिया विमान हादसे को लेकर विदेशी मीडिया ने जानकारियों को तोड़मरोड़ कर पेश किया।
उन्होंने कहा कि कैप्टन सुमित सभरवाल एक स्ट्रॉन्ग सिविल एविएशन बैकग्राउंड से आते थे। उनके पिता भी सिविल एविएशन मिनिस्ट्री से रिटायर्ड हैं। हम कैसे मान लें कि कैप्टन सभरवाल किसी स्ट्रेस में रहे होंगे।
हादसे में 270 लोग मारे गए
12 जून को अहमदाबाद से लंदन जाने वाली एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 उड़ाने भरने के 1 मिनट के अंदर क्रैश हो गई। विमान में पायलट और क्रू मेंबर सहित 242 लोग सवार थे। एक को छोड़कर सभी मारे गए।
टेक ऑफ करते ही प्लेन शहर के मेघानीनगर इलाके में बी.जे. मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर्स हॉस्टल की बिल्डिंग से टकरा गया था। इससे प्लेन में आग लग गई। प्लेन में काफी सारा फ्यूल था, जिसकी वजह से चंद सेकेंड में इसके परखच्चे उड़ गए। जब प्लेन हॉस्टल से टकराया, तब वहां भी काफी सारे जूनियर डॉक्टर मौजूद थे। इस हादसे में टोटल 270 लोग मारे गए।

