अग्निवीरों को सरकारी नौकरी में आरक्षण: MP में 5 यूनिफॉर्म वाली पोस्ट पर 20% रिजर्वेशन; महाराष्ट्र में ग्रुप-C भर्ती में भी 10% आरक्षण
Published:
3 min read

महाराष्ट्रा सरकार ने ग्रुप C की यूनिफॉर्म वाली पोस्ट पर नियुक्ति करने के लिए एक कमेटी बनाई है। AI- इमेज।
एजुकेशन डेस्क. मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र की कैबिनेट ने मंगलवार को राज्य सरकार की यूनिफॉर्म वाली भर्तियों में अग्निवीरों के लिए आरक्षण को मंजूरी दी। इसके मुताबिक मध्यप्रदेश सरकार ने 5 विभागों में अग्निवीरों को 20% का हॉरिजॉन्टल रिजर्वेशन देने की बात कही है। वहीं महाराष्ट्र में ग्रुप C की यूनिफॉर्म वाली पोस्ट पर भर्ती और सेमी-गवर्नमेंट सर्विस में भर्ती के लिए10% का आरक्षण दिया जाएगा।
मध्य प्रदेश में किन पदों पर मिलेगा आरक्षण
मध्य प्रदेश में यह हॉरिजॉन्टल रिजर्वेशन कांस्टेबल, स्पेशल आर्म्ड फोर्स (SAF) जवान, जेल गार्ड,वन रक्षक और आबकारी कांस्टेबल के पदों पर लागू होगा। इसको कुछ इस प्रकार बांटा गया है, होम डिपार्टमेंट के तहत कांस्टेबल पदों पर अग्निवीरों को 20% आरक्षण मिलेगा। वहीं, होमगार्ड को 10% और इसी पोस्ट के लिए पूर्व सैनिकों को 5% हॉरिजॉन्टल आरक्षण दिया जाएगा। इसी के साथ स्पेशल आर्म्ड फोर्स (SAF) में अग्निवीरों को 20% आरक्षण मिलेगा।
हॉरिजॉन्टल रिजर्वेशन क्या होता है
हॉरिजॉन्टल रिजर्वेशन का मतलब है कि किसी कैटेगरी के अंदर ही लोगों को आरक्षण देना। उदाहरण के लिए, अगर अग्निवीरों के लिए 20% हॉरिजॉन्टल रिजर्वेशन है, तो भर्ती में अग्निवीरों के लिए 20% सीटों का प्रावधान होगा। ये सीटें SC, ST, OBC, EWS और सामान्य वर्ग की सीटों में से एडजस्ट हो सकती हैं। यानी यह SC, ST, OBC, EWS और जनरल कैटेरगरी के बीच अलग से सीटें तय करने के बजाय, इन सभी कैटेगरी में लागू हो सकता है।
यूनिफॉर्म ग्रुप C भर्ती के लिए बनी कमेटी
वहीं महाराष्ट्र सरकार ने ग्रुप C वाले यूनिफॉर्म्ड पोस्ट्स पर नियुक्ति करने के लिए चीफ सेक्रेटरी की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई है। ये भर्ती होम,फॉरेस्ट और अर्बन डेवलपमेंट डिपार्टमेंट्स के साथ-साथ दूसरे डिपार्टमेंट्स में भी की जाएगी। वहीं अगर किसी पोस्ट पर 10% से ज्यादा रिजर्वेशन देने की जरूरत पड़ती है, तो कमेटी को तय नियमों के मुताबिक रिजर्वेशन की लिमिट बढ़ाने का अधिकार दिया गया है।
2022 की अग्रिपथ बैंच के कुछ लोग होंगे परमानेंट
2022 की अग्निपथ योजना के तहत केंद्र सरकार सशस्त्र बलों में 25% अग्निवीरों को आर्म्ड फोर्सेज में परमानेंट कर देंगे। वहीं जो 75% लोग होंगे उन्हें चार साल की सर्विस के बाद रिलीव कर दिया जाएगा। अग्निवीरों की चार साल की सेवा में 6 महीने की ट्रेनिंग भी शामिल है।
इसी के साथ इसको लेकर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि राज्य सरकार ने फैसला किया है कि सशस्त्र बलों में स्थायी रूप से नहीं रखे गए अग्निवीरों को पुलिस और इसी तरह के अन्य पदों पर नियुक्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पूर्व अग्निवीरों को दोबारा भर्ती परीक्षा देने या नई ट्रेनिंग लेने की जरूरत नहीं होगी।

