मीट बैन को लेकर पॉल्ट्री फेडरेशन की मांग: बिक्री को लेकर कैलेंडर बने, रोजी-रोटी का सवाल..अचानक फरमान सुनाने से नुकसान
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महाराष्ट्र और तेलंगाना के कई शहरों में 15 अगस्त को मीट बैन कर दिया गया है। फोटो क्रेडिट- द टेलीग्राफ।
पॉल्ट्री फेडरेशन ऑफ इंडिया ने सरकार को पत्र लिखा है। उनका कहना है कि गवर्नमेंट को एक कैलेंडर बनाना चाहिए कि किस दिन मीट मिलेगा, किस दिन नहीं। ऐन मौके पर मीट बैन से इससे जुड़े कारोबारियों और मजदूरों का नुकसान हो जाता है।
दरअसल, 15 अगस्त के मौके पर देश के कई शहरों में मांस बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। खासकर, महाराष्ट्र और तेलंगाना में। बुधवार को शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे और AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने मीट बैन को लेकर नाराजगी जाहिर की।
अचानक फरमान सुनाने से नुकसान
पॉल्ट्री फेडरेशन ऑफ इंडिया ने केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल को लेटर लिखकर कैलेंडर बनाने की बात कही है। उनकी मांग है कि कम से कम तीन महीने पहले प्रशासन से जानकारी मिल जानी चाहिए कि मीट की दुकानें कब बंद रखनी हैं। अचानक फरमान सुनाने से लाखों लोगों पर प्रभाव पड़ जाता है। इसकी वजह से रोजी-रोटी पर फर्क पड़ता है।
फेडरेशन का मेंबर भी अथॉरिटी में होना चाहिए
पॉल्ट्री फेडरेशन ने यह भी कहा कि मीट बैन को लेकर जो भी अथॉरिटी फैसला लेती है, उसमें उनका भी एक रिप्रेंजेटेटिव होना चाहिए। साथ ही, मंदिरों के आस-पास बस सावन महीने में ही बिक्री पर रोक लगनी चाहिए।
म्युनिसिपल बॉडीज का मीट बैन
दरअसल, ग्रेटर हैदराबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन, महाराष्ट्र के कई बड़े शहर जैसे कल्याण-डोंबिवली, छत्रपति संभाजीनगर, नागपुर और मालेगांव की म्युनिसिपल बॉडीज ने 15 अगस्त और कुछ जगहों पर 16 अगस्त (जन्माष्टमी) को मीट शॉप्स और स्लॉटरहाउस बंद करने का आदेश जारी किया है।
इस पर यहां के नेताओं ने नाराजगी भी जाहिर की है। ओवैसी ने कहा- मांस खाने और स्वत्रंतता दिवस मनाने में क्या संबंध है। वहीं, आदित्य ठाकरे ने कहा- खाने-पीने को लेकर प्रतिबंध कोई नहीं लगा सकता। मैं तो नॉनवेज खाकर रहूंगा। पूरी खबर पढ़ें..

