वैष्णो देवी मार्ग पर लैंडस्लाइड: अब तक 35 की मौत, कई फंसे; राहत सामान लेकर पहुंचा एयरफोर्स का प्लेन
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जम्मू में कल से ही भारी बारिश और लैंडस्लाइड की वजह से भारी तबाही आई है।
नेशनल डेस्क: जम्मू-कश्मीर के कटरा में वैष्णो देवी मार्ग पर लैंडस्लाइड में अब तक 35 लोगों की मौत हो गई। 23 लोग घायल हैं। मौत का आंकड़ा अभी बढ़ सकता है। मलबे में अभी भी कुछ और लोगों के फंसे होने की आशंका है। यह हादसा मंगलवार दोपहर 3 बजे अर्धकुमारी मंदिर से कुछ दूर इंद्रप्रस्थ भोजनालय के पास हुआ। वैष्णो देवी यात्रा फिलहाल रोक दी गई है। जो श्रद्धालु दूसरे प्रदेश से वैष्णो देवी पहुंचे थे, वे उधर ही फंस चुके हैं।
बुधवार को भारी बारिश के बावजूद रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। NDRF की 8 टीमें जम्मू के अलग-अलग जगहों पर बचाव और राहत कार्यों में लगी हैं। राहत पहुंचाने के लिए एयरफोर्स के प्लेन का इस्तेमाल किया जा रहा है।
मृतकों को 9-9 लाख की आर्थिक मदद
श्राइन बोर्ड पॉलिसी के मुताबिक, मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक मदद की जाएगी। इसके अलावा डिजास्टर मैनेजमेंट की तरफ से भी परिजनों को 4-4 लाख रुपये दिए जाएंगे।
झेलम किनारे के 3500 घर कराए गए खाली
झेलम नदी का पानी उफान पर है। आस-पास के लगभग 3500 घरों को खाली करा लिया गया है। जम्मू में मंगलवार सुबह 11.30 बजे से शाम 5.30 बजे तक सिर्फ 6 घंटे में रिकॉर्ड 22 सेंटीमीटर बारिश हुई। इससे पूरे जम्मू में भारी तबाही हुई है।
वहां कई जगह सड़कें धंस गईं। पुल टूट गए। राह चलते गाड़ियों पर पेड़ गिर गया। हाईवे पर यातायात पूरी तरह बाधित है। कल जम्मू के ही डोडा में बादल फट गया था। पंजाब के कुछ एरियाज में भी प्रभाव देखने को मिल रहा है।
घटना पर प्रधानमंत्री मोदी ने दुख जताया। उन्होंने X पर लिखा- लैंडस्लाइड की घटना दुखद है। मृतकों के परिवारजनों के साथ मेरी संवेदनाएं हैं। घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं। प्रशासन हरसंभव मदद में जुटा है।

लेटेस्ट अपडेट्स
- कटरा में अर्धकुमारी मंदिर के पास वैष्णो देवी रूट पर लैंडस्लाइड में अब तक 31 लोगों की मौत हो गई।
- भारी बारिश और लैंडस्लाइड की वजह से कई पुल, बिजली के खंभे और मोबाइल टावर टूट गए। इससे इलाके में संचार व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित है।
- अब तक 3500 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है।
- 27 अगस्त तक जम्मू डिविजन के सभी स्कूल बंद हैं। कई ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं।
- NDRF और SDRF की 8 टीमें रेस्क्यू में लगी हैं।
- वायुसेना का विमान और हेलीकॉप्टर भी रेस्क्यू में लगे हैं।
लैंडस्लाइड कैसे होता है
लैंडस्लाइड या भूस्खलन होता है जब मिट्टी, पत्थर या मलबा पहाड़ी या ढलान से नीचे की ओर तेजी से खिसकने लगता है। यह अक्सर भारी बारिश, भूकंप या जमीन के कमजोर होने से होता है। बारिश मिट्टी को गीला और कमजोर कर देती है। इससे वो अपने ऊपर के वजन को सहन नहीं कर पाती और नीचे गिर जाती है।
किश्तवाड़ में भी बादल फटने से 65 लोगों की मौत हुई थी
बीतें दिनों जम्मू-कश्मीर के ही किश्तवाड़ में बादल फटने से 65 लोगों की मौत हो गई। 200 से ज्यादा लोग घायल थे। वहां भी सारे लोग धार्मिक यात्रा के लिए रुके थे।

