26/11 हुआ तब कहां थे राज-उद्धव?: पूर्व कमांडो बोले- यूपी-बिहार के जवानों ने खून बहाया, महाराष्ट्र को आतंकियों से बचाया
Published:
4 min read

पूर्व कमांडो प्रवीण कुमार तेवतिया और राज ठाकरे।
महाराष्ट्र में नॉन मराठी लोगों के साथ मारपीट पर 26/11 काउंटर टेरेरिस्ट ऑपरेशन में शामिल एक मार्कोस कमांडो का गुस्सा फूट पड़ा। पूर्व मार्कोस कमांडो प्रवीण कुमार तेवतिया ने MNS प्रमुख राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि जब मुंबई पर अटैक हुआ था, तब राज ठाकरे और उनके सो- कॉल्ड वॉरियर्स कहां थे?
उन्होंने ANI से बात करते हुए कहा कि मैंने आतंकी हमले में मुंबई के लोगों को बचाया था। मैंने अपना खून महाराष्ट्र के बहाया। मैं उत्तरप्रदेश (यूपी) से हूं। मैंने ताज होटल को बचाया था। तब राज ठाकरे के सो-कॉल्ड वॉरियर्स कहा था? देश को बांट बंद करें। मुस्कान के लिए किसी भाषा की जरुरत नहीं। तेवतिया ने आतंकी हमले पर ‘26/11 ब्रेवहर्ट: माय एनकाउंटर विथ टेरेरिस्ट देट नाइट’ नाम से एक किताब भी लिखी है।
आतंकियों से यूपी-बिहार के जवान लड़ रहे थे- तेवतिया
कमांडर तेवतिया ने कहा कि आतंकी हमले के समय राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे कहीं दिखाई नहीं दिए थे। लेकिन आतंकियों से लड़ने वाले आधे से ज्यादा जवान यूपी और बिहार के थे। उन्होंने आतंकियों से लड़ाई लड़ी थी।आतंकी हमले के समय राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे कहीं नहीं थे। आर्मी के जवान जिनमें से अधिकतर यूपी और बिहार के थे, जिन्होंने लोगों को बचाया। मैं वहां था, मैंने स्थिति को संभाला, और आतंकियों का सामना किया। मैं खुद उत्तरप्रदेश से हूं, उसी गांव से पूर्व पीएम चौधरी चरण सिंह आते थे। आपके घर से कितने लोग सेना में है मुझे बताईये, आपके घर में कितने कामगार है मुझे बताईये, कोई नहीं।
'भाषा के आधार पर बंटवारा न करें'
उन्होंने कहा कि मैं मराठी भाषा और मराठा वॉरियर्स पर गर्व करता हूं। ऐसे लोगों को भाषा के आधार बंटवारे की अनुमति न दें। भाषा राजनीति का हिस्सा नहीं बननी चाहिए। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी, गरीबी, विकास, मेनुफेक्चरिंग, कृषि, शिक्षा, स्वस्थ्य, रेप केस, पेंडिंग कोर्ट केस और आतंकवाद इससे बड़े मुद्दे हैं, इन पर ध्यान देने की जरुरत है। हालांकि अभी तक राज ठाकरे और उनकी पार्टी की तरफ से कोई रिएक्शन नहीं आया है।
उन्होंने ANI से बात करते हुए कहा - ‘2008 में भी इस व्यक्ति ने ऐसी ही नौटंकी की थी। मराठी बोलने को लेकर MNS के सो-कॉल्ड वॉरियर्स ने यूपी-बिहार के लोगों के साथ जगह-जगह मारपीट की थी। राज ठाकरे ने एक शब्द तक नहीं बोला था। उन्होंने कहा कि राजनीति हमें मत सिखाओ। राजनीति को अलग रखो, भाषा को अलग रखो। मराठी का राजनीतिकरण न करें’।
‘मराठी- मानुष को मूर्ख बनाना चाहते हैं’
उन्होंने कहा कि राज ठाकरे ने आज तक कोई भी विकास का काम नहीं किया है। सिर्फ और सिर्फ पार्टी और अपने परिवार के लिए किया है। अब यह दोनों क्यों फिर से साथ आए हैं इसका भी बड़ा कारण है। अब फिर से लोगों को मराठी-मानुष करके मूर्ख बनाना है। उद्धव ठाकरे वो भी अपना अस्तित्व खो चुके हैं। उनके पिता जी हिंदुत्व को लेकर अग्रसर थे।
कभी किसानों के परिवार से मिले-तेवतिया
पूर्व मार्कोस कमांडो प्रवीण कुमार ने कहा कि विदर्भ में कितने किसान सुसाइड करते हैं, एक भी किसान परिवार से उद्धव ठाकरे ने मुलाकात की है। उनके परिवारों के दर्द को साझा किया हो। आप उन व्यक्तियों को टारगेट करते हैं, जो गरीब हैं, कामगार हैं, ट्रैक्सी ड्राइवर है, कोई छोटा-मोटा ड्राइवर हैं उनको परेशान करते हैं।
'बॉलीवुड के आगे दंडवत हो जाते है'
पूर्व मार्कोस कमांडो ने कहा कि बॉलीवुड हिंदी फिल्में बनाता है, आप अभिताभ बच्चन से क्यों नहीं पूछते कि मराठी क्यों नहीं बोलते। क्योंकि उनसे तो आप टैक्स लेकर खाते हो। उनके घर पर तो आप जाकर दंडवत हो जाते हो। 5 जुलाई को 20 साल बाद उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे विजय रैली में एक मंच पर दिखाई दिए। यह विजय रैली महाराष्ट्र में हिंदी को तीसरी भाषा बनाने वाले आदेश को रद्द करने के बाद हुई।

