फ्रेंच नेवी के पूर्व पायलट पर चीन के लिए जासूसी का आरोप: इसी पायलट ने ऑपरेशन सिंदूर में राफेल गिरने का दावा किया था
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ऑपरेशन सिंदूर के दौरान राफेल गिरने का दावा करने वाले फ्रांस नेवी के एक पूर्व पायलट को चीन के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
इंटरनेशनल डेस्क। फ्रांस नेवी के एक पूर्व पायलट को चीन के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। इसी पायलट ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत के राफेल गिराए जाने का दावा किया था। साथ ही चीन फरइट जेट्स की तारीफ की थी। उसने कहा था चीन के फाइटर जेट्स J-10C और JF-17 राफेल किलर्स हैं। बता दें कि राफेल फिलहाल इंडियन एयरफोर्स के बेड़े में शामिल सबसे एडवांस्ड फाइटर जेट्स में शामिल हैं। इसे फ्रांस के दसॉ एविएशन ने तैयार किया है।
शुए पर क्या आरोप हैं
शुए पर आरोप है कि उसने चीन को सेंसिटिव मिलिट्री इन्फॉर्मेशन दी। फ्रांसीसी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, उनके घर की तलाशी ली गई और अब उनके खिलाफ जांच शुरू कर दी गई है। फिलहाल उसे न्यायिक निगरानी (Judicial Supervision) के तहत रिहा कर दिया गया है। उसके खिलाफ विदेशी ताकताें को खुफिया जानकारी देने, नेशनल डिफेंस से जुड़े सीक्रेट डॉक्यूमेंट्स शेयर करने और दूसरे गंभीर आरोपों की जांच चल रही है।
नेवल एविएशन यूनिट में तैनाती थी
रिपोर्ट्स के मुताबिक शुए 2021 तक फ्रांस की नेवल एविएशन यूनिट में तैनात था। उसने फ्रांस के एयरक्राफ्ट कैरियर चार्ल्स डी गॉल से सुपर एटेंडार्ड और राफेल-M फाइटर जेट उड़ाए थे। जांच एजेंसियों का आरोप है कि नौकरी के दौरान वह 2018 और 2019 में चोरी-छिपे दो बार चीन गया। इन दौरान उसने दक्षिण अफ्रीका की एक एविएशन कंपनी के जरिए चीनी मिलिट्री पायलटों को ट्रेनिंग दी। उनके साथ एयरक्राफ्ट कैरियर ऑपरेशन, कैरियर लैंडिंग और पश्चिमी देशों की मिलिट्री स्ट्रैटेजी से जुड़ी सेंसिटिव जानकारी शेयर की।
चीन पायलटों को पश्चिमी देशों की स्ट्रैटेजी बताई
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पहली ट्रेनिंग में एयरक्राफ्ट कैरियर पर लैंडिंग से जुड़ी टेक्नोलॉजी और प्रोसेस पर चर्चा हुई थी। दूसरी ट्रेनिंग में नेवल एविएटर्स, लैंडिंग सिग्नल ऑफिसर्स (LSO), E-2C Hawkeye एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एयरक्राफ्ट और सीरिया में पश्चिमी देशों के मिलिट्री ऑपरेशन से जुड़े अनुभव शामिल थे। फ्रांस की डिफेंस मिनिस्ट्री ने इसी आधार पर मामला भेजा, जिसके बाद जांच आगे बढ़ी और अब केस एक जांच मजिस्ट्रेट की निगरानी में चल रहा है।
शुए का सभी आरोपों से इनकार
हालांकि शुए ने सभी आरोपों से इनकार किया है। उसका कहना है कि उसने सिर्फ दो तीन-दिवसीय के सेमिनार ऑर्गनाइज किए थे और इनमें कोई सीक्रेट मिलिट्री इन्फॉर्मेशन नहीं की गई। उसने यह भी कहा कि 2019 की उसकी चीन विजिट सफल नहीं रही थी। उसके बाद वह दोबारा कभी चीन नहीं गया। फ्रांस के कानून के तहत उसके खिलाफ फॉर्मल इन्वेस्टिगेशन शुरू होने का मतलब दोषी साबित होना नहीं है। अदालत में आरोप साबित होने के बाद ही उसके खिलाफ सजा तय होगी।
राफेल पर सवाल उठाए थे
शुए का नाम भारत में उस समय चर्चा में आया था जब उसने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान कई वीडियो जारी कर इंडियन एयरफोर्स के राफेल फाइटर जेट्स पर सवाल उठाए थे। उसने दावा किया था कि पाकिस्तान के J-10C ने PL-15 मिसाइल से भारतीय राफेल को मार गिराया और चीनी फाइटर जेट्स को 'राफेल किलर' बताया था। हालांकि दसॉ एविएशन के सीईओ एरिक ट्रैपियर ने इन दावों को गलत बताया था।
एयरफोर्स ने राफेल को लेकर क्या कहा
इंडियन एयरफोर्स ने कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान कुछ विमान जरूर खोए गए, लेकिन कोई भी राफेल नहीं था। जून 2026 में एयर हेडक्वार्टर की ओर से जारी एक RFP में भी भारतीय वायुसेना के सभी 36 राफेल विमानों के लिए सपोर्ट पैकेज मांगा गया था, जिससे पता चला कि पूरा राफेल बेड़ा सुरक्षित है और एयरफोर्स में सर्विस दे रहा है।

