मक्का-मदीना में भीख मांगने की गलती ना करें: पाकिस्तान ने अपने नागरिकों को चेताया- नियम तोड़ा तो अरेस्ट-डिपोर्ट होंगे
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इंटरनेशनल डेस्क। पाकिस्तान ने सऊदी अरब जाने वाले अपने हज और उमरा जायरीनों को सख्त चेतावनी दी है। पाकिस्तान एम्बेसी ने कहा है - सऊदी अरब में भीख मांगने, बिना इजाजत पैसे जुटाने या लोकल कानूनों का उल्लंघन करने से बचें। नियम तोड़ने वालों को अरेस्ट किया जा सकता है। हिरासत में लेकर डिपोर्ट भी किया जा सकता है। जायरीन और सऊदी में काम करने वाले दूसरे पाकिस्तानी वहां के कानूनों और अपने वीजा की शर्तों का पूरी तरह पालन करें। कानून तोड़ने वाले शख्स के खिलाफ लोकल नियमों के मुताबिक एक्शन लिया जा सकता है
पाकिस्तान एम्बेसी ने आगाह किया
पाकिस्तान एम्बेसी ने सोशल मीडिया पर एक AI-जेनरेटेड वीडियो भी शेयर किया है। इसके साथ लिखा है- पाकिस्तान से आने वाले सभी उमरा जायरीनों और वर्कर्स के लिए अहम पैगाम। वीडियो में दिखाया गया है कि एक शख्स को सऊदी के अफसर अरेस्ट कर रहे हैं। इसके बाद उसे जेल ले जाते हुए दिखाया गया है। वीडियो के जरिए यह बताने की कोशिश की गई है कि सऊदी अरब में भीख मांगने या गैरकानूनी तरीके से पैसे जुटाने पर गिरफ्तारी हो सकती है।

सऊदी अरब में भीख मांगना बैन
सऊदी अरब ने भीख मांगने और बिना इजाजत पैसे जुटाने को लेकर जीरो टॉलरेंस पॉलिसी अपना रखी है।2021 में लागू किए गए Anti-Begging Law के तहत भीख मांगना कानूनी अपराध है। इस कानून के मुताबिक, किसी भी तरह से भीख मांगने, दूसरों को इसके लिए उकसाने या इसमें मदद करने पर सख्त एक्शन लिया जा सकता है। सऊदी अथॉरिटीज ने लोगों से भी अपील की है कि वे सीधे भिखारियों को पैसे देने के बजाय जरूरतमंदों तक मदद पहुंचाने के लिए कानूनी और अथॉराइज्ड मीडियम का इस्तेमाल करें।
सऊदी से 56 हजार पाकिस्तानी भिखमंगे डिपोर्ट
पाकिस्तानी फेरल इनवेस्टिगेशन एजेंसी (FIA) के मुताबिक, पिछले एक साल में सऊदी अरब ने लगभग 24,000 पाकिस्तानियों को भीख मांगने के आरोप में वापस भेजा है। ऑफिशियल ब्रीफिंग के मुताबिक 56,000 ऐसे पाकिस्तानियों को सऊदी से डिपोर्ट किया गया है जो उमरा या विजिट वीजा का गलत इस्तेमानल कर मक्का और मदीना में भीख मांगते पकड़े गए थे। इससे निपटने के लिए पाकिस्तान सरकार ने भी हवाई अड्डों पर 66,000 से अधिक संदिग्ध जायरीनों को यात्रा करने से रोका है।

अनअथॉराइज्ड सर्विसेज का इस्तेमाल नहीं करें
पाकिस्तान एम्बेसी ने अपने नागरिकों को अनऑथराइज्ड लोकल सर्विसेज के इस्तेमाल और उपलब्ध कराने से भी बचने को कहा है। एम्बेसी के मुताबिक, सऊदी अरब में रहने या यात्रा करने वाले पाकिस्तानियों को लोकल कानूनों का पालन करना होगा। ऐसे किसी भी ऐसी एक्टिविटी में शामिल होने से बचना होगा, जिसके लिए संबंधित अथॉरिटी की इजाजत जरूरी है। नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माना लगाया जा सकता है। साथ गिरफ्तारी और डिपोर्टेशन भी हो सकता है।
वीजा की शर्त तोड़ी तो सख्त एक्शन
एडवाइजरी में वीजा रूल्स को लेकर भी खास चेतावनी दी गई है। पाकिस्तान एम्बेसी ने हज और उमरा जायरीनों के साथ वर्कर्स से कहा है कि वे अपने वीजा की शर्तों और उसकी वैलिडिटी के अंदर ही रहें। वीजा खत्म होने के बाद सऊदी अरब में रुकना यानी ओवरस्टे करना गंभीर उल्लंघन माना जा सकता है। इसके अलावा जिस कैटेगरी का वीजा मिला है, सिर्फ वही काम करें। मसलन टूरिस्ट वीजा पर पहुंचने के बाद नौकरी की तलाश नहीं करे या वहां रुक कर कोई बिजनेस शुरू नहीं करें।
मक्का जाने से पहले ट्रैवेल रूल्स समझ लें
यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब सऊदी अरब हज और उमरा से जुड़े नियमों को लेकर सख्ती कर रहा है। रमजान और इसके बाद बड़ी संख्या में लोग मक्का और मदीना पहुंचते हैं। ऐसे में सऊदी अथॉरिटीज पब्लिक बेहद सतर्क है। पब्लकि प्लेस पर लोगों के बर्ताव वीजा कंडीशन और धार्मिक स्थलों पर व्यवस्था बनाए रखने पर खास ध्यान दिया जा रहा है। पाकिस्तान एम्बेसी ने अपने नागरिकों से कहा है कि वे किसी भी परेशानी से बचने के लिए यात्रा से पहले नियमों को अच्छी तरह समझ लें।
पिछले साल 16.73 लाख से ज्यादा लोगों ने हज किया
हज इस्लाम के पांच अहम मजहबी फर्ज में से एक है। जिन मुसलमानों की आर्थिक स्थिति और सेहत अच्छी है, उनके लिए जीवन में कम से कम एक बार हज करना जरूरी माना जाता है। पिछले साल कुल 16,73,320 लोगों ने हज किया था। इनमें 15,06,576 यात्री सऊदी अरब के बाहर से पहुंचे थे। हज के दौरान कई दिनों तक अलग-अलग मजहबी रस्में निभाई जाती हैं। इनमें बड़ी संख्या में रस्में खुले इलाकों में होती हैं। इसी वजह से सऊदी अरब में हज और उमरा के दौरान जायरीनों की सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर नियम काफी सख्त रहते हैं।

