SCO में PAK की फजीहत: मोदी को पुतिन-जिनपिंग से गले मिलते देखते रहे शाहबाज; पहलगाम हमले के जिक्र पर नजरें फेर लीं
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भारतीय PM मोदी ने SCO को आतंकवाद के मुद्दे पर सख्त रुख अपनाने को कहा।
इंटरनेशनल डेस्क: चीन के तियानजिन में शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन समिट (SCO) के दौरान प्रधानमंत्री ने 22 अप्रैल को हुए पहलगाम हमले का जिक्र किया। इससे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ परेशान नजर आए। वो यहां वहां देखते रहे। इसके बाद ग्रुप फोटो सेशन हुआ। इसमें मोदी के साथ रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन और फिर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग हाथों में हाथ डालकर चर्चा करते दिखे।
खास बात ये रही कि शरीफ इससे भी परेशान नजर आए और बाईं तरफ देखने लगे। मोदी के साथ पुतिन उनके सामने से गुजरे और दोनों नेताओं ने शाहबाज को अनदेखा कर दिया। इसके बाद सोशल मीडिया पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को ट्रोल किया गया।
टेरेरिज्म पर मोदी के सख्त अल्फाज
समिट के प्रिलिमनरी सेशन में मोदी ने आतंकवाद का जिक्र किया। कहा- भारत हमेशा क्रॉस बॉर्डर टेरेरिज्म से परेशान रहा है। 22 अप्रैल को पहलगाम हमला हुआ। बच्चों ने अपने पिता खो दिए। यह मानवता के खिलाफ सबसे बड़ा अपराध है। भारत अब इसे कीमत पर सहन नहीं करेगा।
मोदी ने आगे कहा- SCO को आतंकवाद के मुद्दे पर सख्त रुख अपनाना होगा। अब तो साइबर टेरेरिज्म भी बड़ा चैलेंज बन रहा है। हम चाहते हैं कि इस मुद्दे पर दुनिया एक साथ खड़ी हो। कुछ देश खुलकर आतंकवाद का समर्थन कर रहे हैं। पहलगाम हमला मेरे देश पर हमला था। यही वजह है कि भारत ने इसका माकूल जवाब दिया। अगर आगे फिर ऐसा कुछ हुआ तो हमारा जवाब इससे भी ज्यादा खतरनाक और साफ होगा।
जिनपिंग का शुक्रिया
प्रधानमंत्री ने ग्रैंड वेलकम के लिए चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग को धन्यवाद कहा। मोदी बोले- तियानजिन आकर बहुत खुश हूं। प्रेसिडेंट जिनपिंग ने जो स्वागत किया, उसके लिए शुक्रिया। आज उज्बेकिस्तान का स्वतंत्रता दिवस भी है। उन्हें बधाई और शुभकामनाएं। भारत और चीन मिलकर एक नया सहयोग और गठबंधन बना सकते हैं। हमारे बीच जो मुद्दे हैं, उन्हें बातचीत से सुलझाया जा सकता है। इसके लिए दोनों देश एक नया मैकेनिज्म तैयार कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने यहां मौजूद वर्ल्ड लीडर्स के सामने SCO का नया कॉन्सेप्ट पेश किया। मोदी ने कहा- SCO में S फॉर सिक्योरिटी, C फॉर कनेक्टिविटी और O फॉर अपॉर्चुनिटी है। इन बातों को अगर अमल में लाया जाता है तो इस संगठन के ताकत कई गुना हो सकती है। मोदी ने कहा- पहलगाम हमले के बाद जिन देशों ने भारत की कार्रवाई को समर्थन दिया, हमारे दुख को साझा किया। उस सभी का देश की तरफ से धन्यवाद।
यूक्रेन जंग की वजह वेस्टर्न वर्ल्ड
समिट में पुतिन के भाषण पर भी सबकी नजर थी। रूस के राष्ट्रपति ने स्पीच में कहा- हम तीन साल से जंग झेल रहे हैं। आखिर क्यों इस जंग के लिए हमें जिम्मेदार ठहराया जाता है। जब दुश्मन आपके पड़ोसी के घर में पनाह लेता है तो हमें सतर्क होना पड़ता है। इस जंग में भी यही हो रहा है।
यूक्रेन को वेस्टर्न वर्ल्ड सपोर्ट कर रहा है। रूस इसका जवाब देता रहेगा। अगर हमारी शान पर आंच आई तो हम किसी भी कदम को उठाने में नहीं हिचकेंगे। रूस के सहयोगियों पर दबाव डाला जा रहा है। ऐसा करने वाले देशों को समझ लेना चाहिए कि दुनिया अब यूनीपोलर यानी एक पक्षीय नहीं रही।

