UAE के विदेश मंत्री से मिले जयशंकर: कहा- बदलती दुनिया में नई पार्टनरशिप जरूरी; जॉर्जिया की विदेश मंत्री से भी मुलाकात
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विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने UAE के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद से मुलाकात की।
इंटरनेशनल डेस्क। विदेश मंत्री एस. जयशंकर UAE के तीन दिन के दौरे पर हैं। 14 से 16 अक्टूबर तक चलने वाली इस यात्रा के दौरान उन्होंने गुरुवार को UAE के डिप्टी PM और विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने भारत और UAE के बीच कॉम्प्रिहेन्सिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप की समीक्षा की। इस दौरान दोनों देशों के रिश्तों और क्षेत्रीय हालात पर भी चर्चा हुई। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब मिडिल ईस्ट में टेंशन बरकरार है।
जयशंकर बोले- बदलती दुनिया में नई पार्टनरशिप जरूरी
जयशंकर ने UAE के विदेश मंत्री के साथ दूसरे रायसीना मिडिल ईस्ट फोरम के एक विशेष सेशन में हिस्सा लिया। इसका टॉपिक- 'द वर्ल्ड अहेड: पावर, पर्पज एंड पॉसिबिलिटी'। इसमें दोनों नेताओं ने बदलते ग्लोबल ऑर्डर और देशों के सामने मौजूद चुनौतियों पर चर्चा की।
सेशन के बाद जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा- दुनिया के मौजूदा बदलावों पर लंबे समय से चल रहे ट्रेंड्स और अचानक सामने आने वाली घटनाओं, दोनों का असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि हर देश अपनी परिस्थितियों के हिसाब से इन बदलावों का जवाब देता है। इसी प्रक्रिया में देश नई पार्टनरशिप और स्ट्रैटेजिक ऑप्शन तलाशते हैं।

जयशंकर ने भारत-UAE के रिश्तों को इसका उदाहरण बताया। उन्होंने कहा- पिछले एक दशक में दोनों देशों की पार्टनरशिप ने बदलते ग्लोबल माहौल के हिसाब से खुद को आगे बढ़ाया है। देशों को बदलती परिस्थितियों को समझने के लिए अपनी सोच भी मजबूत करनी होगी।
मल्टीलैटरल संस्थाओं में तुरंत सुधार की जरूरत
जयशंकर ने इंटरनेशनल इंस्टीट्यूशंस में सुधार की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि मल्टीलैटरल संस्थाओं में तुरंत सुधार होना चाहिए, ताकि वे दुनिया की मौजूदा परिस्थितियों और चुनौतियों का सही तरीके से सामना कर सकें।
उन्होंने छोटे देशों के ग्रुप के बीच कोऑपरेशन बढ़ाने की बात भी कही। ऐसे ग्रुप किसी खास मुद्दे पर मिलकर काम कर सकते हैं। इससे बड़े इंटरनेशनल प्लेटफॉर्म्स पर सहमति बनाने में आसानी होगी और नए रास्ते खुल सकते हैं।

ट्रेड से कल्चर तक, पुराने हैं भारत-UAE के रिश्ते
जयशंकर ने कहा- भारत और UAE के रिश्ते केवल मॉर्डन डिप्लोमेसी तक ही नहीं हैं। दोनों देशों के बीच ट्रेड और कल्चरल एक्सचेंज का लंबा इतिहास रहा है। वेस्ट इंडिया और गल्फ रीजन के बीच पहले से मोती, खजूर, मसालों, कपड़ों और मछली से जुड़े प्रोडक्ट्स का ट्रेड होता रहा है।

भारत और UAE के बीच 1972 में फॉर्मल डिप्लोमैटिक रिलेशन कायम हुए थे। इसके बाद दोनों देशों ने एक-दूसरे की राजधानियों में अपने एम्बेसी खोले। समय के साथ दोनों देशों के बीच ट्रेड, इनवेस्टमेंट, एनर्जी, डिफेंस और सिक्योरिटी जैसे सेक्टर में कोऑपरेशन बढ़ा है। आज भारत और UAE के रिश्तों में इकोनॉमिक कोऑपरेशन के साथ स्ट्रैटेजिक मुद्दे भी अहम हैं।
जयशंकर ने जॉर्जिया की विदेश मंत्री से भी की मुलाकात
UAE दौरे के दौरान जयशंकर ने जॉर्जिया की विदेश मंत्री माका बोचोरिशविली से भी मुलाकात की। उन्होंने इस मीटिंग की जानकारी X पर साझा की। जयशंकर ने कहा कि भारत और जॉर्जिया के रिलेशन, ट्रेड, टूरिज्म और एजुकेशन समेत कई सेक्टर्स में आगे बढ़ रहे हैं।

दोनों लीडर्स ने ट्रेड, कनेक्टिविटी, कल्चर और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की। जयशंकर की UAE विजिट के दौरान हुई ये मीटिंग्स भारत के गल्फ रीजन और दूसरे पार्टनर देशों के साथ रिश्तों को आगे बढ़ाने की कोशिश का हिस्सा हैं।

