इजराइल जाने वाली फ्लाइट पर नहीं होंगे पाकिस्तानी पायलट: 29 दूसरे देशों के पायलट और क्रू मेंबर्स पर भी पाबंदी; एयर फ्रांस समेत 3 एयरलाइंस ने बदले नियम
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इजराइल ने 31 देशों के पायलट्स और क्रू मेंबर्स पर पाबंदी लगा दी है।
इंटरनेशनल डेस्क। इजराइल जाने वाली फ्लाइट्स में अब पाकिस्तान के पायलट या क्रू मेंबर नहीं होंगे। इजराइल ने उन देशों के पायलटों और केबिन क्रू के प्लेन उड़ाने पर पाबंदी लगा दी है, जिनके साथ उसके डिप्लोमैटिक रिलेशन नहीं हैं। इसका असर एयर फ्रांस, यूनाइटेड एयरलाइंस और चेक रिपब्लिक की स्मार्टविंग्स जैसी एयरलाइंस पर पड़ा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन कंपनियों ने इजराइल के नियमों के हिसाब से अपने क्रू की ड्यूटी तय करने का फैसला किया है। इसमें पाकिस्तान समेत कई देशों की नागरिकता रखने वाले पायलट और क्रू मेंबर्स शामिल हैं।
फ्रांस की इन्वेस्टिगेटिव मीडिया मीडियापार्ट और एविएशन इंटेलिजेंस कंपनी CH-Aviation की 13 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक, एयर फ्रांस ने अपने स्टाफ को इन पाबंदियों की जानकारी दे दी है। कंपनी ने कहा है- हम उन देशों के एंट्री रूल्स काे फॉलो करते हैं, जहां हमारी फ्लाइट्स ऑपरेट होती हैं। यूनाइटेड एयरलाइंस ने भी कथित तौर पर अपने क्रू-प्लानिंग सिस्टम में इन नियमों को शामिल किया है। स्मार्टविंग्स ने भी कहा है कि वह इजराइल के नए नियमों को मानेगा।
फ्लाईदुबई की घटना के बाद सख्ती बढ़ी
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजराइल ने यह नियम पहले भी लागू किए थे, लेकिन उनका सख्ती से पालन नहीं हो रहा था। 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की एक फ्लाइट को हाईजैक करने और क्रैश कराने की कोशिश की थी। हालांकि, इंडियन पायलट कैप्टन स्मिम मच्छार की सूझबूझ से सभी पैसेंजर्स को बचा लिया गया। इस घटना के बाद इन नियमों को सख्ती से लागू करने का फैसला लिया गया।

प्लेन का को पायलट ओमानी था। ओमान के इजराइल के साथ डिप्लोमैटिक रिलेशन नहीं हैं। इस घटना के बाद इजराइली अफसरों ने विदेशी एयरलाइंस को क्रू की नेशनलिटी से जुड़े नियमों का पालन करने के निर्देश दिए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब केवल इजराइल जाने वाली उड़ानों पर ही नहीं, बल्कि उसके एयरस्पेस से गुजरने वाले कुछ प्लेन्स पर भी ये पाबंदियां लागू हो सकती हैं।
किन देशों के पायलटों पर लागू हो सकती हैं पाबंदियां
CH-Aviation की रिपोर्ट के मुताबिक, यूनाइटेड एयरलाइंस के एक इंटरनल शेड्यूलिंग मेमो में 29 देशों की लिस्ट दी गई है। इन देशों के नागरिकों को तेल अवीव आने-जाने वाली फ्लाइट्स पर ड्यूटी देने से रोका जा सकता है।

लिस्ट में अफगानिस्तान, अल्जीरिया, बांग्लादेश, ब्रुनेई, कोमोरोस, क्यूबा, जिबूती, इंडोनेशिया, ईरान, इराक, कुवैत, लेबनान, लीबिया, मलेशिया, मालदीव, माली, मॉरिटानिया, नाइजर, नाॅर्थ कोरिया, ओमान, पाकिस्तान, कतर, सऊदी अरब, सोमालिया, सूडान, सीरिया, ट्यूनीशिया, वेनेजुएला और यमन शामिल हैं। एक रिपोर्ट में 31 देशों का जिक्र है। इस लिस्ट में बेलीज और निकारागुआ के नाम भी शामिल हैं।
इन नियमों का असर दोहरी नागरिकता रखने वाले कर्मचारियों पर भी पड़ सकता है। यानी किसी पायलट या क्रू मेंबर के पास ऐसे देश की नागरिकता है, जिसके साथ इजराइल के डिप्लोमैटिक रिलेशन नहीं हैं, तो दूसरी देश की नागरिकता होने के बावजूद उसे इजराइल जाने वाली फ्लाइट पर ड्यूटी नहीं दी जाएगी।

इथियोपियन एयरलाइंस की फ्लाइट को लौटना पड़ा
The Jerusalem Post की रिपोर्ट के मुताबिक, इथियोपियन एयरलाइंस की एक उड़ान मंगलवार को नए प्रतिबंधों से प्रभावित हुई। प्लेन सइथियोपिया के हवाई क्षेत्र में था, जब इजराइली अफसरों ने उसमें इंडोनेशिया की नागरिकता रखने वाले पायलट की पहचान की। इसके बाद प्लेन को वापस लौटने के लिए कहा गया। प्लेन इथियोपिया की राजधानी अदीस अबाबा पहुंचा। वहां पायलट बदलने के बाद फ्लाइट दोबारा रवाना हुई और तेल अवीव पहुंची। इंडोनेशिया के इजराइल के साथ डिप्लोमैटिक रिलेशन नहीं हैं।
इथियोपियन एयरलाइंस ने इस घटना को गलती बताया। कंपनी के मुताबिक, उसे जानकारी नहीं थी कि संबंधित पायलट को इजराइल जाने वाली फ्लाइट ऑपरेट करने की इजाजत नहीं है
एयर फ्रांस ने स्टाफ को दी जानकारी
मीडियापार्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, एयर फ्रांस ने अपने कर्मचारियों को नए नियमों के बारे में बताया है। कंपनी ने Al Jazeera से कहा कि वह उन देशों के एंट्री रूल्स को फॉलो करती है, जहां उसकी फ्लाइट्स जाती हैं। ये नियम पैसेंजर्स और स्टाफ, दोनों पर लागू होते हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, एयर फ्रांस ने कर्मचारियों से दूसरी नागरिकता की जानकारी देने को भी कहा है। हालांकि, कंपनी ने मीडियापार्ट की रिपोर्ट में सामने आए सभी डीटेल्स पर कोई स्टेटमेंट नहीं दिया है। इस मामले में फ्रांस में कानूनी सवाल भी उठ सकते हैं। मीडियापार्ट के मुताबिक, एयर फ्रांस के पायलटों को रिप्रेजेंट करने वाली यूनियन ने कर्मचारियों से स्वेच्छा से नागरिकता की जानकारी मांगने के तरीके पर आपत्ति जताई थी। यूनियन का कहना था कि इससे नेशनलिटी के आधार पर भेदभाव का सवाल उठ सकता है।
नियम सिर्फ इजराइल जाने वाली फ्लाइट्स तक ही नहीं
इजराइल की ट्रांसपोर्ट मिनिस्ट्री ने 1 अक्टूबर को विदेशी एयरलाइंस को क्रू की नेशनलिटी से जुड़े नियमों की जानकारी दी थी। इजराइली मीडिया के मुताबिक, तेल अवीव जाने वाली उड़ानों के पायलटों और केबिन क्रू के पास ऐसे देशों की नागरिकता नहीं होनी चाहिए, जिनके साथ इजराइल के डिप्लोमैटिक रिलेशन नहीं हैं।
एविएशन वेबसाइट पैडल योर ओन कानू के मुताबिक, यह पाबंदियां इजराइल के एयरस्पेस से गुजरने वाले प्लेन्स पर भी लागू होंग। इसका मतलब है कि एयरलाइंस को कुछ उड़ानों के लिए क्रू की नेशनलिटी की जांच करनी पड़ सकती है, भले ही प्लेन इजराइल में लैंड करने वाला हो या ना हो।
एयरलाइंस के सामने क्रू शेड्यूलिंग की चुनौती
इन नियमों के चलते एयरलाइंस को पायलटों और केबिन क्रू की नेशनलिटी के साथ-साथ उनकी दूसरी नागरिकता की भी जांच करनी पड़ सकती है। इससे क्रू की ड्यूटी तय करने और उड़ानों का शेड्यूल बनाने का प्रोसेस मुश्किल हो सकता है। यूनाइटेड एयरलाइंस ने कथित तौर पर कुछ पायलट्स और क्रू मेंबर्स से अपनी ड्यूटी में बदलाव कराने को कहा है। एयरलाइंस के लिए नियमों का पालन करना जरूरी है, क्योंकि इजराइल जाने या उसके एयरस्पेस से गुजरने वाली उड़ानों पर इसका असर पड़ सकता है।

