Flydubai की फ्लाइट में 174 पैसेंजर्स की जान बचाने वाले 6 किरदार: किसी ने हमलावर को बांधा, किसी ने इमरजेंसी ट्रीटमेंट दी तो किसी ने कराई इमरजेंसी लैंडिंग
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इंटरनेशनल डेस्क। बुधवार की सुबह दुबई से इजराइल के लिए उड़ान भरने वाली फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 के साथ एक बड़ा हादसा टल गया। प्लेन के कॉकपिट में एक पायलट ने दूसरे पायलट पर हमला कर दिया है। इसके बाद प्लेन तेजी से नीचे गिरने लगा। 30 सेकंड के अंदर ही प्लेन करीब 17,400 फीट नीचे आ गया। पैसेंजर्स को लगा कि अब उनकी जान नहीं बच पाएगी।
करीब 3 घंटे 50 मिनट की उड़ान के बाद प्लेन सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंड हुआ। इस दौरान प्लेन में सवार 174 पैसेंजर्स की जान बचाने में एक भारतीय पायलट, पांच इजराइली पैसेंजर्स और प्लेन में मौजूद दूसरे पायलटों ने अहम भूमिका निभाई। किसी ने हमलावर को काबू किया, किसी ने प्लेन के कंट्रोल संभाले और किसी ने घायल पायलट की जान बचाने के लिए उसका खून बहना रोका।
अगर इन लोगों ने हिम्मत और सूझबूझ से काम नहीं लिया होता तो अंजाम कुछ और ही होता। आइए, आपको बताते हैं कि आसामान में आई इस आफत से प्लेन को बचाकर लाने और सऊदी अरब में इसकी लैंडिंग तक किस किरदार ने कैसा रोल निभाया....
पहला किरदार: भारतीय पायलट स्मित मछार
फ्लाईदुबई की फ्लाइट के भारतीय कैप्टन स्मित मछार (Smit Machchhar) पर उड़ान के दौरान को-पायलट ने हमला कर दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमले में उनके सिर और हाथों समेत शरीर के कई हिस्सों पर चोटें आईं। उनके शरीर से काफी खून बह रहा था। इसके बावजूद उन्होंने हमलावर से मुकाबला किया और कॉकपिट का दरवाजा खोला, जिससे दूसरे लोग अंदर पहुंचकर हमलावर को काबू कर सके।

इजराइली पैसेंजर यानिव हायून (Yaniv Hayun) ने बताया कि जब वे कॉकपिट पहुंचे तो दरवाजा लॉक नहीं था। हमले के बाद स्मित को प्लेन में मौजूद डेंटिस्ट शोता मुसायेव (Shota Musaev) ने फर्स्ट एड दिया। बाद में सऊदी अरब में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनकी हालत गंभीर थी, लेकिन वे तत्काल खतरे से बाहर थे। पैसेंजर्स के मुताबिक, उनके घायल होने के बावजूद कॉकपिट तक पहुंचने का रास्ता खुला रहना प्लेन को बचाने में अहम साबित हुआ।
दूसरा किरदार: यानिव हायून- हमलावर को दबोचा
इजराइली पैसेंजर यानिव हायून (Yaniv Hayun) उन चार लोगों में शामिल थे, जिन्होंने कॉकपिट में हमलावर को काबू करने में मदद की। प्लेन में अचानक चीख-पुकार मचने और उसके तेजी से नीचे गिरने के बाद वे कॉकपिट की ओर पहुंचे।

हायून ने बताया- मैंने हमलावर को पकड़कर उसका गला दबाया और उसे कॉकपिट से बाहर खींच लिया। इसके बाद मैंने दूसरे इजराइली पैसेंजर्स को बुलाया। सभी ने मिलकर हमलावर को जमीन पर दबोच लिया। इस दौरान प्लेन के क्रू मेंबर्स ने भी हमारी मदद की।
हमलावर को काबू करने के बाद हायून दोबारा कॉकपिट में पहुंचे। उन्होंने YT Net Global को बताया- उस समय मुझे अपने बच्चों का ख्याल आया और इसी वजह से मैंने हिम्मत दिखाई। मुझे एयर क्रैश इन्वेस्टिगेशन देखने का अनुभव था। इसी के आधार पर मैंने प्लेन के कंट्रोल को पीछे खींचा, जिससे प्लेन धीरे-धीरे स्टेबल होने लगा। हालांकि, इसके बाद प्लेन का कंट्रोल एक दूसरे पायलट ने संभाल लिया।
तीसरा किरदार: असाफ राजुआन- हमलावर को 50 मिनट तक काबू में रखा
इजराइली पैसेंजर असाफ राजुआन (Assaf Rajuan) थाईलैंड से छुट्टियां मनाकर लौट रहे थे। उन्होंने Times Of Israel को बताया- प्लेन में अचानक चीखें सुनाई देने लगीं। इसके बाद प्लेन तेजी से नीचे गिरने लगा। उन्होंने बताया- प्लेन करीब 90 डिग्री के एंगल पर नीचे जा रहा था और पैसेंजर्स को लग रहा था कि उसका कंट्रोल खत्म हो गया है।

राजुआन ने कॉकपिट में पहुंचकर हमलावर को काबू करने में मदद की। उन्होंने बताया- मुझसे पहले ज्विका मानेस (Zvika Manes) कॉकपिट में पहुंच चुके थे। राजुआन और दूसरे पैसेंजर्स ने मिलकर हमलावर को दबोचा। प्लेन के क्रू मेंबर्स ने भी इसमें मदद की। राजुआन के मुताबिक, सभी ने मिलकर करीब 50 मिनट तक हमलावर को काबू में रखा, ताकि वह दोबारा किसी को नुकसान न पहुंचा सके।
चौथा किरदार- ज्विका मानेस-हमलावर को केबल से बांधा
वहीं, ज्विका मानेस (Zvika Manes), जो बैंक ल्यूमी की अंडरराइटिंग कंपनी के CEO हैं, अपनी पत्नी और बेटी के साथ प्लेन में सफर कर रहे थे। उनकी पत्नी बेटी के साथ वॉशरूम गई थीं, तभी उन्हें कॉकपिट में झगड़े की आवाज सुनाई दी। मानेस भी तुरंत मदद के लिए पहुंचे। उन्होंने और दूसरे पैसेंजर्स ने मिलकर हमलावर को काबू किया। मानेस के मुताबिक, हमलावर को बांधने के लिए प्लेन में दिए गए मल्टीमीडिया हेडफोन की केबल का इस्तेमाल किया गया। उसे काबू में रखने के लिए काफी ताकत लगानी पड़ी।

पांचवां किरदार: डेंटिस्ट शोता मुसायेव, घायल पायलट का खून बहने से रोका
इजराइली डेंटिस्ट शोता मुसायेव (Shota Musaev) शुरुआत में हमलावर को काबू करने के लिए कॉकपिट की ओर दौड़े थे। लेकिन जब हमलावर को बांध दिया गया, तब उन्होंने घायल भारतीय पायलट स्मित मछार की मदद शुरू की। मुसायेव ने बताया कि स्मित की हालत बेहद नाजुक थी। उनके सिर और हाथों से काफी खून बह रहा था।
मुसायेव ने प्लेन में ही स्मित को फर्स्ट एड दिया और खून बहना रोका। उन्होंने बताया- मैं प्लेन में मौजूद अकेला डॉक्टर था।लैंडिंग से कुछ समय पहले तक स्मित की हालत स्थिर थी, लेकिन बाद में उनकी स्थिति थोड़ी बिगड़ गई। सऊदी अरब में लैंडिंग के बाद मेडिकल टीम ने स्मित को अस्पताल पहुंचाया और आगे का इलाज शुरू किया।
मुसायेव ने बताया- हमलावर बांधने के बाद भी लगातार छूटने की कोशिश कर रहा था। इसलिए पैसेंजर्स ने उसके हाथ-पैर कई बार बांधे। इसके बाद ही वह शांत हुआ। मुसायेव को बाद में बताया गया कि भारतीय पायलट की जान बच गई है और वह तत्काल खतरे से बाहर है।

छठा किरदार: प्लेन में मौजूद दूसरे पायलट, संभाला कंट्रोल और कराई सुरक्षित लैंडिंग
प्लेन में दो दूसरे पायलट भी मौजूद थे, जो उस समय ड्यूटी पर नहीं थे। वे बाद में होने वाली उड़ान के लिए प्लेन में यात्रा कर रहे थे। जब कॉकपिट में हमला हुआ और प्लेन तेजी से नीचे गिरने लगा, तब पैसेंजर्स ने उन्हें आगे आकर कंट्रोल संभालने के लिए बुलाया।
यानिव हायून के मुताबिक, उन्होंने प्लेन के कंट्रोल को पीछे खींचकर उसे स्थिर करने की कोशिश की थी। इसके बाद प्लेन में मौजूद एक पायलट ने कॉकपिट का कंट्रोल संभाल लिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों पायलटों ने मिलकर प्लेन को सुरक्षित लैंड कराने में मदद की। प्लेन ने सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग की। अभी इन दोनों पायलट का नाम सामने नहीं आया है।
प्लेन ने तीन बार सिग्नल भेजा
फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट फ्लाइटरडार24 (Flightradar24) के मुताबिक, प्लेन ने पहले इमरजेंसी सिग्नल भेजा। इसके बाद अनअथॉराइज्ड इंटरफेयरेंस का सिग्नल दिया और फिर दोबारा इमरजेंसी सिग्नल भेजा। प्लेन ने करीब दो मिनट में 17,400 फीट नीचे आ गया और बाद में अपना रास्ता बदला और सऊदी अरब के तबूक एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग की।

इजराइली अफसरों ने जांच शुरू की
इस घटना के बाद इजराइली अफसरों ने जांच शुरू कर दी है। हमले के पीछे की वजह और को-पायलट का मकसद अभी साफ-साफ पता नहीं चल सका है। इजराइल के कुछ नेताओं ने इसे आतंकी हमला बताया, लेकिन इसकी ऑफिशियली पुष्टि नहीं हुई है। इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) ने कहा कि हमलावर पायलट को सऊदी के अफसरों ने गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है।
फ्लाईदुबई ने घटना को लेकर क्या कहा
फ्लाईदुबई ने घटना के करीब दो घंटे बाद बताया कि कि प्लेन का रूट डायवर्ट किया गया था। सऊदी में प्लेन की लैंडिंग के बाद कंपनी ने कहा- हमारी फ्लाइट रास्ते में एक घटना का शिकार हुई और प्लेन में सवार सभी पैसेंजर्स सुरक्षित हैं। इस घटना में भारतीय पायलट की सूझबूझ, पैसेंजर्स की हिम्मत, डेंटिस्ट की मेडिकल मदद और दूसरे पायलटों की भूमिका ने मिलकर प्लेन में सवार लोगों की जान बचाने में मदद की।

