80वां स्वतंत्रता दिवस: भारत आजाद हुआ तो दुनिया के अखबारों ने क्या लिखा, न्यूयॉर्क टाइम्स में जश्न और दर्द दोनों की न्यूज
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इंटरनेशनल डेस्क. 15 अगस्त 1947 को भारत ने गुलामी की जंजीरों से आजाद हुआ था। ब्रिटिश राज्य की भारत से विदाई हो चुकी थी। इसके साथ ही दुनिया के दो लोकतंत्रों का उदय हुआ- पहला भारत और दूसरा पाकिस्तान। दोनों देशों की आजादी में महज 24 घंटे का अंतराल था। यह खबर उस दिन दुनिया भर के अखबारों में सबसे बड़ी खबर थी। लगभग हर बड़े न्यूज पेपर ने इसे अपने फ्रंट पेज पर पब्लिश किया था। खास बात ये थी कि सालों तक भारत को असभ्य और खुद को सभ्य बताने वाले ब्रिटिश मीडिया का रुख भी बदला नजर आ रहा था।
आज देश 79 वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। ऐसे में आइए जानते हैं कि इंटरनेशनल मीडिया ने इन दो देशों की आजादी से जुड़ी खबरों को कैसे कवर किया था।
न्यूयॉर्क टाइम्स ने जश्न और दर्द दोनों की खबर दी
अमेरिका के जाने-माने न्यूजपेपर न्यूयॉर्क टाइम्स ने इंडियन सब कॉन्टिनेंट के बड़े मैप के साथ खबर पब्लिश की थी। इस खबर में जहां देश की आजादी के जश्न की खबर दी गई थी, वहीं भारत विभाजन के बाद की हिंसा का भी जिक्र किया गया था। फ्रंट पेज पर दाईं ओर की यह टॉप खबर थी। दो कॉलम में सिर्फ मैप छापा गया था और सिंगल कॉलम की खबर थी। इसकी हेडिंग थी- भारत-पाकिस्तान राष्ट्र बने, हिंसा जारी। पहले सबहेड में लिखा गया है- दिल्ली और कराची में 40 करोड़ लोगों की आजादी का जश्न, वहीं तीसरे सबहेड में लिखा है- सामुदायिक झड़पों में मौतों का आंकड़ा 153 पहुंचा।

वॉशिंगटन पोस्ट:
वॉशिंगटन पोस्ट ने भी इस खबर को फ्रंट पेज पर जगह दी थी। दो कॉलम की इस खबर की हेडलाइन थी- उत्साह और उमंग के बीच भारत ने हासिल किया स्वतंत्र संप्रभु का दर्जा (“India Achieves Sovereignty Amid Scenes Of Wild Rejoicing”)। इसके साथ ही इस न्यूज में भी बंटवारे और हिंसा की बातों को शामिल किया गया था। इस आर्टिकल में देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरु के पहले भाषण का भी जिक्र है। एक ओर जहां इस न्यूज पीस में देशभर में आजादी के जश्न, लोगों की भीड़, झंडा फहराने की बातें हैं, वहीं दूसरी ओर भारत-पाकिस्तान के बंटवारे के कारण हुई सांप्रदायिक हिंसा, खून-खराबा और पलायन खास तौर पर पंजाब और बंगाल जैसे सीमावर्ती इलाकों की ऐसी घटनाओं को शामिल किया गया है।

द डेली टेलिग्राफ यूके:
लंदन के द डेली टेलिग्राफ न्यूजपेपर ने भारत की आजादी को अपने फ्रंट पेज पर बड़ी जगह द। हालांकि, इसमें भी बंटवारे की बात प्रमुखता से छापी गई थी। इस खबर की हेडलाइन थी— "India is now two dominions" यानी भारत अब दो डोमिनियन बन गया है। यह वर्ल्ड न्यूज सेक्शन के एक्स्ट्रीम लेफ्ट पर छपी थी। रिपोर्ट में ब्रिटिश और भारतीय नेताओं के बीच हुई बातचीत को अहम बताया गया। एक खबर की हेडिंग थी- "Indians praise Britain" (भारतीय ब्रिटेन की सराहना करते हैं), दूसरी में "British sagacity" (ब्रिटिश समझदारी) का जिक्र था, और तीसरी खबर में लॉर्ड माउंटबेटन की तारीफ की गई थी।

अखबार में एक बड़ी तस्वीर भी थी, जिसमें लखनऊ की टूटी फूटी रेजीडेंसी की मीनार से यूनियन जैक लहराता दिखाया गया, जिसके कैप्शन में लिखा था- "The Union Jack flying from the tower of the ruined Residency at Lucknow, from which it had never been lowered since recapture of the town after the siege of 1857." लखनऊ के जीर्ण शीर्ण रेसिडेंसी मिनार पर झूलता यूनियन जैक, जो 1857 की घेराबंदी के बाद शहर पर ब्रिटिश कब्जे में आने के बाद से यह झंडा कभी नहीं उतारा गया था।

द टाइम्स ऑफ इंडिया
15 अगस्त 1947 को द टाइम्स ऑफ इंडिया के न्यूज पेपर की हेडलाइन थी- भारत की आजादी का जन्म। सबसे बायीं ओर के कॉलम में पंडित नेहरू की फोटो के नीचे लिखा था- भारत की नई कैबिनेट में 14 सदस्य, पंडित नेहरू प्रधानमंत्री बनेंगे। बायीं ओर से दूसरे कॉलम की हेडलाइन थी- राष्ट्र की नई जिंदगी की सुबह, नेहरू ने लोगों की कोशिश की सराहना की, भविष्य का लक्ष्य लगातार प्रयास, संविधान सदस्यों ने शपथ ली, दिल्ली में जश्न के शानदार सीन। मिडिल आर्टिकल में लिखा था- कराची की स्टेट विजिट, लॉर्ड माउंटबैटन ने पाकिस्तान को बधाई दी, जिन्ना ने ब्रिटेन से दोस्ती कायम रहने की बात की। सबसे दायीं ओर का आर्टिकल था- बॉम्बे (अब मुंबई) में क्रोधित और उत्साहित माहौल, फेस्टिव मूड में जनता।

द स्टेट्समैन:
15 अगस्त 1947 को द स्टेट्समैन की हेडलाइन थी- 2 डोमिनियन्स का जन्म, दुनिया के प्रत्येक पांचवे व्यक्ति को राजनीतिक आजादी मिली। बायीं ओर के कॉलम में लिखा था- एटली को नेहरू ने जवाब दिया कि ब्रिटेन के साथ नजदीकी दोस्ती रहेगी। मिडिल आर्टिकल में लिखा था- भारतीयों ने ताकत हासिल की, संविधान सभा के सदस्यों ने शपथ ली, सभी की समृद्धि के लिए काम करेंगे। दायीं ओर के आर्टिकल में लिखा था- इस सुबह से वेस्ट बंगाल के पहले गवर्नर सी आर स्वोर्न बने।

दी ट्रिब्यून:
दी ट्रिब्यून में भारत की आजादी की खबर को फ्रंट पेज पर छापा गया था। इसके लाहौर एडिशन की यह लीड खबर थी। खबर की हेडिंग थी "India Wakes To Life & Freedom" यानी भारत एक जिवंत और आजाद राष्ट्र के तौर पर जाग गया है। इसमें पाकिस्तान की आजादी की भी खबर है। इस खबर की हेडिंग है- "Birth Of Pakistan An Event In History" यानी पाकिस्तान का जन्म हो चुका है। इस न्यूज के दूसरे सबहेड में माउंटबेटेन के कंसेम्बली को एड्रेस करने की जानकारी दी गई है।
द गार्जियन:
द गार्जियन, उस समय मैनचेस्टर गार्डियन के नाम से जाना जाता था। अखबार ने भारत की आजादी को ऐतिहासिक बताया था। इस न्यूजपेपर ने हेडलाइन दी थी "End of the Indian Empire: Birth of Two Dominions" यानी भारतीय साम्राज्य का अंत, दो डोमिनियनों का जन्म। इस हेडलाइन के ऊपर एक स्लग (short heading) था - "Farewell and Hail", इसका मतलब ब्रिटिशर्स की विदाई से था।
ले मोंडे:
फ्रांसीसी अखबार ले मोंडे (Le Monde) ने 15 अगस्त 1947 को भारत की आजादी को “Une révolution paisible” यानी एक शांत क्रांति बताया। अखबार ने लिखा कि भारत ने बिना जंग, बिना विद्रोह और बिना तानाशाही के आजादी हासिल की है।यह एक राजनीतिक क्रांति के साथ ही नैतिक क्रांति भी है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि भारत का नया संविधान और लोकतांत्रिक रास्ता पूरी दुनिया के उपनिवेशों के लिए प्रेरणा बनेगा। अखबार ने लिखा- फ्रांस के लिए यह बदलाव सिर्फ एशिया में नई ताकत का उदय नहीं, बल्कि मानवता की जीत थी।
द एज:
ऑस्ट्रेलियाई अखबार 'द एज' (The Age) ने भारत की आजादी को “India’s New Era Begins” हेडलाइन के साथ फ्रंट पेज पर पब्लिश किया। रिपोर्ट में कहा गया कि भारत की आजादी एशिया के लिए एक नई शुरुआत है। अखबार ने भारत की विशाल जनसंख्या, लोकतांत्रिक संविधान और आर्थिक संभावनाओं को एक उभरते राष्ट्र के संकेत के रूप में पेश किया। लेख में ब्रिटिश प्रशासन की भूमिका की आलोचना नहीं की गई, लेकिन भारत की क्षमता पर भरोसा जरूर जताया गया। इस कवरेज में ऑस्ट्रेलिया की विदेश नीति के नजरिए इस आजादी के मायने को बताया गया था।

