MLC में पाकिस्तानी क्रिकेटर्स के बैन होने की नौबत: PCB ने NoC के बदले फ्रेंचाइजी से मांगे 24 लाख रु.; इस सीजन सिर्फ एक PAK प्लेयर खेला
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स्पोर्ट्स डेस्क. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) को लेकर एक बड़ा मामला सामने आ रहा है। अमेरिकी क्रिकेट टूर्नामेंट मेजर लीग क्रिकेट (MLC) की कई फ्रेंचाइजी ने PCB पर अवैध वसूली का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि PCB अपने खिलाड़ियों को लीग में खेलने के लिए NoC देने के एवज में 25 हजार डॉलर (करीब 24 लाख भारतीय रुपए) की डिमांड करता है।
इसका कोई लिखित नियम नहीं है, ऐसे में यह अवैध वसूली है। यह खुलासा PakPassion ने अपनी रिपोर्ट में किया है। रिपोर्ट की मानें तो MLC में पाकिस्तानी खिलाड़ियों के बैन होने की नौबत आ गई है। आइए विस्तार से जानते हैं कि आखिर यह मामला क्या है…
पैसे की डिमांड लास्ट टाइम पर
रिपोर्ट के मुताबिक, फ्रेंचाइजीज ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तानी बोर्ड को NOC के बदले रुपए देने का कोई लिखित नियम नहीं है। इसके बावजूद PCB यह डिमांड करता है। इसमें परेशान करने वाली बात ये है कि खिलाड़ियों को साइन कर लिया जाता है, उसके बाद PCB लास्ट टाइम पर यह डिमांड करता है। ऐसे में फ्रेंचाइजी फंस जाती है और तब तक उसके पास रिप्लेसमेंट जैसे बाकी ऑप्शन कम ही बचते हैं।

रुपए देने के बाद भी गारंटी नहीं
MLC फ्रेंचाइजीज के मुताबिक, एक बार NoC के लिए पैसे दे भी दें तो कोई गारंटी नहीं है कि अगले साल रिन्यू के समय NoC मिल जाए। उस समय वे दोबारा रुपए की डिमांड कर सकते हैं। ऐसे में MLC फ्रेंचाइजीज ने परेशान होकर पाकिस्तानी खिलाड़ियों पर बैन लगाने का मन बनाया है। हालांकि इसको लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
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क्या PCB चेयरमैन से बात हुई?
इस मामले को लेकर MLC की कई फ्रेंचाइजी ने PCB चेयरमैन मोहसिन नकवी से भी बात की। उन्हें बताया कि ऐसा कोई ऑफिशियल नियम नहीं है। यह सरासर अवैध वसूली है।
इसके जवाब में नकवी ने अपने ही बोर्ड का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि यह बोर्ड के रेवेन्यू का जरिया है। ऐसे में सभी फ्रेंचाइजीज को यह फीस तो देनी ही होगी।

अगले MLC सीजन में कितने PAK प्लेयर?
इस बार MLC सीजन में सिर्फ एक ही पाकिस्तानी प्लेयर खेल रहा है। यह तेज गेंदबाज हारिस रऊफ है, जिसे सैन फ्रांसिस्को यूनिकॉर्न टीम ने साइन किया है। यह फ्रेंचाइजी यह 24 लाख रुपए (भारतीय में) फीस देने के लिए तैयार है।
IPL में क्या होता है?
फ्रेंचाइजी क्रिकेट में खिलाड़ी के घरेलू बोर्ड को फीस देना कोई नई बात नहीं है, लेकिन इसके लिए रूल्स होते हैं। मिसाल के तौर पर IPL भी विदेशी प्लेयर के बोर्ड को एक निश्चित और नियम के हिसाब से कुछ प्रतिशत में फीस देता है। यह प्लेयर के IPL में फ्रेंचाइजी के साथ हुए कॉन्ट्रेक्ट की 10-20% तक होती है।
दूसरी ओर PCB की ओर से MLC फ्रेंचाइजी को कोई पॉलिसी नहीं दी जाती। सिर्फ खिलाड़ी के साइन होने के बाद लास्ट टाइम पर ये रकम मांगी जाती है, तब तक फ्रेंचाइजी के पास रिप्लेसमेंट जैसे बाकी ऑप्शन कम ही बचते हैं।

पाकिस्तानी बोर्ड के रूल्स
PCB NOC GUIDE 2020 रूल्स में भी कहीं नहीं लिखा है कि NOC के बदले कोई फीस PCB को देनी होती है। 4 पेज की इस गाइडलाइन में एक्टिव प्लेयर्स और रिटायर्ड प्लेयर्स को NOC कैसे मिलती है, इसके बारे में दिया है। NOC के लिए 7 दिन पहले ईमेल करना होता है। ICC से मान्यता प्राप्त टूर्नामेंट या लीग के लिए ही NOC मिलती है। ऐसे तमाम रूल्स दिए गए हैं, लेकिन फीस का कहीं कोई जिक्र नहीं है। ऐसे में MLC फ्रेंचाइजी पाकिस्तानी बोर्ड की इस डिमांड को अवैध वसूली बता रही हैं।
क्या MLC में बैन होंगे पाकिस्तानी प्लेयर
मेजर लीग में पाकिस्तानी खिलाड़ियों के बैन होने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन फ्रेंचाइजी के मालिकों की नाराजगी का असर जरूर दिख सकता है। भविष्य में MLC टीमों द्वारा पाकिस्तानी क्रिकेटर्स को साइन करने की संभावनाएं कम या ना के बराबर हो सकती हैं।
PCB या MLC ने इस रिपोर्ट पर कोई ऑफिशियल बयान नहीं दिया है। वैसे पाकिस्तानी प्लेयर्स IPL में पूरी तरह बैन हैं। इसकी वजह दोनों देशों के बीच राजनीतिक रिश्ते और आतंकवाद का मुद्दा है।

