Prashant Kishor Net Worth: BJP का गढ़ जीतकर बने विधायक, जानिए कौन हैं प्रशांत किशोर, कितने अमीर हैं
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बांकीपुर उपचुनाव जीतकर विधायक बने प्रशांत किशोर की कुल घोषित संपत्ति करीब 198 करोड़ है। (फोटो सोर्स- एएनआ
बिजनेस डेस्क। बिहार की राजनीति में सोमवार (3 अगस्त 2026) को बड़ा उलटफेर देखने को मिला। जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) ने बांकीपुर विधानसभा सीट के उपचुनाव में जीत दर्ज की। इस जीत के साथ उन्होंने BJP का करीब तीन दशक पुराना गढ़ भी ध्वस्त कर दिया। यह सीट 1995 से BJP के पास थी। यह उपचुनाव इसलिए हुआ क्योंकि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अप्रैल 2026 में राज्यसभा सदस्य बनने के बाद बांकीपुर विधानसभा सीट से इस्तीफा दे दिया था।
बांकीपुर उपचुनाव रिजल्ट हाइलाइट्स
- विजेता: प्रशांत किशोर (जन सुराज पार्टी)- 64,151 वोट
- उपविजेता: नीरज कुमार (BJP)- 44,827 वोट
- तीसरा स्थान: रेखा गुप्ता (RJD)- 14,273 वोट
बड़ा बदलाव: इस जीत के बाद बिहार विधानसभा में जन सुराज पार्टी का पहले विधायक प्रशांत किशोर बन गए हैं।

कौन हैं प्रशांत किशोर? चुनावी रणनीतिकार से विधायक बनने का सफर
प्रशांत किशोर का जन्म सरकारी डॉक्टर श्रीकांत पांडेय के परिवार में हुआ। राजनीति में आने से पहले वे देश के सबसे चर्चित चुनावी रणनीतिकार के रूर में जाने जाते थे।
- UN में काम: राजनीति से पहले उन्होंने संयुक्त राष्ट्र (UN) के एक सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रम में 8 सालों तक काम किया।
- 2014 लोकसभा चुनाव: उन्होंने सिटीजन्स फॉर अकाउंटेबल गवर्नेंस (CAG) की स्थापना की। 2014 के लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी के प्रचार अभियान का नेतृत्व किया। 'चाय पर चर्चा' और '3D होलोग्राम रैलियां' उन्हीं की देन थीं।
- जन सुराज आंदोलन: अक्टूबर 2024 में उन्होंने सक्रिय राजनीति में कजम रखा और जन सुराज आंदोलन को राजनीतिक पार्टी का रूप दिया।
प्रशांत किशोर की कुल संपत्ति कितनी है? (Prashant Kishore Net Worth)
प्रशांत किशोर ने 2025 में बताया था कि उन्होंने तीन साल में कंसलटेंट के रूप में 241 करोड़ कमाए। इस दौरान उन्होंने 30.95 करोड़ रुपए GST, 20 करोड़ रुपए इनकम टैक्स और 98.75 करोड़ रुपए जन सुराज आंदोलन के लिए दान किए।
बांकीपुर उपचुनाव के लिए दाखिल चुनावी हलफनामे के मुताबिक, प्रशांत किशोर और उनके परिवार की कुल घोषित संपत्ति करीब 198 करोड़ है। उनकी चल संपत्ति (Movable Assets) 111.78 करोड़ और अचल संपत्ति (Immovable Assets) 86.29 करोड़ है। इसमें फिक्स्ड डिपॉजिट, म्यूचुअल फंड, बॉन्ड, एक बंद पड़ा राइस मिल और 475 ग्राम गोल्ड शामिल है।
चल संपत्ति: किसके नाम कितनी प्रॉपर्टी?
हलफनामे के मुताबिक, प्रशांत किशोर के नाम 22.19 करोड़ की चल संपत्ति है। उनकी पत्नी डॉ. जाह्नवी दास के नाम 89.51 करोड़ की प्रॉपर्टी है। वहीं, आश्रित दैबिक भारद्वाज के नाम 7.19 लाख की चल संपत्ति दर्ज है।
प्रशांत के पास 65,570 रुपए नकद हैं, जबकि उनकी पत्नी के पास 1,95,200 रुपए कैश हैं। HDFC बैंक में उनके नाम 7.36 करोड़ रुपए की FD है। वहीं, उनकी पत्नी के पास वेधस वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड के शेयर हैं। जिनकी बुक वैल्यू करीब 95.26 करोड़ है।
ज्वैलरी की बात करें तो प्रशांत किशोर के पास पन्ना जड़ी सोने की अंगूठी है, जिसकी कीमत 1.35 लाख है। वहीं, पत्नी जॉह्नवी के पास 64.58 लाख के सोने-चांदी के आभूषण हैं।
अचल संपत्ति: कहां-कहां हैं प्रॉपर्टीज
हलफनामे के मुताबिक, प्रशांत किशोर के नाम 73.87 करोड़ और पत्नी के नाम 12.42 करोड़ की अचल संपत्ति है।
बिहार के रोहतास में एक बंद पड़ा राइस मिल है। जिसकी कीमत 9.75 करोड़ रुपए बताई गई है।
इसके अलावा पटना, नई दिल्ली, गाजियाबाद और बक्सर में उनके नाम मकान हैं। रोहतास में पैतृक घर में उनकी हिस्सेदारी है। उनकी स्वयं खरीदी गई आवासीय संपत्तियों की कीमत 59.25 करोड़ रुपए है।

कितना कर्ज है प्रशांत किशोर पर
प्रशांत किशोर पर करीब 5.77 लाख रुपए की देनदारी है। इसमें HDFC बैंक से FD के बदले लिया गया लोन शामिल है।
वहीं, उनकी पत्नी पर 55.38 लाख रुपए की देनदारी है। इसमें 50 लाख रुपये का पर्सनल लोन और किराये से जुड़ी सिक्योरिटी डिपॉजिट शामिल है।
प्रशांत किशोर की पढ़ाई-लिखाई
प्रशांत किशोर का शैक्षणिक बैकग्राउंड काफी मजबूत रहा है:
- 10वीं: एमपी हाई स्कूल, बक्सर (1991)
- 12वीं: पटना साइंस कॉलेज (1993)
- BBA: लखनऊ यूनिवर्सिटी, डिपार्टमेंट ऑफ बिजनेस स्टडीज (1996-1999)
- MHA (मास्टर ऑफ हेल्थकेयर एडमिनिस्ट्रेशन): ASCI, हैदराबाद (2001-2003)
- फ्रेंच भाषा कोर्स: CAVILAM, क्लेरमों-फेरां यूनिवर्सिटी (फ्रांस, 2010)
प्रशांत किशोर पर कितने केस दर्ज हैं?
हलफनामे के अनुसार प्रशांत किशोर के खिलाफ कुल 8 आपराधिक मामले लंबित हैं।
- वर्तमान स्थिति: किसी भी मामले में अब तक आरोप तय नहीं हुए हैं और न ही उन्हें दोषी ठहराया गया है।
- पुलिस दर्ज मामले (5 FIR): पटना (गांधी मैदान, सचिवालय, पीरबहोर) और सहरसा सदर थाने में रास्ते रोकने, गैरकानूनी जमावड़ा और सरकारी काम में बाधा से जुड़े मामले।
- अदालती शिकायतें (3 केस): पटना, बेतिया और पश्चिम मुजफ्फरपुर कोर्ट में मानहानि, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश से जुड़े मामले लंबित हैं।
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