PM Awas Yojana Update: 3.10 करोड़ ग्रामीण और 99 लाख शहरी घर तैयार, संसद में सरकार ने दिया अपडेट
Published:
4 min read

यह AI जेनरेटेड सिम्बॉलिक इमेज है। इसे न्यूज नेचर के लिहाज से क्रिएट किया गया है।
बिजनेस डेस्क। केंद्र सरकार ने संसद में प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) की एक बेहद महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। सरकार के मुताबिक, जुलाई 2026 तक ग्रामीण क्षेत्रों में 3.10 करोड़ से ज्यादा पक्के घर तैयार हो चुके हैं, जबकि शहरी क्षेत्रों में 99.07 लाख घर लाभार्थियों को सौंपे जा चुके हैं।
आइए जानते हैं प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) और प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (PMAY-U 2.0) की ताजा स्थिति, बजट और मिलने वाली सुविधाओं के बारे में...
PMAY-G: ग्रामीण क्षेत्रों में 3.10 करोड़ घर बनकर तैयार
21 जुलाई को लोकसभा में दी गई जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत 4.18 करोड़ घरों के लक्ष्य के मुकाबले अब तक 3.92 करोड़ घर मंजूर किए जा चुके हैं। इनमें से 3.10 करोड़ घरों का कंस्ट्रक्शन पूरा हो चुका है। वहीं, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को दिए गए लक्ष्यों के अनुसार, 1.08 करोड़ घरों का निर्माण बाकी है।
ग्रामीण विकास मंत्रालय ने बताया कि FY21-22 से 2025-26 के बीच सरकार ने PMAY-G के लिए 1,34,242.45 करोड़ रुपए जारी किए। वहीं, फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के लिए 41,924.60 करोड़ का टेम्परेरी बजट मंजूर किया गया है।

घर निर्माण में तेजी लाने के लिए उठाए गए कदम
- राज्यों को समय पर फंड जारी करना और डैशबोर्ड से 24/7 निगरानी।
- ग्रामीण राजमिस्त्रियों को विशेष प्रशिक्षण देना।
यह भी पढ़ें- PM Awas Yojana 2026: कैसे भरें ऑनलाइन और ऑफलाइन फॉर्म; पात्रता, दस्तावेज और सब्सिडी की पूरी जानकारी यहां पढ़ें
PMAY-U: 99.07 लाख शहरी घर तैयार, 127.68 लाख घरों को मिली मंजूरी
आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) ने राज्यसभा में PMAY-U की प्रगति रिपोर्ट पेश की:
- 99.07 लाख घर तैयार: योजना की शुरुआत से अब तक 99.07 लाख शहरी घर तैयार कर सौंपे जा चुके हैं।
- कुल मंजूरी: अब तक 127.68 लाख घरों को मंजूरी दी गई है (जिसमें PMAY-U 2.0 के 16.20 लाख घर शामिल हैं)।
- डेडलाइन बढ़ी: पहले चरण के तहत मंजूर सभी पेंडिंग मकानों को पूरा करने के लिए डेडलाइन को 30 सितंबर 2026 तक बढ़ा दिया गया है।
PMAY-U 2.0: नई योजना में क्या बदला?
सरकार ने 1 सितंबर 2024 से प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 (PMAY-U 2.0) की शुरुआत की थी। यह योजना पहले चरण के अनुभवों के आधार पर तैयार की गई है। इसका टारगेट अगले पांच सालों में 1 करोड़ अतिरिक्त पात्र शहरी परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराना है। PMAY-U 2.0 को चार हिस्सों में लागू किया जा रहा है:
- बेनिफिशियरी लेड कंस्ट्रक्शन (BLC)
- अफोर्डेबल हाउसिंग इन पार्टनरशिप (AHP)
- अफोर्डेबल रेंटल हाउसिंग (ARH)
- इंटरेस्ट सब्सिडी स्कीम (ISS)
यह भी पढ़ें- DA Hike July 2026: जुलाई में बढ़ेगा महंगाई भत्ता या कर्मचारियों को करना होगा इंतजार, जानिए DA कितना बढ़ सकता है
PMAY के लाभार्थियों को घर के साथ कौन-कौन सी सुविधाएं मिलती हैं?
सरकार पीएम आवास योजना के लाभार्थियों को केवल सिर छुपाने की छत ही नहीं दे रही, बल्कि अन्य सरकारी योजनाओं को जोड़कर बुनियादी सुविधाएं भी मुहैया करा रही है:
- शौचालय: 3.08 करोड़ घरों में स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय।
- नल से जल: 2.43 करोड़ घरों में पीने के पानी का कनेक्शन।
- बिजली कनेक्शन: 3.07 करोड़ घरों में सौभाग्य योजना के तहत बिजली।
- एलपीजी सिलेंडर: 2.90 करोड़ परिवारों को उज्ज्वला योजना से एलपीजी कनेक्शन।
- महिला सशक्तिकरण: 1.35 करोड़ लाभार्थी परिवारों को स्वयं सहायता समूहों (SHG) से जोड़ा गया।
PMAY के लाभार्थियों का चयन कैसे होता है?
ग्रामीण और शहरी दोनों योजनाएं मांग आधारित हैं, लेकिन इनमें लाभ पाने के लिए तय पात्रता शर्तों को पूरा करना जरूरी होता है।
PMAY-G के तहत पात्र परिवारों की पहचान सरकार तय मानकों और आवास से जुड़ी जरूरतों के आधार पर करती है। जबकि PMAY-U में राज्य और केंद्र शासित प्रदेश सरकारें स्थानीय जरूरतों का आकलन करती हैं, परियोजनाएं तैयार करती हैं और योजना के नियमों के अनुसार पात्र लाभार्थियों का चयन करती हैं।
जमीन की उपलब्धता, वित्तीय मंजूरी और प्रोजेक्ट डिजाइन के आधार पर शहरी क्षेत्रों में एक घर बनने में 12 से 36 महीने का समय लगता है।
यह भी पढ़ें-
Code on Wages: रिजाइन, लेऑफ और मंथली सैलरी का फाइनल सेटलमेंट कब तक होना चाहिए? जानें नया लेबर कोड

