GST अफसर के पास गिरफ्तारी का अधिकार खत्म: क्रिमिनल केस की लिमिट 5 करोड़ रुपए; 10,000 रुपए से कम की टैक्स चोरी पर नोटिस नहीं आएगा
Published:
3 min read

GST से जुड़े नए नियम 1 अप्रैल, 2027 से लागू हो जाएंगे। (फाइल फोटो)
बिजनेस डेस्क। GST से जुडे़ नियमों में कुछ बदलाव किए गए हैं। GST काउंसिल ने इसकी मंजूरी भी दे दी है। अब टैक्स ऑफिसर किसी की गिरफ्तारी नहीं कर पाएंगे। इसके साथ ही GST के मामले में क्रिमिनल केस की लिमिट 1 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपए कर दी है। इन बदलावों से कारोबारियों को राहत दी गई है। ये फैसले फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में हुई GST काउंसिल की बैठक में लिए गए हैं। ये नए नियम 1 अप्रैल, 2027 से लागू हो जाएंगे।
टैक्स अधिकारियों के पास गिरफ्तारी का अधिकार नहीं
GST काउंसिल ने टैक्स अधिकारियों के पास गिरफ्तारी करने का अधिकार खत्म कर दिया है। सरकार ने कहा कि इससे कारोबारियों के लिए टैक्स के नियमों का पालन करना आसान होगा और कार्रवाई से जुड़ी चिंताएं खत्म होंगी। इसके अलावा एक और नियम में बदलाव किया गया है। पहले हर छोटे-मोटे टैक्स मामले में कम से कम एक तय सजा काटनी पड़ती थी, लेकिन अब सरकार ने यह नियम खत्म कर दिया है। अब किसी टैक्स मामले में सजा, जुर्माना या दोनों का फैसला कोर्ट करेगा।

टैक्स गड़बड़ी में कोर्ट केस की सीमा 1 करोड़ से बढ़ाकर 5 करोड़
सरकार ने कारोबारियों को राहत देते हुए आपराधिक मुकदमा शुरू करने की सीमा में बड़ा बदलाव किया। पहले 1 करोड़ रुपए की टैक्स गड़बड़ी के मामले में क्रिमिनल प्रॉसिक्यूशन शुरु किया जाता था, लेकिन अब इस सीमा को बहढ़ाकर 5 करोड़ रुपए कर दिया गया है। अब 5 करोड़ रुपए तक के मामले को कानूनी कार्रवाई की जगह पेनल्टी और सिविल प्रोसेस से खत्म किया जाएगा।
सही बिल और सामान मिलने पर ITC को लेकर राहत
इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) क्लेम को लेकर भी नियमों में बदलाव किया गया। सही तरीके से बिजनेस करने वालों को राहत दी गई है। काउंसिल ने अधिकारियों की एक कमेटी गठित करने का फैसला किया है। कमेटी इस बात का अध्ययन करेगी कि अगर किसी खरीदार के पास सही बिल यानी इनवॉइस है और उसने अपना सामान भी ले लिया है। साथ ही सप्लायर को पूरा पेमेंट भी कर दिया है, तो धोखाधड़ी करने वाले सप्लायर की वजह से उसे होने वाली परेशानी को कैसे कम किया जा सकता है। कमेटी 3 महीनों के अंदर अपनी रिपोर्ट पेश करेगी और अगली GST काउंसिल बैठक में रखी जाएगी।

सामान्य पेनल्टी 25,000 रुपए से घटाकर 10,000 रुपए
GST नियमों में जनरल जुर्माने को लेकर राहत दी गई है। फाइनेंस मिनिस्ट्री के मुताबिक, जिन मामलों में अलग से कोई स्पेशल पेनल्टी तय नहीं थी, वहां जनरल पेनल्टी का मैक्सिमम अमाउंट 25,000 रुपए से घटाकर 10,000 रुपए करने का फैसला लिया गया है। यह बदलाव छोटी गलतियों के लिए जुर्माने का बोझ कम करने और टैक्स सिस्टम को बिजनेस के अनुकूल बनाने के लिए किया गया है। इसके अलावा 10,000 रुपए से कम की टैक्स चारी पर कारोबारी को नोटिस नहीं दिया जाएगा।
GST दरों में बदलाव अब साल में एक बार करने का प्लान
फाइनेंस मिनिस्ट्री के मुताबिक, अब GST रेट में बदलाव साल में एक बार किया जाएगा। इसका मकसद कारोबारियों को को टैक्स रेट में बदलावों के लिए पूरा समय देना और रोजमर्रा के कामकाज को आसान बनाना है।
ये भी पढ़ें-

