Air India ने फ्यूल सरचार्ज बढ़ाया: घरेलू उड़ानों पर ₹1,200, इंटरनेशनल फ्लाइट्स पर ₹21,000 तक की बढ़ोतरी; आज से सफर करना महंगा हुआ
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अब एयर इंडिया फ्लाइट की नई बुकिंग पर यात्रियों को ज्यादा किराया देना होगा। (फाइल फोटो)
बिजनेस डेस्क। एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस ने घरेलू (डोमेस्टिक) और चुनिंदा अंतरराष्ट्रीय (इंटरनेशनल) उड़ानों पर फ्यूल सरचार्ज बढ़ा दिया है। इसके चलते फ्लाइट की टिकट महंगी हो जाएंगी और इसका सीधा असर यात्रियों की जेब पर पड़ेगा। कंपनी ने गुरुवार को कहा कि एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) यानी जेट फ्यूल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी और ऑपरेशनल कॉस्ट बढ़ने के कारण उन्हें ये कदम उठाना पड़ रहा है। बदले हुए सरचार्ज की वजह से नई बुकिंग पर यात्रियों को ज्यादा किराया देना होगा। नया सरचार्ज आज (9 अक्टूबर) से लागू हो गया है।
घरेलू, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के सरचार्ज
एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस ने घरेलू उड़ानों के लिए 1,001 से 1,500 किलोमीटर की दूरी वाले सफर पर 850 रुपए और 1,500 किलोमीटर से ज्यादा की दूरी पर 1,200 रुपए का नया फ्यूल सरचार्ज तय किया है। एयरलाइंस ने कई इंटरनेशनल रूट पर भी फ्यूल सरचार्ज में बदलाव किया है।
नॉर्थ अमेरिका जाने वाली उड़ानों के लिए सरचार्ज बढ़ाकर 215 अमेरिकी डॉलर कर दिया गया है, जबकि ऑस्ट्रेलिया जाने वाले यात्रियों को 210 अमेरिकी डॉलर देने होंगे। वहीं ब्रिटेन समेत यूरोप की उड़ानों के लिए नया सरचार्ज 135 अमेरिकी डॉलर होगा।

डोमेस्टिक रूट्स के लिए नया सरचार्ज...
दूरी (किलोमीटर) | नया सरचार्ज (रुपए) |
500 | 400 |
501-1,000 | 600 |
1,001-1,500 | 850 |
1,501-2,000 | 1,200 |
2,000 Km से ज्यादा | 1,200 |
इंटरनेशनल रूट्स के लिए नया सरचार्ज...
रूट्स | नया सरचार्ज (रुपए) |
नॉर्थ अमेरिका | 20,773 |
ऑस्ट्रेलिया | 20,290 |
यूरोप और ब्रिटेन | 13,044 |
वेस्ट एशिया और मिडिल ईस्ट | 5,314 |
7 अप्रैल को फ्यूल सरचार्ज लागू किया था
एयरलाइन ने 7 अप्रैल को फ्यूल सरचार्ज लागू किया था। बदले हुए चार्ज 10 अप्रैल से लागू हुए थे। दरअसल, मिडिल ईस्ट जंग की वजह से कच्चे तेल और जेट फ्यूल की कीमतें तेजी से बढ़ गई थीं। इस वजह से एयर इंडिया ने ये स्टेप लिया था। जंग के दौरान एयरस्पेस पर लगी पाबंदियों से भी एयरलाइंस की ऑपरेटिंग कॉस्ट बढ़ गई थी।

फ्लैट चार्ज की जगह डिस्टेंस बेस्ड नियम लाई
एयर इंडिया ग्रुप ने अप्रैल में फ्यूल की बढ़ती कीमत के कारण कुछ रूट को छोड़कर इंटरनेशनल उड़ानों पर 24 से 280 डॉलर और घरेलू उड़ानों पर 299 से 899 रुपए तक फ्यूल सरचार्ज लगा दिया था। उस समय एयरलाइन ने कहा था कि सरकार द्वारा घरेलू एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में बढ़ोतरी को 25% तक सीमित कर दिया है। सरकार के इस कदम के बाद एयर इंडिया ने घरेलू उड़ानों पर एक जैसा (फ्लैट) सरचार्ज वसूलने के बजाय दूरी के हिसाब से पैसे लेने का नया नियम लागू किया था।
फ्यूल सरचार्ज क्या है, यात्रियों के लिए इसका क्या मतलब...
फ्यूल सरचार्ज एक एडिशनल चार्ज है, जो एयरलाइंस यात्रियों से लेती हैं। ये चार्ज जेट फ्यूल (ATF) की कीमत बढ़ने पर लगाया जाता है। जब जेट फ्यूल महंगा हो जाता है, तो एयरलाइन का खर्च बढ़ जाता है। इस बढ़े हुए खर्च को सीधे टिकट के बेस प्राइस में न डालकर, एयरलाइन इसे अलग से फ्यूल सरचार्ज के नाम से वसूल करती है।
- टिकट बुक करते समय आपको बेस फेयर, फ्यूल सरचार्ज और अन्य टैक्स देना पड़ता है।
- अगर फ्यूल सरचार्ज बढ़ जाता है, तो आपका कुल किराया बढ़ जाता है।
ये सरचार्ज उड़ान की दूरी के हिसाब से अलग-अलग हो सकता है।
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