सोने-चांदी का दाम 3 नवंबर 2026: 10 ग्राम गोल्ड रेट ₹1.26 लाख, चांदी का भाव ₹1.77 लाख; क्या अभी खरीदारी करना बेहतर
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सोने और चांदी के दाम में पिछले दो हफ्तों से तेज गिरावट है। (फोटो सोर्स- PTI)
बिजनेस डेस्क। सोने के दाम में आज (3 नवंबर) हल्की बढ़त है। इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 10 ग्राम 24 कैरेट गोल्ड का रेट आज 1,38,118 रुपए पर है। कल (2 नवंबर) सोने का भाव 1,37,524 रुपए प्रति 10 ग्राम था। इस हिसाब से सोना आज 594 रुपए महंगा हुआ है। हालांकि पिछले दो हफ्तों से सोने के दाम में गिरावट रही है।
वहीं चांदी के दाम में आज गिरावट है। एक किलो चांदी का रेट 1,77,300 रुपए प्रति किलो पर आ गया है। कल इसका भाव 1,79,971 रुपए प्रति किलो पर था। इस हिसाब से चांदी आज 2,672 रुपए सस्ती हो गई है।
कैरेट के हिसाब से गोल्ड रेट...
कैरेट | गोल्ड रेट (रुपए) |
24 | 1,38,118 |
22 | 1,26,516 |
20 | 1,15,950 |
18 | 1,03,589 |
16 | 92,760 |
सोने-चांदी की कीमतें क्यों गिर रही
- अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ने की आशंका से सोने की कीमतों में गिरावट आ रही है। बाजार का मानना है कि दिसंबर में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की 74% संभावना है। जब फेडरल रिजर्व ब्याज दरें बढ़ाता है, तो सरकारी बॉन्ड (जैसे अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड) और बैंक जमा पर मिलने वाला ब्याज काफी बढ़ जाता है। इनमें फिक्स्ड रिटर्न मिलता है इसलिए निवेशक इन ऑप्शंस को सिक्योर मानते हैं।
- सोना ऐसा निवेश है जिस पर कोई तय ब्याज या रिटर्न नहीं मिलता। इसलिए ब्याज दरें बढ़ने पर निवेशक सोने की जगह अन्य ऑप्शंस को प्रायोरिटी देने लगते हैं। इसके चलते यह कम आकर्षक हो जाता है। इसलिए बाजार में सोने की डिमांड घटने लगती है। इकोनॉमिस्ट का मानना है कि जब किसी चीज की मांग कम होती है, तो उसकी कीमत में भी गिरावट आने लगती है।
- ब्याज दरें बढ़ने से अमेरिकी डॉलर अक्सर ग्लोबल मार्केट में मजबूत हो जाता है। इंटरनेशनल मार्केट में सोने की खरीद-बिक्री डॉलर में ही होती है। इसलिए डॉलर के मजबूत होने से अन्य करेंसी वाले निवेशकों के लिए सोना महंगा हो जाता है, जिससे उसकी मांग और कीमत पर दबाव पड़ता है।

शहरों में सोने का भाव देखें...(सोर्स-Bullions.com)
शहर | 22 कैरेट गोल्ड (रुपए) | 20 कैरेट गोल्ड (रुपए) | 18 कैरेट गोल्ड (रुपए) | 16 कैरेट गोल्ड (रुपए) |
भोपाल | 1,27,417 | 1,15,833 | 1,04,250 | 92,667 |
इंदौर, जबलपुर | 1,27,417 | 1,15,833 | 1,04,250 | 92,667 |
दिल्ली | 1,27,068 | 1,15,517 | 1,03,965 | 92,413 |
मुंबई | 1,27,288 | 1,15,717 | 1,04,145 | 92,573 |
जयपुर | 1,27,270 | 1,15,700 | 1,04,130 | 92,560 |
लखनऊ | 1,27,316 | 1,15,742 | 1,04,168 | 92,593 |
चेन्नई | 1,27,655 | 1,16,050 | 1,04,445 | 92,840 |
बेंगलुरु | 1,27,389 | 1,15,808 | 1,04,228 | 92,647 |
पटना | 1,27,215 | 1,15,650 | 1,04,085 | 92,520 |
एक्सपर्ट्स की खरीदारी की राय
मौजूदा गिरावट को देखते हुए एक्सपर्ट्स ने सोने में निवेश करने वालों को धनतेरस 2026 और दीपावली 2026 से पहले सोना खरीदने की सलाह दी है। ऐसा इसलिए क्योंकि यह तय है कि 2027 के अंत तक सोने की कीमतें कम से कम अपने रिकॉर्ड हाई लेवल के आसपास होंगी। हालांकि, एक्सपर्ट्स का यह भी कहना है कि ग्लोबल लेवल पर कुछ बदलाव के आधार पर सोने की कीमत 2 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के आंकड़े को पार कर सकती है।
शहरों में सोने का भाव अलग क्यों
हर शहर में सोने का भाव अलग होने की कई वजह है। इंटरनेशनल मार्केट से आने वाली बेस प्राइस के अलावा लोकल लेवल पर कई एडिशनल खर्चे और फैक्टर जुड़ जाते हैं। ट्रांसपोर्टेशन और लॉजिस्टिक्स का खर्च, लोकल टैक्स और स्टेट लेवल चार्जेस, ज्वेलर्स एसोसिएशन की अलग-अलग प्राइसिंग और रिटेलर का मार्जिन इसमें शामिल हैं।
इसलिए आमतौर पर हर शहर में गोल्ड के रेट में 100-500 रुपए प्रति 10 ग्राम तक का फर्क पड़ जाता है। हालांकि सोना और चांदी खरीदने से पहले कई जगह रेट चेक करना जरूरी है। इससे आप बेहतर तरह से अंतर समझ सकते हैं।
गोल्ड खरीदने से पहले क्या जानें
सोना खरीदते समय इसकी शुद्धता की जानकारी होना जरूरी है। अगर ऐसा न हो तो ठगे जाने का खतरा रहता है और पैसे की पूरी वैल्यू नहीं मिलती। अगर आप गोल्ड की प्योरिटी को सही से समझ लें तो बेहतर और समझदारी से फैसला ले सकते हैं।
सोने की शुद्धता को कैरेट में मापा जाता है। जितना ज्यादा कैरेट होगा उतना ही सोना शुद्ध होगा। कम कैरेट में सोने को चांदी या तांबे जैसी दूसरे मेटल्स से मिलाया जाता है। एग्जाम्पल के तौर पर 24 कैरेट सोना पूरी तरह शुद्ध होता है, यानी 99.9% प्योर। 22 कैरेट सोना 91.6 परसेंट प्योर होता है। वहीं 18 कैरेट सोने में 75% शुद्धता होती है।
आप अपने बजट और पसंद के हिसाब से कैरेट चुन सकते हैं। प्योर गोल्ड बहुत सॉफ्ट होता है, इसलिए रोजाना पहनने वाली ज्वेलरी बनाने के लिए दूसरे मेटल्स को मिलाना पड़ता है ताकि वो टिकाऊ बनी रहे।

