EPFO की सभी सेवाएं अब एक लॉगिन से: नया 'पासबुक लाइट' फीचर शुरू, PF डिटेल्स देखना हुआ और आसान
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EPFO ने पासबुक लाइट सेवा शुरू की है। अब कर्मचारी एक ही लॉगिन से अपने अकाउंट की पूरी डिटेल्स देख पाएंगे। (फोटो सोर्स- रॉयटर्स)
बिजनेस डेस्क। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अपने सदस्यों को आसान और भरोसेमंद सर्विस देने की कोशिश करता रहा है। इस कड़ी में EPFO ने नया फीचर 'पासबुक लाइट' पेश किया है। जिससे कर्मचारी आसानी से अपनी PF डिटेल्स देख पाएंगे।
क्या है पासबुक लाइट
दरअसल, पहले PF की जानकारी देखने के लिए EPFO की अलग पासबुक पोर्टल में लॉगिन करना पड़ता था। अब यह परेशानी खत्म हो गई है। अब मेंबर पोर्टल (https://unifiedportal-mem.epfindia.gov.in/memberinterface/) पर लॉगिन करना है। वहां नया ऑप्शन 'पासबुक लाइट' मिलेगा, जहां आसानी से अपनी PF कंट्रीब्यूशन की जानकारी देख सकते हैं। अगर पूरी डिटेल्स, ग्राफिकल रिपोर्ट और पुराने ट्रांजेक्शन देखना है तो पुराना पासबुक पोर्टल इस्तेमाल कर इस्तेमाल कर सकते हैं।
इसका ये फायदा होगा
- अब अलग-अलग पोर्टल पर लॉगिन करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
- EPFO का सिस्टम फास्ट और स्मूथ चलेगा।
- शिकायत कम होंगी और कर्मचारियों का अनुभव बेहतर होगा।
PF ट्रांसफर के लिए सर्टिफिकेट ऑनलाइन डाउनलोड करें
अब तक जब कोई कर्मचारी नौकरी बदलता था और पीएफ ट्रांसफर करता था। तो ट्रांसफर सर्टिफिकेट सिर्फ ईपीएफओ ऑफिस के बीच शेयर होता है। कर्मचारी को यह मांगने पर ही मिलता था। लेकिन अब बदलाव हुआ है। मेंबर पोर्टल से सीधे डॉक्यूमेंट पीडीएफ फॉर्मेट में डाउनलोड कर सकते हैं। इससे कई फायदे मिलेंगे...
- पीएफ ट्रांसफर का स्टेटस ऑनलाइन ट्रैक कर सकेंगे।
- यह सुनिश्चित कर सकेंगे कि बैलेंस और सर्विस पीरियड सही से नए खाते में जुड़ा है।
- कर्मचारी के पास डिजिटल रिकॉर्ड रहेगा, जो पेंशन कैलकुलेशन में काम आएगा।
- ट्रांसपेरेंसी और भरोसा बढ़ेगा क्योंकि सारी जानकारी कर्मचारी के पास होगी।
क्लेम सेटलमेंट अब जल्द होंगे
अभी तक PF ट्रांसफर, विड्रॉल, एडवांस या रिफंड जैसी सर्विसेज के लिए कई लेवल के ऑफिसर्स का अप्रूवल लेना पड़ता था। इससे क्लेम सेटलमेंट में देर लगती थी। अब इस प्रोसेस को EPFO ने आसान कर दिया है।
जो पावर पहले सिर्फ रीजनल प्रोविडेंट फंड कमिश्नर (RPFC) के पास थी। अब उसे असिस्टेंट पीएफ कमिश्नर और दूसरे अधिकारियों को भी दे दिया है। इस बदलाव से क्लेम, ट्रांसफर और एडवांस की प्रोसेसिंग तेज होगी। अप्रूवल लेवल कम होने से प्रोसेस आसान हो जाएगी। लोकर ऑफिस में अकाउंटेबिलिटी भी बढ़ेगी।
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