8वां वेतन आयोग: सरकार ने कंसल्टेंट पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की; सैलरी बढ़ोतरी पर भी आया अपडेट
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बिजनेस डेस्क। केंद्र सरकार के कर्मचारी और पेंशनर्स लंबे समय से 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर इंतजार कर रहे हैं। अब एक नया अपडेट सामने आया है। इससे यह संकेत मिल रहा है कि मामला सिर्फ घोषणा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके लिए ग्राउंड लेवल पर काम आगे बढ़ रहा है। हाल ही में जारी एक ऑफिस मेमोरेंडम में 8वें वेतन आयोग ने कॉन्ट्रैक्ट आधार पर कंसल्टेंट्स की भर्ती के लिए आवेदन मांगे हैं।
8वें वेतन आयोग का मुख्य काम क्या होगा
ऑफिस मेमोरेंडम के मुताबिक, आयोग का गठन अलग-अलग कैटेगरी के सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की सैलरी स्ट्रक्चर, अलाउंस और पेंशन से जुड़े सुझाव देने के लिए किया गया है। 10 मई को जारी सर्कुलर में कहा गया कि योग्य उम्मीदवारों से कंसल्टेंट पद के लिए आवेदन मांगे जा रहे हैं। यह भर्ती पूरी तरह ऑनलाइन होगी।
कर्मचारियों के लिए इस अपडेट के मायने
फिलहाल इसका मतलब यह नहीं है कि कर्मचारियों की सैलरी तुरंत बढ़ने वाली है। लेकिन इससे इतना जरूर समझ आता है कि 8वें वेतन आयोग का बैकएंड काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। आमतौर पर कंसल्टेंट्स को रिसर्च,पॉलिसी एनालिसिस, डेटा स्टडी, प्रशासनिक काम और रिकमेंडेशन तैयार करने जैसे कामों के लिए नियुक्त किया जाता है। ऐसे में यह माना जा सकता है कि आयोग अब तैयारी के अगले चरण में पहुंच चुका है। लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए यह एक संकेत है कि आयोग की प्रक्रिया धीरे-धीरे सक्रिय हो रही है।
अब तक 8वें वेतन आयोग पर क्या हुआ है?
इससे पहले केंद्र सरकार 8वें वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दे चुकी है। इसके बाद से कर्मचारियों के बीच सैलरी बढ़ने को लेकर उम्मीदें बढ़ गई थीं। आमतौर पर वेतन आयोग कर्मचारियों की बेसिक सैलरी, महंगाई भत्ता (DA), फिटमेंट फैक्टर, पेंशन व्यवस्था और अन्य भत्तों की समीक्षा करता है।
7वां वेतन आयोग 2016 में लागू हुआ था। आमतौर पर वेतन आयोग हर 10 साल में आता है। इसलिए माना जा रहा है कि 8वां वेतन आयोग अगले 10 सालों की सैलरी व्यवस्था तय कर सकता है। हालांकि, सरकार ने अभी तक नई सैलरी लागू करने की कोई डेट घोषित नहीं की है।
फिटमेंट फैक्टर पर सबसे ज्यादा चर्चा
8वें वेतन आयोग में सबसे ज्यादा चर्चा फिटमेंट फैक्टर को लेकर हो रही है। यही वह फॉर्मूला होता है जिससे मौजूदा बेसिक सैलरी को नई सैलरी में बदला जाता है। 7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 रखा गया था, जिसके बाद कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में बड़ा बदलाव देखने को मिला था। इस बार कर्मचारी संगठन ज्यादा फिटमेंट फैक्टर की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि पिछले कुछ सालों में महंगाई और रोजमर्रा के खर्च काफी बढ़ चुके हैं।
महंगाई भत्ता (DA) जारी रहेगा
फिलहाल केंद्र सरकार के कर्मचारियों को महंगाई भत्ते (DA) में समय-समय पर बढ़ोतरी मिलती रहती है। DA का फैसला महंगाई के आधार पर किया जाता है। यह वेतन आयोग से अलग प्रक्रिया होती है। हालांकि बाद में वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार, DA को नई सैलरी स्ट्रक्चर में शामिल किया जा सकता है।
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