8th Pay Commission-18566: सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, न्यूनतम वेतन 69000 रुपए करने की मांग; सालाना 6% इंक्रीमेंट का प्रस्ताव
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कर्मचारियों की मांगें तेजी से बढ़ रही हैं और महंगाई को देखते हुए महंगाई भत्ता में बढ़ोतरी की चर्चा तेज हो गई है। (फोटो सोर्स- रॉयटर्स)
बिजनेस डेस्क। केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए राहत की खबर सामने आई है। नेशनल काउंसिल ऑफ जॉइंट कंसल्टेटिव मैकेनिज्म (NC-JCM) की स्टाफ साइड ने 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को 51 पेज का एक मेमोरेंडम सौंपा है। इसमें कई मांगें रखी गई हैं, जिनमें सबसे बड़ी मांग फिटमेंट फैक्टर को 3.833 करने की है। अगर यह लागू हुआ तो कर्मचारियों की सैलरी में उछाल देखने को मिल सकता है।
JCM क्या है और इसका रोल क्यों जरूरी है?
NC-JCM एक ऐसा प्लेटफॉर्म है, जहां सरकार और उसके कर्मचारी आपस में बातचीत करते हैं। इसमें कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि और गवर्नमेंट ऑफिसर शामिल होते हैं। यह संस्था सैलरी, भत्ते, काम की शर्तें और कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करती है और सरकार को सुझाव देती है।
JCM के स्टाफ साइड के सचिव शिव गोपाल मिश्रा ने X (पूर्व ट्विटर) पर बताया कि तय समय से पहले यह मेमोरेंडम जमा कर दिया गया है। यह मेमोरेंडम कर्मचारियों की जरूरतों और बढ़ती महंगाई को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसमें कई बड़े बदलावों का प्रस्ताव दिया गया है।
फिटमेंट फैक्टर 3.833 करने की मांग
सबसे बड़ी मांग है कि फिटमेंट फैक्टर को 2.57 से बढ़ाकर 3.833 किया जाए। न्यूनतम वेतन 18,000 रुपए से बढ़ाकर 69,000 रुपए करने का प्रस्ताव है। अधिकतम सैलरी 2,15,000 रुपए तय करने की मांग की गई है। अगर यह लागू होता है तो कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में बड़ा इजाफा होगा।
फैमिली यूनिट में बदलाव का प्रस्ताव
इस मेमोरेंडम में परिवार से जुड़े नियमों में बदलाव की मांग की गई है-
- परिवार के सदस्यों की संख्या 3 से बढ़ाकर 5 करने का प्रस्ताव।
- पुरुष और महिला कर्मचारियों के लिए समान 1-1 यूनिट।
- माता-पिता को भी परिवार में शामिल करने की मांग।
इन बदलावों का सीधा असर भत्तों और न्यूनतम सैलरी के कैलकुलेशन पर पड़ेगा।
सालाना इंक्रीमेंट बढ़ाने की मांग
मेमोरेंडम में यह भी कहा गया है कि कर्मचारियों के एनुअल इंक्रीमेंट को 3% से बढ़ाकर 6% किया जाए।
पे स्केल में बदलाव का प्रस्ताव
सैलरी स्ट्रक्चर को आसान और बेहतर बनाने के लिए कई पे स्केल को मर्ज करने का सुझाव दिया गया है।
- पे स्केल 1 और 3: नया पे स्केल 2
- पे स्केल 4 और 5: नया पे स्केल 3
- पे स्केल 6: नया पे स्केल 4 (रिवाइज्ड)
- पे स्केल 7 और 8: नया पे स्केल 5
- पे स्केल 9 और 10: नया पे स्केल 6
महिलाओं और पेंशनर्स पर खास ध्यान
मेमोरेंडम में महिला कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए भी खास प्रावधानों की बात की गई है। जिनमें समानता, बेहतर परिवार लाभ और मजबूत आर्थिक सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
फिटमेंट फैक्टर क्या होता है?
फिटमेंट फैक्टर एक ऐसा नंबर होता है, जिसमें आपकी पुरानी बेसिक सैलरी को गुणा करके नई सैलरी तय की जाती है। उदाहरण के लिए: अगर किसी की बेसिक सैलरी 18,000 रुपए है और फिटमेंट फैक्टर 3.833 लागू होता है, तो नई सैलरी करीब 69,000 रुपए हो सकती है। फैक्टर जितना ज्यादा होगा, सैलरी और पेंशन में उतनी ज्यादा बढ़ोतरी होगी।
आगे क्या हो सकता है?
फिलहाल ये सभी मांगे सिर्फ सुझाव हैं। अंतिम फैसला सरकार और वेतन आयोग करेगा। अगर 3.833 फिटमेंट फैक्टर जैसी मांग मान ली जाती हैं, तो लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स की इनकम में जबरदस्त बढ़ोतरी हो सकती है।
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