सरकार ने 8वें वेतन आयोग के स्ट्रक्चर को मंजूरी दी: 18 महीने में रिपोर्ट पेश होगी, 50 लाख कर्मचारियों को फायदा होगा
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केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कैबिनेट में लिए गए फैसलों की जानकारी दी। (फोटो सोर्स- एएनआई)
बिजनेस डेस्क। केंद्र सरकार ने 8वें वेतन आयोग को लेकर बड़ा फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में 8वें वेतन आयोग के टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) को मंजूरी दे दी गई है। इसके साथ ही अब आयोग आधिकारिक रूप से काम शुरू कर सकेगा और 18 महीने के अंदर अपनी सिफारिशें सरकार को सौंप देगा।
क्या है 8वां वेतन आयोग
8वां वेतन आयोग एक टेम्पररी समिति है, जिसे जनवरी 2025 में केंद्र सरकार ने गठित करने का ऐलान किया था। इस कमिशन का काम सेंट्रल कर्मचारियों और पेंशनर्स की सैलरी, अलाउंस और पेंशन में सुधार की सिफारिशें देना है। हर 10 साल में सरकार एक नया वेतन आयोग बनाती है। इससे पहले 7वां वेतन आयोग 2016 में लागू हुआ था।
8वां वेतन आयोग का स्ट्रक्चर कैसा होगा
सरकार ने कमिशन के स्ट्रक्चर और कामकाज को लेकर जानकारी दी है। 8वें वेतन आयोग में एक चेयरपर्सन, एक पार्ट-टाइम मेंबर और एक मेंबर सेक्रेटरी होंगे। आयोग को अपनी अंतिम रिपोर्ट 18 महीने के अंदर देनी होगी। जरूरत पड़ने पर अंतरिम रिपोर्ट भी भेज सकता है। अगर कुछ सिफारिशें पहले तय हो जाती हैं।
क्या है टर्म्स ऑफ रेफरेंस
टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) को सरल भाषा में समझें तो यह किसी कमिशन का 'रूल बुक' या काम करने का ढांचा होता है। इसमें बताया जाता है कि आयोग किन विषयों पर सिफारिश देगा और कामकाज किन सीमाओं में रहेगा।
ToR जब तक मंजूर नहीं होता, आयोग आधिकारिक तौर पर काम शुरू नहीं कर सकता। अब कैबिनेट की मंजूरी के बाद 8वें वेतन आयोग को कानूनी मान्यता मिल गई है।
किन बातों का ध्यान रखेगा आयोग
सरकार ने आयोग को कुछ बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए सिफारिश करने का निर्देश दिया है-
- देश की आर्थिक स्थिति और वित्तीय अनुशासन को बनाए रखना।
- विकास कार्यों और योजनाओं के लिए संसाधन उपलब्ध रह सकें।
- नॉन-कॉन्ट्रिब्यूटरी पेंशन स्कीम के बढ़ते खर्च पर नजर रखना है।
आयोग की सिफारिशों का प्रदेश सरकारों के फाइनेंस पर असर भी समझना है, क्योंकि राज्य भी इन सिफारिशों को बदलावों के साथ लागू करती हैं। केंद्र सरकार, सार्वजनिक उपक्रमों और प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों की सैलरी और बेनिफिट की तुलना करना है।
कब तक आएगी रिपोर्ट
8वें वेतन आयोग का फायदा लगभग 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और लगभग 65 लाख पेंशनर्स को होगा। आयोग को अपने गठन की डेट से 18 महीने के अंदर रिपोर्ट पेश करनी है। अगर सब कुछ तय समय पर हुआ तो इसकी सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से लागू हो सकती है।
हालांकि सरकार को रिपोर्ट मिलने के बाद उस पर कैबिनेट की मंजूरी जरूरी होती है। तभी पे रिवीजन लागू होगा। बता दें सरकारी कर्मचारी की सैलरी में बेसिक पे, महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA) और ट्रांसपोर्ट अलाउंस (TA) शामिल होता है।

