यास्तिका लॉर्ड्स में टेस्ट सेंचुरी लगाने वाली पहली वुमन क्रिकेटर: मंधाना की एडवाइस से माइंडसेट बदला; चोट के कारण ODI वर्ल्ड कप और WPL नहीं खेल पाईं
Published: Updated:
2 min read

स्पोर्ट्स डेस्क. भारत की विकेटकीपर बैटर यास्तिका भाटिया ने लॉर्ड्स में टेस्ट सेंचुरी लगाने वाली पहली वुमन क्रिकेटर बन गई हैं। यास्तिका ने इंग्लैंड के खिलाफ 158 बॉल पर 113 रन बनाए। उनकी इस पारी के बदौलत भारतीय टीम ने दूसरी पारी 7 विकेट पर 341 रन बनाकर डिक्लेयर की और इंग्लैंड को 457 रन का टारगेट दिया। लॉर्ड्स में यह पहली बार कोई वुमन्स टेस्ट हुआ है।
ACL इंजरी के बाद कमबैक
यास्तिका को पिछले साल ट्रेनिंग कैंप के दौरान बाएं घुटने की ACL (एंटीरियर क्रूसिएट लिगामेंट) में चोट लगी थी। अक्टूबर में उनकी सर्जरी हुई। इसी वजह से वह ODI वर्ल्ड कप और इस साल का WPL भी नहीं खेल सकीं। उन्होंने अब लॉर्ड्स में सेंचुरी लगाकर दमदार कमबैक किया है।
तुम्हारा टाइम जरूर आएगा-मंधाना
मैच के बाद यास्तिका ने बताया कि मुश्किल दौर में स्मृति मंधाना की एडवाइस ने उन्हें काफी हिम्मत दी। यास्तिका ने कहा- मैंने स्मृति दीदी से बात की थी। उन्होंने कहा था कि यह इंजरी मेरे कॅरियर का टर्निंग पॉइंट बनेगी। उन्होंने बताया कि ACL इंजरी के बाद उनका गेम और माइंडसेट दोनों बदल गए थे। उन्होंने मुझसे कहा था कि हार्ड वर्क करती रहो, तुम्हारा टाइम जरूर आएगा।

6 महीने पहले यकीन नहीं था
यास्तिका ने कहा- अगर 6 महीने पहले कोई कहता कि मेरा नाम लॉर्ड्स के ऑनर्स बोर्ड पर होगा, तो शायद मैं यकीन नहीं करती। फैमिली के सपोर्ट और लगातार हार्ड वर्क की बदौलत इस मुकाम तक पहुंच सकीं।
विकेटकीपिंग से कॉन्फिडेंस लौटा
यास्तिका ने बताया कि सर्जरी के बाद सबसे पहले उन्होंने विकेटकीपिंग शुरू की थी। उन्होंने कहा- दोबारा कैच पकड़ते समय मैं पूरे दिन मुस्कुरा रही थी। उसी दिन मुझे फिर से क्रिकेट से प्यार हो गया। यही प्यार मुझे मुश्किल दौर से बाहर लेकर आया।


