US में व्हाइट हाउस के पास फायरिंग में 1 नेशनल गार्ड की मौत: गिरफ्तार आरोपी पर पूर्व CIA एजेंट होने का शक; अमेरिका ने अफगानियों की इमिग्रेशन रिक्वेस्ट रोकी
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने वॉशिंगटन में फायरिंग के बाद कहा -यह पूरे देश के खिलाफ अपराध है।- फाइल फोटो
इंटरनेशनल डेस्क। अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन D.C. में बुधवार शाम व्हाइट हाउस से कुछ ही दूरी पर दो नेशनल गार्ड जवानों पर फायरिंग हुई। इसमें 1 गार्ड की मौत हो चुकी है जबकि दूसरे की हालत गंभीर है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपडेट देते हुए कहा कि नेशनल गार्ड सारा बेकस्ट्रॉम जिंदगी की जंग हार गईं। वो सम्मानीय, युवा और शानदार इंसान थीं। दूसरे गार्ड अभी भी मौत से जंग लड़ रहे हैं। उनकी हालत काफी नाजुक है।
अब इस मामले में नया मोड़ आया है। बताया जा रहा है कि जिस अफगान नागरिक को पकड़ा गया है, वो US की सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (CIA) की सिक्रेटिव यूनिट का हिस्सा था। इसलिए तालिबान के काबुल पर कब्जे से पहले वह आराम से अमेरिका में दाखिल हो गया। इसे अमेरिकन डीप स्टेट की नाकामयाबी कहा जाएगा। इसी तरह का सपोर्ट अभी US पाकिस्तान को भी दे रहा है।
ट्रम्प ने इसे आतंकी हमला बताते हुए कहा था कि इसकी भारी कीमत चुकानी होगी। उन्होंने बाइडेन की आलोचना करते हुए दावा किया था कि संदिग्ध अफगानिस्तान से 2021 की एयरलिफ्ट के दौरान अमेरिका लाया गया था। सुरक्षाबलों ने इस मामले में रहमानुल्ला लाकनवाल को गिरफ्तार किया है।
अफगान नागरिकों की इमिग्रेशन रिक्वेस्ट रोकी गई
घटना के तुरंत बाद सभी अफगान नागरिकों से जुड़ी इमिग्रेशन रिक्वेस्ट को अनिश्चितकाल के लिए रोक दिया गया है। USCIS ने कहा- होमलैंड सिक्योरिटी और अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और मौजूदा प्रोटोकॉल की पूरी समीक्षा की जाएगी। इसका असर हजारों अफगान एप्लीकेंट्स पर पड़ेगा जो पहले से अमेरिकी वीजा हासिल करने का इंतजार कर रहे थे।
कैसे हुआ हमला, चश्मदीदों ने क्या देखा
घटना बुधवार शाम तब हुई जब दो जवान शहर में रूटीन पेट्रोलिंग कर रहे थे। संदिग्ध फॉरागट वेस्ट के पास कोने पर इंतजार कर रहा था। उसने पहले महिला गार्ड को सीने में गोली मारी, फिर सिर पर फायर किया। उसके बाद उसने दूसरे गार्ड पर भी गोलियां चलाईं। एक तीसरे गार्ड ने तुरंत जवाबी फायर कर संदिग्ध को रोक दिया। चश्मदीदों ने बताया कि गोलियों की आवाज सुनने के बाद लोग भागने लगे। कुछ ही सेकंड में पुलिस और फायर यूनिट मौके पर पहुंच गई।
ट्रम्प बोले- संदिग्ध को US लाने के जिम्मेदार बाइडेन
ट्रम्प ने प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी इस बात को लेकर आश्वस्त है कि संदिग्ध अफगान है। उसे बाइडेन एडमिनिस्ट्रेशन ने सितंबर 2021 में अमेरिका लाया था। मैं अपने कार्यकाल में अफगानिस्तान से आए हर व्यक्ति की जांच फिर से करवाऊंगा। यह हमला नफरत, आतंक और बुराई का मिला जुला रूप है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा- जो 'जानवर' (animal) इस वारदात में शामिल है, उसे कड़ी सजा मिलेगी।
रिपब्लिक नेता बाइडेन एडमिनिस्ट्रेशन को जिम्मेदार ठहरा रहे
इस घटना के बाद अमेरिका में अफगान इवैक्यूएशन प्रोग्राम पर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। रिपब्लकि नेताओं का कहना है कि यह बाइडेन प्रशासन की सुरक्षा नीतियों की विफलता है। वहीं विशेषज्ञ मानते हैं कि एक घटना को पूरे अफगान कम्युनिटी से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। अमेरिकी जांच एजेंसियों ने कहा कि यह घटना सिक्योरिटी सिस्टम की मौजूद खामियों की तरफ इशारा करती है। अब अफगान शरणार्थियों, इवैक्यूएशन लाभार्थियों और इंटरप्रिटर कनेक्शन वाले लोगों की वेरिफिकेशन सिस्टम को अब नए सिरे से देखा जाएगा।
घटना के बाद शूटर को कैसे पकड़ा गया
अफसरों ने बताया कि जैसे ही हमलावर ने नेशनल गार्ड के जवानों पर फायरिंग शुरू की, आसपास तैनात दूसरे सैनिकों ने गोलियों की आवाज सुनी और तुरंत मौके की तरफ दौड़ पड़े। डीसी पुलिस के एग्जिक्यूटिव असिस्टेंट चीफ जेफ्री कैरोल के मुताबिक, मौके पर पहुंचे जवानों ने हमलावर को जवाबी कार्रवाई में घायल होने के बाद दबोच लिया। कैरोल ने बताया कि जांचकर्ताओं द्वारा देखे गए वीडियो में साफ दिखा कि संदिग्ध एक मोड़ से निकलते ही अचानक सैनिकों पर गोलियां चलाने लगा, लेकिन कुछ ही सेकंड में जवानों ने उसे काबू कर लिया।
2021 में US लाया गया था संदिग्ध रहमानुल्ला लाकनवाल
29 साल के अफगान नागरिक रहमानुल्ला लाकनवाल को हमले का आरोपी बताया गया है। वह 2021 की अफगान एग्जिट के दौरान ऑपरेशन अलाइज वेलकम (Operation Allies Welcome) के तहत अमेरिका आया था। वह वॉशिंगटन के बेलिंगहैम में रह रहा था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक FBI इस मामले को संभावित आतंकी हमले के तौर पर देख रही है। जवाबी गोलीबारी में उसे चार गोलियां लगीं और लगभग नग्न हालत में एम्बुलेंस में ले जाया गया। पुलिस का कहना है कि वह अकेला ही हमला कर रहा था।
पत्नी और पांच बेटों के साथ रहता था लाकनवल
लाकनवल के एक करीबी रिश्तेदार ने बताया कि वह वाशिंगटन में अपनी पत्नी और पांच बेटों के साथ रह रहा था। परिवार ने किसी तरह की परेशानी या संदिग्ध गतिविधि का जिक्र नहीं किया। रिश्तेदारों के मुताबिक, लाकनवल का स्वभाव सामान्य था और वह अपने बच्चों के साथ समय बिताता था। उसका डेली रूटीन साधारण था, लेकिन घटना से परिवार भी सदमे में है और फिलहाल किसी भी बयान से बच रहा है।
US फोर्स के साथ काम कर चुका था हमलावर
रिश्तेदारों का कहना है कि लाकनवल अफगानिस्तान में अमेरिकी स्पेशल फोर्सेस के साथ काम कर चुका था। उसी भूमिका के आधार पर उसे 2021 में तालिबान के कब्जे के बाद US इवैक्यूएशन प्रोग्राम के जरिए अमेरिका लाया गया था। वह सितंबर 2021 से वाशिंगटन में रह रहा था। अब जांच एजेंसियां उसके पुराने मिलिट्री कनेक्शन्स, अफगानिस्तान में उसकी भूमिका और अमेरिका में पिछले तीन साल के मूवमेंट की बारीकी से जांच कर रही हैं।
FBI डायरेक्टर बोले- फेडरल लेवल पर जांच होगी
वॉशिंगटन की मेयर म्यूरियल बाउजर ने कहा- ये टारगेटेड किलिंग है। FBI डायरेक्टर काश पटेल ने कहा- इस मामले की जांच फेडरल लेवल पर होगी क्योंकि हमला फेडरल अफसरों पर हुआ है। वेस्ट वर्जीनिया के गवर्नर ने पहले जवानों की मौत की घोषणा कर दी थी, लेकिन बाद में बयान वापस लिया और कहा कि जानकारी परस्पर विरोधी है। सेना और पुलिस ने आसपास का इलाका सील कर दिया। तीनों घायल, जिनमें संदिग्ध भी शामिल है, को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया।
नेशनल गार्ड की तैनाती पर बहस छिड़ी
अमेरिका की राजधानी में नेशनल गार्ड की तैनाती पहले से ही विवाद का विषय थी। करीब 2400 जवान वॉशिंगटन में तैनात हैं, जिनमें 1300 दूसरे राज्यों से आए हैं। कई राज्यों ने हाल के महीनों में ट्रंप प्रशासन की पब्लिक सेफ्टी मुहिम के तहत अपने गार्ड भेजे हैं। हमले के बाद वॉर सेक्रेटरी पीटर हेगसेथ ने और 500 जवानों की तैनाती का आदेश दिया है।
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ओबामा ने दुख जताया
पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने सोशल मीडिया पर लिखा- हिंसा की अमेरिका में कोई जगह नहीं है। यह बेहद दुखद समय है। मैं और मिशेल घायल जवानों के लिए दुआ कर रहे है। वहीं, वेस्ट वर्जीनिया के गवर्नर मोरिसी ने पहले जवानों की मौत की जानकारी दी, लेकिन बाद में बयान सुधारते हुए कहा कि स्थिति को लेकर कन्फ्यूजिंग रिपोर्ट है।

