सऊदी अरब से दुबई एयरलिफ्ट होंगे भारतीय पायलट स्मित मछार: बेहतर ट्रीटमेंट के लिए शिफ्ट किया जाएगा; गुजरात सरकार देगी गरिमा अवॉर्ड
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फ्लाईदुबई के भारतीय पायलट स्मित मछार को सऊदी अरब के तबुक से दुबई एयरलिफ्ट किया जा रहा है। गुजरात सरकार उन्हें गुजरात गरिमा अवॉर्ड देने का ऐलान किया है।- फाइल
इंटरनेशनल डेस्क। फ्लाईदुबई के भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मछार (Smit Machchhar) को सऊदी अरब के तबुक से एयरलिफ्ट कर दुबई लाया जा रहा है। बुधवार को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट FZ1073 के कॉकपिट में उनके को-पायलट ने उन पर चाकू से हमला कर दिया था।
तबुक के अस्पताल में ट्रीटमेंट चल रहा था
स्मित का सऊदी अरब के तबुक के एक अस्पताल में ट्रीटमेंंट चल रहा था। इंडियन एम्बेसी के मुताबिक, उनकी हालत स्थिर है। अब उन्हें आगे के इलाज के लिए दुबई ले जाया जा रहा है। इस बीच गुजरात सरकार ने उनकी बहादुरी के लिए उन्हें विशिष्ट गुजरात गरिमा अवॉर्ड देने का ऐलान किया है।
गुजरात के CM ने स्मित मछार की तारीफ की
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल (Bhupendra Patel) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा- इजराइल जा रही फ्लाइट के पायलट कैप्टन स्मित मछार के साहस को पूरी दुनिया सलाम कर रही है। हमले में खून से लथपथ होने के बावजूद उन्होंने 174 पैसेंजर्स की जान बचाने के लिए अदम्य साहस दिखाया।

भूपेंद्र पटेल ने कहा कि स्मित ने अपने साहस से गुजरात और देश का नाम दुनिया भर में रोशन किया है। स्मित की बहादुरी और इंसानियत के सम्मान में गुजरात सरकार उन्हें विशिष्ट गुजरात गरिमा अवॉर्ड (Vishisth Gujrat Garima Award) से सम्मानित करेगी।
नेतन्याहू ने की कैप्टन स्मित की तारीफ
कॉकपिट में हुए हमले के दौरान स्मित के शरीर से काफी खून बह रहा था। इसके बावजूद उन्होंने दरवाजे का रिलीज बटन दबाकर उसे खोल दिया। इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के प्रवक्ता ने Reuters को बताया कि स्मित ने घायल होने के बाद भी यह कदम उठाया। इससे पैसेंजर्स और क्रू मेंबर्स को कॉकपिट में पहुंचकर हमलावर को काबू करने में मदद मिली।

30 सेकंड में 17 हजार फीट नीचे आ गया था प्लेन
प्लेन में सवार पैसेंजर्स के मुताबिक, फ्लाइट अचानक तेजी से नीचे गिरने लगी थी। Flightradar 24 के आंकड़ों के मुताबिक, प्लेन ने करीब 30 सेकंड में लगभग 17 हजार फीट नीचे आ गया था। इसी दौरान पैसेंजर्स ने कॉकपिट की ओर बढ़कर हमलावर को काबू करने में मदद की। प्लेन में मौजूद फ्लाईदुबई के दूसरे पायलटों ने बाद में कंट्रोल संभाला और सुरक्षित लैंडिंग कराई।

