सिक्योरिटी की गारंटी मिले तो बांग्लादेश लौटूंगा: शाकिब अल हसन की मांग सरकार ने ठुकराई; खेल मंत्री बोले- अब उनके लिए नरमी की गुंजाइश खत्म
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शाकिब ने 71 टेस्ट, 247 वनडे और 129 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं। उन्होंने इंटरनेशनल क्रिकेट में टोटल 14730 रन बनाए और 712 विकेट लिए हैं। (@ANI)
स्पोर्ट्स डेस्क. बांग्लादेश क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान शाकिब अल हसन के अपने देश लौटने का मामला काफी पेचिदा होता जा रहा है। बांग्लादेश में शाकिब पर मर्डर का आरोप है और उन पर केस भी चल रहा है। 2024 के बाद से शाकिब देश नहीं लौटे हैं। फिलहाल, वे अभी श्रीलंका में लंका प्रीमियर लीग (LPL) खेल रहे हैं। शाकिब ने अपनी सरकार से मदद की गुहार लगाई और कहा है कि यदि सरकार उनकी सुरक्षा की गारंटी ले तो वे देश लौटकर केस लड़ना चाहते हैं।
मगर अब इस मामले में बांग्लादेश के खेल मंत्री अमिनुल हक (Aminul Haque) का बयान आया है। उन्होंने कहा है कि शाकिब ने हाल ही में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की प्रेस कॉन्फ्रेंस जॉइन की थी। इस मामले के बाद उनकी वापसी की राह काफी मुश्किल हो गई है। इससे पहले हम शाकिब के प्रति नर्म रवैया अपनाने का सोच रहे थे, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।

शेख हसीना की पार्टी से सांसद बने थे शाकिब
यहां थोड़ा मामला समझने की जरूरत है कि आखिर यह है क्या? दरअसल, स्पिन ऑलराउंडर शाकिब ने 2024 में शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग जॉइन की थी। इसी साल वे चुनाव लड़े और सांसद बने थे।
जुलाई-अगस्त 2024 में बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन हुए। इसी दौरान राजनीतिक फेरबदल और तख्तापलट हुआ। तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना को इस्तीफा देकर देश छोड़ना पड़ा था। इससे पहले शाकिब विदेशी लीग के लिए देश छोड़ चुके थे। तभी से वे नहीं लौटे। तब देश में 147 लोगों की हत्या के मामले में हसीना और शाकिब समेत कई लोगों को आरोपी बनाया गया।
5 अगस्त 2024 से शेख हसीना भारत में शरण लिए हैं। 39 साल के शाकिब विदेशी लीग खेल रहे हैं। उनकी इच्छा है कि वे अपने देश में फेयरवेल मैच खेलकर रिटायरमेंट लें। इसके लिए वे सरकार से गुहार लगा रहे हैं।
शाकिब ने सरकार से मांगी सुरक्षा की गारंटी
शाकिब ने रॉयटर्स से कहा- यदि सरकार मुझे भरोसा दिलाए कि बांग्लादेश में मुझे पूरी सुरक्षा दी जाएगी तो मैं खुशी-खुशी लौटना चाहूंगा। साथ ही कोर्ट में केस भी लड़ूंगा और जो भी जरूरी होगा वो सबकुछ करूंगा। मैं जानता हूं कि मैंने कुछ भी नहीं किया है। यह एक हास्यास्पद केस (हत्या का आरोप) है।
इसके बाद शेख हसीना की प्रेस कॉन्फ्रेंस में शाकिब अल हसन वर्चुअली शामिल हुए। इससे नाराज सत्ताधारी पार्टी BNP के समर्थकों ने बांग्लादेश के मगुरा में स्थित उनका घर जला दिया था। घटना के बाद शाकिब ने कहा था कि वे सिर्फ निर्देशों का पालन कर रहे थे।

शाकिब के लिए सरकार का रवैया बदला
अब इस मामले में खेल मंत्री अमिनुल हक का बयान आया है। पहले अमिनुल ने संकेत दिए थे कि वे शाकिब के मामले को जल्द से जल्द सुलझाने में मदद करेंगे। अब प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद उनका रुख सख्त हो गया है। अमिनुल ने कहा- हम इन चीजों को काफी नर्म और सहनशील तरीके से ले रहे थे।
उन्होंने कहा- अब इसके (प्रेस कॉन्फ्रेंस) बाद ऐसा नहीं लगता कि उस तरह की सोच के लिए कोई गुंजाइश बची है। अब वे तानाशाह (शेख हसीना) के साथ उस स्थिति में पहुंच गए हैं, जिनकी देश लौटने की संभावना बेहद कम है। क्रिकेटर होने के नाते हम शाकिब के साथ काफी सहनशील थे। अब यह चांस भी खत्म हो गया है। यदि उन्हें देश लौटना है तो लीगल रास्ता ही अपनाना होगा।

शाकिब फेयरवेल मैच खेलने को लेकर बेताब
ऑलराउंडर शाकिब 39 साल के हैं। वे अपने देश में फेयरवेल मैच खेलकर संन्यास लेने को बेताब हैं। उन्होंने कहा- मैं अच्छा महसूस कर रहा हूं। खेल को एंजॉय भी कर रहा हूं। इस समय खेल भी अच्छा रहा हूं, लेकिन इस समय उम्र मेरे फेवर में नहीं है। यही वजह है कि मैं ज्यादा इंतजार (फेयरवेल मैच के लिए) नहीं कर सकता।

