AAP नेता सत्येंद्र जैन गिरफ्तार: दिल्ली जल बोर्ड के टेंडर में भ्रष्टाचार के आरोप में एक्शन; मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 2022 में भी हुई थी गिरफ्तारी
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सत्येंद्र जैन केजरीवाल सरकार में स्वास्थ्य मंत्री भी थे।
नेशनल डेस्क. AAP नेता और दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन को मंगलवार (18 अगस्त ) को एंटी करप्शन ब्रांच ने गिरफ्तार कर लिया गया। उन पर दिल्ली जल बोर्ड टेंडर में भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। इस मामले में दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व CEO उदित प्रकाश राय समेत 5 अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है।
सत्येंद्र जैन को दिल्ली जल बोर्ड के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट को बेहतर बनाने या अपग्रेड करने की टेंडर प्रक्रिया में आपराधिक साजिश, बड़े पैमाने पर गड़बड़ी, टेंडर की शर्तों में हेर-फेर के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। ये टेंडर 2022 में दिए गए थे, उस समय जैन दिल्ली के जल मंत्री थे। जांच एजेंसी के मुताबिक, उदित प्रकाश राय पर 1.5 करोड़ रुपये की रिश्वत लेने का आरोप है।
2024 में दर्ज की गई FIR
इस मामले में 11 मई 2024 को FIR दर्ज की गई थी। ACB के जॉइंट कमिश्नर विक्रमजीत सिंह के मुताबिक, यह मामला विजिलेंस डायरेक्टरेट की शिकायत के बाद सामने आया, इसमें दिल्ली के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांटों के अपग्रेडेशन काम में अनियमितताओं, हेरफेर और आपराधिक साजिश के आरोप हैं।
2025 में ED की चार्जशीट
इस मामले में 2025 में ED ने चार्जशीट दाखिल की थी और जैन समेत 13 लोगों को आरोपी बनाया था। ED के मुताबिक, STP से जुड़े 4 टेंडर में 17.7 करोड़ रुपए का घोटाला हुआ है। मामले में सबूत इकट्ठा करने के बाद ACB ने सभी 6 लोगों को गिरफ्तार करने से पहले पूछताछ की थी। इस मामले में जैन और राय के अलावा अंकित श्रीवास्तव, नागेंद यादव, राजा कुमार कुर्रा और पंकज वर्मा को गिरफ्तार किया गया है।
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मनी लॉन्ड्रिंग केस में जेल जा चुके जैन
इससे पहले ED ने 30 मई 2022 को मनी लॉन्ड्रिंग केस में सत्येंद्र जैन को गिरफ्तार किया था। आरोप था कि उनसे जुड़ी चार कंपनियों के जरिए कथित तौर पर मनी लॉन्ड्रिंग की गई। इस मामले में CBI ने 2017 में केस दर्ज किया था। सुप्रीम कोर्ट ने मेडिकल आधार पर उन्हें मई 2023 में अंतरिम जमानत दी थी। बाद में उन्हें मार्च 2024 में दोबारा सरेंडर करना पड़ा। जैन को 18 अक्टूबर 2024 को राउज एवेन्यू कोर्ट से नियमित जमानत मिल गई थी।

