SIR के खिलाफ एकजुट हुआ I.N.D.I.A. ब्लॉक: 23 दलों ने मिलकर CJI को चिट्ठी लिखी, DMK और AAP भी साथ आईं
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8 जून को हुई इंडिया ब्लॉक की बैठक में ही यह तय हो गया था कि SIR के विरोध में CJI को चिट्ठी लिखी जाएगी। (फोटो सोर्स: ANI)
नेशनल डेस्क। चुनाव आयोग की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रोसेस और चुनाव से जुड़े अन्य मुद्दों को लेकर 23 विपक्षी दलों ने भारत के चीफ जस्टिस (CJI) सूर्यकांत को एक लेटर लिखा है। इस लेटर पर कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस (TMC), राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और शिवसेना (UBT) जैसे दलों के साथ-साथ द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) और आम आदमी पार्टी (AAP) के भी हस्ताक्षर हैं।
इस मुद्दे पर DMK और AAP का सपोर्ट मिलना राजनीतिक रूप से बेहद दिलचस्प है। ऐसा इसलिए क्योंकि दोनों दल हाल के महीनों में कांग्रेस की लीडरशिप वाले I.N.D.I.A. गठबंधन से दूरी बनाए हुए हैं।
AAP ने 2025 में यह कहते हुए I.N.D.I.A. ब्लॉक से अलग होने का फैसला किया था कि उसका सहयोग केवल 2024 के लोकसभा चुनाव तक सीमित था। वहीं, पिछले महीने DMK ने भी इस गठबंधन से अलग होने का इशारा किया। ऐसा इसलिए क्योंकि तमिलनाडू चुनाव में कांग्रेस और DMK का गठबंधन था लेकिन जब विजय की TVK सबसे ज्यादा सीट लाई तो कांग्रेस ने पाला बदल लिया।

जयराम रमेश ने क्या कहा?
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर जानकारी देते हुए कहा कि 8 जून 2026 को I.N.D.I.A. गठबंधन की बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया और चुनाव संबंधी अन्य मुद्दों पर CJI को संयुक्त पत्र भेजा जाएगा।
उन्होंने लिखा कि अब 23 राजनीतिक दलों और एक निर्दलीय प्रतिनिधि के हस्ताक्षर वाला पत्र मुख्य न्यायाधीश को भेज दिया गया है। उन्होंने विपक्षी एकजुटता को "SURE – Solidarity, Unity and Resistance" का नाम भी दिया।
तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा नेता डेरेक ओ'ब्रायन ने भी X पर रिएक्शन देते हुए कहा कि INDIA गठबंधन के लिए यह सकारात्मक कदम है। AAP और DMK का इस साझा पत्र पर हस्ताक्षर करना महत्वपूर्ण है।
क्या फिर मजबूत होगा INDIA गठबंधन?
लेटर पर DMK और AAP के हस्ताक्षर को विपक्षी एकजुटता की ओर बड़ा कदम माना जा रहा है लेकिन यह भी सच है कि तमिलनाडु में कांग्रेस और DMK की राह अब लंबे समय तक अलग-अलग ही रहनी है। उधर पंजाब में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में AAP और कांग्रेस आमने-सामने होगी। हालांकि जब बात केन्द्र की मोदी सरकार के खिलाफ एकजुट होने की होगी तो संभव है विपक्षी पार्टियां मिलकर मोर्चा संभालें।

