आतंकवाद पर दोहरा मापदंड नहीं चलेगा: मॉस्को में NSA डोभाल की दो टूक- तय करें कि आतंकवाद को समर्थन देने वालों के साथ या उससे लड़ने वालों के साथ
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NSA अजीत डोभाल मॉस्को में आयोजित पहले अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा फोरम और सुरक्षा मामलों के हाई रिप्रेजेंटेटिव की 14वीं मीटिंग में शामिल हुए।
नेशनल डेस्क. नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर (NSA) अजीत डोभाल ने मॉस्को में आयोजित पहले अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा फोरम और सुरक्षा मामलों के हाई रिप्रेजेंटेटिव की 14वीं मीटिंग को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में 'दोहरे मापदंड' से सफलता नहीं मिलेगी।
आतंकवाद को समर्थन या कार्रवाई करने वाले के साथ हैं
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस कार्यक्रम का फोकस मल्टीपोलर वर्ल्ड में इंटरनेशनल सिक्योरिटी के सामने आने वाली चुनौतियों और खतरों पर था। संबोधन में NSA डोभाल ने कहा- जिम्मेदार देशों को तय करना होगा कि वे आतंकवाद को समर्थन देने वालों के साथ हैं या उसके खिलाफ कार्रवाई करने वालों के साथ।
ग्लोबल इंस्टीट्यूशन और स्ट्रक्चर में रिफॉर्म की जरूरत
NSA डोभाल ने कहा- सेकंड वर्ल्ड वार के बाद 1945 में बने ग्लोबल इंस्टीट्यूशन और स्ट्रक्चर में रिफॉर्म की जरूरत है। मौजूदा इंटरनेशनल सिक्योरिटी चैलेंज से निपटने के लिए इन संस्थाओं को ज्यादा प्रभावी बनाया जाना चाहिए।
ग्लोबल साउथ देशों को ज्यादा रिप्रेजेंटेशन मिलना चाहिए
अजीत डोभाल ने कहा कि सुधारों के जरिए ग्लोबल साउथ देशों को ज्यादा रिप्रेजेंटेशन मिलना चाहिए और वैश्विक फैसलों में उनकी भागीदारी बढ़ाई जानी चाहिए।
पश्चिम एशिया की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा- स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और रेड सी जैसे इंटरनशनल वॉटरवे में ट्रेड की सुरक्षित और बिना रुकावट आवाजाही सुनिश्चित करना जरूरी है।

