NEET पर सड़क से संसद तक घमासान: राहुल गांधी बोले- 10 साल में 152 पेपर लीक, एक भी दोषी नहीं पाया गया
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सदन मेें काले कपड़े पहनकर पहुंचे राहुल गांधी, पवन खेड़ा, केसी वेणुगोपाल समेत अन्य विपक्षी सांसद
नेशनल डेस्क. NEET पेपर लीक और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सड़क से संसद तक घमासान जारी है। एक ओर जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के सदस्य धरना दे रहे हैं तो वहीं, विपक्षी सांसद काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे और परिसर में धरना दिया। उधर, राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया कि 10 साल में 152 पेपर लीक हुए हैं और एक भी दोषी नहीं पाया गया।
Live Updates:
- CJP चीफ अभिजीत दीपके ने सोनम वांगचुक से अनशन खत्म करने की अपील की।
- सरकार ने कहा- संसद में NEET मुद्दे पर चर्चा को तैयार है।
- मल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्यसभा में कहा- पहले शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें, तब चर्चा को तैयार होंगे।
- सरकार ने CJP नेताओं को बातचीत के लिए बुलाया।
- CJP ने कहा- जेपी नड्डा के आवास पर बातचीत के लिए नहीं जाएंगे। वे जंतर मंतर आएं यहां के आसपास कोई न्यूट्रल जगह पर मीटिंग करें।
- सुप्रीम कोर्ट ने प्रदर्शनकारियों पर पुलिस एक्शन के खिलाफ याचिका पर सुनवाई से इनकार किया। कहां- समय बर्बाद न करें।
- दिल्ली पुलिस ने आदेश दिया है कि जंतर-मंतर और उसके पास तैनात सभी जवान वर्दी में ही ड्यूटी पर जाएं।
- जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन जारी है।
- राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मोदी सरकार पर निशाना साधा।
राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस की बड़ी बातें
- राहुल गांधी ने कहा- पिछले 10 सालों में 152 पेपर लीक हुए हैं और एक भी दोषी नहीं पाया गया... यही कारण है कि हमारे युवा विरोध कर रहे हैं।
- हमारी शिक्षा लोगों की पहुंच से बाहर है। सरकार पूरे देश से टैक्स लेती है और कहती है कि इससे 1.4 लाख करोड़ रुपए शिक्षा में डाले जाएंगे। इसके बाद भारत की शिक्षा व्यवस्था इन परिवारों से कहती है कि हम 1.32 लाख करोड़ रुपए NEET परीक्षा देने के लिए लेंगे। यह सभी छात्रों और उनके परिवारों का अपमान है। यह मध्यम वर्गी और गरीबों के लिए मुश्किल की बात है। शिक्षा के बाद देश का कमिटमेंट होना चाहिए कि हम आपको रोजगार देंगे।
- राहुल ने कहा कि छात्रों की कुछ मांगें हैं, वे सभी जायज हैं। पहली मांग पूरी तरह से जायज है कि धर्मेंद्र प्रधान, जो शिक्षा मंत्री के तौर पर फेल हो चुके हैं और भ्रष्ट माने जाते हैं, उन्हें उनकी ड्यूटी से हटा दिया जाना चाहिए। धर्मेंद्र प्रधान ने सचमुच भारत की सबसे बड़ी संपत्ति को बर्बाद कर दिया है। हमारी शिक्षा प्रणाली खत्म कर दी गई है और इसलिए हम इन मांगों का पूरा सपोर्ट करते हैं और हम सड़कों पर उतरे हर एक स्टूडेंट का पूरा सपोर्ट करते हैं।
- दूसरी मांग यह है कि जिस एक आदमी ने हमारे स्टूडेंट्स पर उंगली उठाई और इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि इसे ऑर्डर करने वाले और इसे करने वाले लोग कौन हैं, उन्हें जवाबदेह बनाया जाना चाहिए।
- तीसरी बात यह है कि जो आदमी इस पूरे सिस्टम को चला रहा है, जो आदमी आखिरकार इस सब के लिए जवाबदेह है, उसमें इतनी तमीज होनी चाहिए कि वह जो हुआ है उसके लिए स्टूडेंट्स से माफी मांगे।
राहुल ने पीएम आवास के सामने दिया था धरना
इससे एक दिन पहले यानी मंगलवार को राहुल गांधी के नेतृत्व में तमाम कांग्रेसी नेताओं ने पीएम मोदी के आवास के सामने धरना दिया था। इसके बाद पुलिस ने सभी को हिरासत में ले लिया था। 3 घंटे बाद रात करीब 9 बजे सभी को रिहा कर दिया गया।
शरद पवार की PM मोदी से मुलाकात
विपक्ष के हंगामे के बीच NCP(SP) चीफ शरद पवार ने बुधवार को सदन में पीएम मोदी से मुलाकात की। इस दौरान उनके साथ उनकी बेटी सुप्रिया सुले भी मौजूद रहीं। ये मुलाकात ऐसे वक्त पर हुई, जब NCP के दोनों गुटों के मर्जर की अटकलें चल रही हैं। माना जा रहा है कि शरद पवार का गुट सदन में परिसीमन के मुद्दे पर NDA का समर्थन कर सकता है। शरद पवार के लोकसभा में 8 सांसद हैं।

कांग्रेस ने रखीं 3 मांगें
कांग्रेस सासंद केसी वेणुगोपाल ने कहा- पिछले 3 दिन से हम संसद में NEET एग्जाम पेपर लीक और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के मुद्दे पर सदन में बहस की मांग कर रहे हैं। लेकिन सरकार हमारी मांग नहीं मान रही है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने मंगलवार को कहा कि सरकार बहस के लिए तैयार है। लेकिन उन्होंने ये नहीं बताया कि किस नियम के तहत सरकार बहस कराने के लिए तैयार हुई है।
उन्होंने कहा- इस मुद्दे पर सरकार इतनी असंवेदनशील क्यों है? उन्हें बहस करने से क्या रोक रहा है? हम अपनी तीन मांगों पर आंदोलन जारी रखेंगे - NEET पेपर लीक, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और छात्रों के खिलाफ दर्ज FIR वापस लेना। हम छात्रों के लिए लड़ेंगे।
सरकार ने क्या कहा?
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा- पिछले तीन दिनों से हम यही कह रहे हैं कि सरकार NEET पेपर लीक मुद्दे पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है। पहले दिन से ही हम यही कहते आ रहे हैं कि चर्चा नियमों के अनुसार ही होनी चाहिए। चर्चा कब होगी, उसकी अवधि क्या होगी और किस नियम के तहत होगी, यह सभी दलों के सदन के नेताओं से बात करने के बाद तय किया जाना चाहिए। सरकार NEET पेपर लीक मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है।

20 जुलाई से घमासान जारी
NEET पेपर लीक के मुद्दे पर CJP पिछले 1 महीने से जंतर मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रही है। CJP ने 20 जुलाई को संसद मार्च बुलाया था। इस दौरान कुछ जगहों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प भी हुई। प्रदर्शनकारियों पर पथराव करने के भी आरोप लगे। वहीं, पुलिस पर लाठीचार्ज करने के आरोप लगे हैं। उग्र प्रदर्शन के मामले में पुलिस ने 5 FIR भी दर्ज की हैं।

अचानक पीएम आवास के सामने धरने पर बैठे राहुल गांधी
राहुल गांधी ने मंगलवार को पुलिस के लाठीचार्ज में घायल छात्रों से अस्पताल में मुलाकात की थी। इसके बाद वे पीएम आवास के सामने धरने पर बैठ गए। उनके साथ मल्ल्किार्जुन खड़गे, प्रियंका गांधी समेत कई कांग्रेसी नेता शामिल थे। इस प्रदर्शन में अखिलेश यादव भी शामिल हुए।

पीएम आवास पर प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह राहुल गांधी से मुलाकात करने पहुंचे। जितेंद्र सिंह ने दावा किया कि राहुल गांधी ने पहले मांग रखी थी कि वे NEET के मुद्दे पर सदन में चर्चा चाहते हैं। इस पर सरकार ने उनकी मांग मान ली। जब राहुल को ये बताया गया कि सरकार ने चर्चा के लिए तैयार है। तो उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की नई मांग रख दी। जितेंद्र सिंह ने राहुल पर वादाखिलाफी का आरोप भी लगाया।
राहुल धरने पर बैठे रहे, पुलिस ने हिरासत में लिया
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह से बातचीत के बाद भी राहुल गांधी समेत तमाम विपक्षी नेताओं ने पीएम आवास के सामने अपना धरना जारी रखा। इसके बाद पुलिस ने सभी नेताओं को हिरासत में ले लिया। 3 घंटे बाद सभी को रिहा कर दिया गया।


