J-K में आतंकियों ने पुलिस की टुकड़ी पर फायरिंग की: एक जवान शहीद; अमरनाथ यात्रा सिक्योरिटी में तैनात थी पार्टी
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अनंतनाग में आतंकी हमले के बाद सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके को घेर लिया।
नेशनल डेस्क. जम्मू कश्मीर के अनंतनाग में आतंकियों ने अमरनाथ यात्रा सिक्योरिटी में लगी पुलिस पार्टी पर फायरिंग कर दी। फायरिंग में एक पुलिसकर्मी की जान चली गई। ये हमला दोपहर 12.30 बजे अनंतनाग के लाल चौक पर हुआ। ये जम्मू कश्मीर में पिछले साल 22 अप्रैल को हुए पहलगाम हमले के बाद पहला आतंकी हमला है। पहलगाम हमले में 26 टूरिस्ट की मौत हुई थी।
NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, फायरिंग में ड्यूटी पर तैनात हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी को गोली लग गई। इसके बाद उन्हें अनंतनाग के सरकारी अस्पताल में ले जाया गया। जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

TRF ने ली हमले की जिम्मेदारी
लश्कर ए तैयबा के द रेसिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए हमले की जिम्मेदारी ली है। हमले के बाद सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके को घेरकर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है।

अनंतनाग में भारी सुरक्षाबल तैनात
अमरनाथ यात्रा की वजह से अनंतनाग में सुरक्षाबलों की भारी तैनाती है। हालांकि, जम्मू कश्मीर में खराब मौसम की वजह से 4 दिन के लिए यात्रा को बंद किया गया है।
आतंकियों को पनाह देने के मामले में मौलवी गिरफ्तार
उधर, जम्मू कश्मीर पुलिस ने किश्तवाड़ में पाकिस्तानी आतंकियों को पनाह देने और लॉजिस्टिक हेल्प देने के मामले में एक मौलवी को गिरफ्तार किया है। मौलवी का नाम रफीक नाइक है। वह सिंहपोरा किश्तवाड़ का रहने वाला है और एक मस्जिद में मौलवी है। पुलिस ने बताया- नाइक लश्कर कमांडर सैफुल्लाह के ग्रुप का मुख्य हैंडलर था। उसने सैफुल्लाह और उसके साथियों को रहने, खाने समेत अन्य व्यवस्था मुहैया कराईं, इसी वजह से ये आतंकी 2 साल तक चत्रू के जंगलों में छिपे रहे।
सैफुल्लाह को इसी साल सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में मार गिराया था। पुलिस का कहना है कि नाइक की मदद से ही वह इतने दिन तक सुरक्षाबलों से छिपने में सफल रहा।

