IPL में एलिमिनेटर टीम का बुरा हाल: नंबर-3 टीम एक बार खिताब जीती, नंबर-4 अब भी खाली हाथ; नंबर-2 ने सबसे ज्यादा 9 टाइटल जीते
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स्पोर्ट्स डेस्क. इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के इतिहास में जब से प्लेऑफ फॉर्मेट आया है, तब से पॉइंट्स टेबल में नंबर-3 और नंबर-4 पर रहने वाली टीमों का बुरा हाल हो गया है। हालांकि टॉप-2 में रहने वाली दोनों टीम की मौज हो गई है। प्लेऑफ फॉर्मेट आने के बाद IPL में अब तक पॉइंट्स टेबल में नंबर-2 पर रहने वाली टीम ने सबसे ज्यादा 9 बार खिताब जीते हैं।
नंबर-1 पर रहने वाली टीम 5 बार खिताब जीत चुकी है। नंबर-3 टीम ने एक ही बार खिताब पर कब्जा किया, जबकि नंबर-4 टीम तो अब तक टाइटल जीतने के लिए तरस रही है।
सिर्फ हैदराबाद एलिमिनेटर जीतकर खिताब जीती
प्लेऑफ में नंबर-3 और नंबर-4 के बीच एलिमिनेटर मैच खेला जाता है। अब तक यही देखने को मिला है कि एलिमिनेटर खेलने वाली टीम का एलिमिनेट होना तय होता है। यही वजह है कि एलिमिनेटर जीतने वाली टीम अब तक एक ही बार खिताब जीत सकी है।
यह इतिहास सनराइजर्स हैदराबाद टीम ने 2016 सीजन में रचा था। यह टीम 2016 सीजन की पॉइंट्स टेबल में तीसरे नंबर पर रही थी। उसने एलिमिनेटर मैच में चौथे नंबर की टीम कोलकाता को हराया था। इसके बाद क्वालिफायर-2 में गुजरात लायंस को मात दी। आखिर में बेंगलुरु टीम को हराकर खिताब जीता था।

नंबर-3 और नंबर-4 टीम के लिए खिताब मुश्किल क्यों? आसान भाषा में समझिए…
- प्लेऑफ राउंड में सबसे पहले क्वालिफायर-1, उसके बाद एलिमिनेटर और फिर क्वालिफायर-2 मैच होता है। इसके बाद फाइनल खेला जाता है।
- पॉइंट्स टेबल टॉप-2 टीम को खिताब के लिए क्वालिफायर-1 और फाइनल जीतना होता है। यानी दो मैच जीतकर वो टाइटल जीत सकती है।
- जबकि तीसरे और चौथे नंबर की टीम को टाइटल के लिए लगातार 3 मैच जीतने होते हैं। पहले एलिमिनेटर, क्वालिफायर-2 और फिर फाइनल जीतना होता है।
- दूसरी ओर टॉप-2 में रहने वाली टीम क्वालिफायर-1 में हारती है, तो उसे क्वालिफायर-2 खेलने का मौका मिलता है। यह जीतकर वो फाइनल में पहुंच सकती है।
- जबकि एलिमिनेटर में हारने वाली टीम बाहर हो जाती है, जीतने वाली टीम को क्वालिफायर-1 में हारने वाली टीम के साथ क्वालिफायर-2 मैच खेलना होता है। इसके बाद तीसरा मैच फाइनल होता है।
- यही एक वजह होती है कि IPL में एलिमिनेटर खेलने वाली टीम अब तक एक ही बार खिताब जीत सकी है।


