केरल में BJP का पहला मेयर: तिरुवनंतपुरम नगर निगम पर लेफ्ट का किला ध्वस्त; विधानसभा चुनाव के लिहाज से बड़ी कामयाबी
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केरल बीजेपी के अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर (दाएं) ने वी. वी. राजेश (बाएं) को मिठाई खिलाकर जीत का जश्न मनाया।
नेशनल डेस्क: केरल की राजनीति में BJP ने ऐतिहासिक सफलता दर्ज की है। पार्टी ने तिरुवनंतपुरम नगर निगम में पहली बार मेयर पद अपने नाम किया है। इस सीट पर पिछले 40 साल से लेफ्ट का कब्जा था। तिरुवनंतपुरम कॉर्पोरेशन में वी. वी राजेश को मेयर चुना गया है। वे अब केरल के इतिहास के पहले BJP मेयर बन गए हैं।
बहुमत से ज्यादा वोट मिले
101 सदस्यीय परिषद में हुई वोटिंग में राजेश को 51 वोट मिले थे, जोकि बहुमत से कहीं ज्यादा है। LDF लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट के कैंडिडेट को 29 वोट मिले। वहीं, UDF को 19 वोट मिले। 2 बैलेट पेपर इनवैलिड पाए गए, जबकि एक पार्षद ने मतदान में भाग नहीं लिया। वी. वी. राजेश केरल BJP में सचिव पद पर थे।
कांग्रेस गठबंधन को 4 सीटें
राज्य के 6 म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन में UDF को 6 सीटों पर जीत मिली। एक-एक सीट LDF और BJP के खाते में गई है। LDF यानी लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट केरल का वामपंथी (लेफ्ट) गठबंधन है। इसका नेतृत्व कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) यानी CPI(M) करती है। इस फ्रंट में करीब 10 से ज्यादा पार्टियां शामिल हैं, जैसे CPI, RSP, NCP, केरल कांग्रेस (बी) और कुछ अन्य क्षेत्रीय पार्टियां। फिलहाल केरल में LDF की सरकार है। इसकी अगुवाई पिनराई विजयन कर रहे हैं।
UDF यानी यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट कांग्रेस की अगुवाई वाला गठबंधन है। इसके साथ IUML (इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग), केरल कांग्रेस (M), RSP और कुछ छोटी पार्टियां शामिल हैं। यह गठबंधन राज्य में विपक्ष की भूमिका निभाता है।
साफ शब्दों में LDF यानी कम्युनिस्ट पार्टियों का गठबंधन। UDF यानी कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों का गठबंधन। दोनों ही हर चुनाव में एक-दूसरे के खिलाफ मुख्य मुकाबले में रहते हैं।
2026 में विधानसभा चुनाव
2026 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए BJP के लिए यह जीत बेहद अहम मानी जा रही है। पार्टी लंबे समय से केरल में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रही है। तिरुवनंतपुरम नगर निगम पर मिली यह जीत पार्टी को राजनीतिक बढ़त दिलाने वाला संकेत मानी जा रही है। विधानसभा चुनाव के लिहाज से ये बड़ी कामयाबी है।

