4 अगस्त को एक और संसद मार्च: E20 पेट्रोल पॉलिसी वापस लेने की मांग, दिल्ली टैक्सी और टूर ऑपरेटर्स प्रोटेस्ट करेंगे
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नेशनल डेस्क। NEET पेपर लीक को लेकर हुए CJP प्रोटेस्ट के खत्म होने के बाद अब दिल्ली में एक और बड़ा विरोध प्रदर्शन होने जा रहा है। दिल्ली टैक्सी एंड टूरिस्ट ट्रांसपोर्ट और टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ने 4 अगस्त को संसद तक मार्च निकालने का ऐलान किया है। एसोसिएशन 20 फीसदी एथेनॉल मिले पेट्रोल की पॉलिसी के खिलाफ यह मार्च निकालेगा।
एसोसिएशन के प्रेसिडेंट संजय सम्राट ने बताया कि एथेनॉल मिले पेट्रोल से देशभर में चलने वाली लाखों टू व्हीलर, कारों और टैक्सियों पर असर पड़ रहा है। उनका आरोप है कि यह पॉलिसी मौजूदा वाहनों को वक्त से पहले कबाड़ बनने की ओर धकेल सकती है।
उन्होंने कहा कि पेट्रोल पंप पर गाड़ी मालिक जब 100 का पेट्रोल खरीदते हैं तो उन्हें एथेनॉल के नाम पर 20 फीसदी गन्ने का रस मिला पेट्रोल मिलता है। इससे लोग खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। उनके मुताबिक, गाड़ी मालिकों को इससे आर्थिक नुकसान के साथ मानसिक परेशानी भी झेलनी पड़ रही है।
गडकरी पर निशाना
संजय सम्राट ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले 10 सालों से ट्रांसपोर्टेशन सेक्टर से जुड़े लोगों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया गया और अब E20 लाकर उन्होंने बची कुची कसर भी पूरी कर दी।
संजय सम्राट ने यह भी कहा कि लोकसभा की 543 सीटों में से नितिन गडकरी को छोड़कर बाकी 542 सांसदों को संसद में इस पॉलिसी का विरोध करना चाहिए। एसोसिएशन ने मांग की है कि देशभर से एथेनॉल मिलाने वाली पेट्रोल पॉलिसी पूरी तरह वापस ली जाए।
E20 कंट्रोवर्सी: इंजन और माइलेज पर असर के दावे
E20 पेट्रोल को लेकर बीते कुछ महीनों से बहुत कुछ मिला-जुला रिएक्शन सामने आया है। किसी ने इससे गाड़ियों के इंजन में गड़बड़ी होने की बात कही है तो किसी ने इसके कारण इंजन में फंगस लगने का दावा किया। माइलेज कम होने की पुष्टि भी हुई है। केन्द्र सरकार ने भी माना है कि इससे गाड़ियों का एवरेज कम हो सकता है हालांकि इसे लेकर हो रहे बाकी दावों को सरकार पूरी तरह से खारिज करती रही है।
E20 को लेकर नितिन गडकरी सबसे ज्यादा ट्रोल हो रहे हैं। हाल ही में उन्होंने बॉम्बे हाईकोर्ट में इसे लेकर एक याचिका भी लगाई है। इसमें उन्होंने अपील की है कि उनके खिलाफ सोशल मीडिया पर चल रहे फर्जी दावों वाले पोस्ट रिमूव किए जाएं। इसे लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट ने उन्हें तमाम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर केस करने की सलाह भी दी है।
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